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डीआरएम कार्यालय में सीबीआई का छापा
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cbi ne drm office ke kekha or bitt bibhajh me mara chapa
डीआरएम कार्यालय में सीबीआई का छापा
झांसी। सीबीआई व उत्तर मध्य रेलवे विजिलेंस इलाहाबाद की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को डीआरएम कार्यालय के लेखा एवं वित्त विभाग में छापा मारा। टीम के सदस्यों ने ग्वालियर स्थित स्प्रिंग कारखाना सिथौली से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जांच को बेहद गोपनीय रखा गया।
बृहस्पतिवार की दोपहर सीबीआई और उत्तर मध्य रेलवे विजिलेंस टीम के डीआरएम कार्यालय पहुंचने पर हड़कंप मच गया। टीम ने लेखा एवं वित्त विभाग को अपना निशाना बनाया। हालांकि, तब तक अन्य विभागों के अफसर व कर्मचारियों को भी सीबीआई और विजिलेंस की मौजूदगी का पता लग गया। सभी सतर्क हो गए। चूंकि, लेखा एवं वित्त विभाग में मंडल में होने वाले सभी कार्यो के वित्तीय बिल स्वीकृत होते हैं, इसलिए सभी मामला गंभीर मान रहे थे। टीम के सदस्य दिनभर लेखा एवं वित्त विभाग के अधिकारियों से अलग- अलग फाइलें मंगाकर देखते रहे। खासकर जांच में ग्वालियर स्थित सिथौली स्प्रिंग वर्कशाप की फाइलें शामिल थीं, जिनमें एक अफसर व कुछ कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच बारीकी से चलती रही। देर शाम तक टीम दस्तावेजों की जांच करती रही। इस मामले में डीआरएम संदीप माथुर ने बताया कि जांच टीम स्प्रिंग कारखाना सिथौली से जुड़े किसी मामले की पड़ताल करने आई थी। टीम का अधिकारियों ने पूरा सहयोग किया।
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झांसी। सीबीआई व उत्तर मध्य रेलवे विजिलेंस इलाहाबाद की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को डीआरएम कार्यालय के लेखा एवं वित्त विभाग में छापा मारा। टीम के सदस्यों ने ग्वालियर स्थित स्प्रिंग कारखाना सिथौली से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। जांच को बेहद गोपनीय रखा गया।
बृहस्पतिवार की दोपहर सीबीआई और उत्तर मध्य रेलवे विजिलेंस टीम के डीआरएम कार्यालय पहुंचने पर हड़कंप मच गया। टीम ने लेखा एवं वित्त विभाग को अपना निशाना बनाया। हालांकि, तब तक अन्य विभागों के अफसर व कर्मचारियों को भी सीबीआई और विजिलेंस की मौजूदगी का पता लग गया। सभी सतर्क हो गए। चूंकि, लेखा एवं वित्त विभाग में मंडल में होने वाले सभी कार्यो के वित्तीय बिल स्वीकृत होते हैं, इसलिए सभी मामला गंभीर मान रहे थे। टीम के सदस्य दिनभर लेखा एवं वित्त विभाग के अधिकारियों से अलग- अलग फाइलें मंगाकर देखते रहे। खासकर जांच में ग्वालियर स्थित सिथौली स्प्रिंग वर्कशाप की फाइलें शामिल थीं, जिनमें एक अफसर व कुछ कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच बारीकी से चलती रही। देर शाम तक टीम दस्तावेजों की जांच करती रही। इस मामले में डीआरएम संदीप माथुर ने बताया कि जांच टीम स्प्रिंग कारखाना सिथौली से जुड़े किसी मामले की पड़ताल करने आई थी। टीम का अधिकारियों ने पूरा सहयोग किया।
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