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ड्रोन से होगी नहरों की सिल्ट सफाई कार्य की मॉनीटरिंग

Sat, 28 Oct 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
अमर उजाला ब्यूराो Updated Sat, 28 Oct 2017 12:47 AM IST
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drone monitoring on canal silt cleaning
administration - फोटो : demo

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नहरों की सिल्ट सफाई कार्य की मॉनीटरिंग ड्रोन से की जाएगी। सिंचाई विभाग की भूमि पर यदि बहुत पुराना कब्जा है, तो उस समय तैनात रहे अधिकारी से पूछताछ कर कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि से कब्जों को सख्ती से हटाया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। यह निर्देश जनपद प्रभारी प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग एवं जल संसाधन सुरेश चंद्रा ने विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।

प्रमुख सचिव ने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं को सही तरकी से क्रियान्वित करने में सहयोग दें। योजनाओं का लाभ सबसे निर्धन व्यक्ति को प्राप्त हो। योजनाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। यदि ऐसा पाया जाता है, तो कार्रवाई की जाए। अधिकारी भ्रमण के दौरान गांव में कई लाभकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लें और नजर बनाए रखें कि किसी अपात्र को योजना का लाभ न मिल पाए। मनरेगा की समीक्षा करते हुए बोले कि प्रधान, रोजगार सेवक, सचिव द्वारा फर्जी भुगतान निकालने की शिकायत मिल रही है।
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सीडीओ को निर्देश दिए कि संबंधित क्षेत्र के बीडीओ अथवा एडीओ से जानकारी लें और जवाबदेही तय करें। वित्तीय भ्रष्टाचार को सख्ती से रोका जाए। स्वच्छता कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को एक-एक गांव की जिम्मेदारी लेने का सुझाव दिया, ताकि ओडीएफ में गति आ सके। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं की मृत्युदर बढ़ने पर नाराजगी जताई और 47 मृत्यु की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जनपद में 836 गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क पर हैं। उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा परिजनों को हाईरिस्क की जानकारी दें, ताकि प्रसव में परेशानी न हो। गर्भवती महिला की मृत्यु होने पर एमओआईसी, एएनएम, आशा से लिखित जानकारी लें। अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता कराई जाए। दो साल से महिला चिकित्सक अनुपस्थित रहने पर शासन को सेवा समाप्ति की कार्रवाई के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए। जनपद में लगभग ग्यारह हजार अति कुपोषित बच्चे हैं। इसके स्वास्थ्य के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछताछ की। डीपीओ करुणा जायसवाल ने बताया 136000 बच्चों के आधार कार्ड बनने हैं। अब तक 84,000 कार्ड बन चुके हैं। शेष जल्द बन जाएंगे। विभिन्न पेंशन की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि मृतक लाभार्थी का सत्यापन करा लिया जाए।
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अपात्र का द्वितीय सत्यापन जरूर हो। जिन लाभार्थियों की पेंशन रोक दी गई है, उन प्रकरणों की पुन: जांच कर लें। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव बोले कि जहां मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे गए हैं, वहां के किसान उसके अनुसार खेती कार्य करें तो उत्पादन व उत्पादकता में सुधार आएगा। कहा कि जीआईसी व जीजीआईसी में विषय विशेषज्ञ अध्यापक कक्षा में पढ़ाएं, कोचिंग सेंटर में नहीं। उन्होंने ग्रामीण पेयजल योजना, आईजीआरएस, दैवीय आपदा, विद्युत व परिवहन विभाग की भी समीक्षा की। डीएम कर्ण सिंह चौहान, एसएसपी जेके शुक्ला, सीडीओ ए दिनेश कुमार, नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया, सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह, एडीएम वित्त विजय बहादुर सिंह, एडीएम अनुनय झा, डीडीओ रंजीत सिंह मौजूद रहे।
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