{"_id":"676f07f2deeb2137af03cd67","slug":"drinking-water-supply-of-chirgaon-village-has-been-stalled-for-thirty-days-eight-thousand-people-are-worried-jhansi-news-c-167-1-sjhs1005-102250-2024-12-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: तीस दिन से ठप है चिरगांव देहात की पेयजल आपूर्ति, आठ हजार लोग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: तीस दिन से ठप है चिरगांव देहात की पेयजल आपूर्ति, आठ हजार लोग परेशान
विज्ञापन
चिरगांव। ग्राम पंचायत चिरगांव देहात ब्लॉक के लोग तीस दिन से पानी के लिए परेशान हैं। जल निगम के पंप आपरेटरों द्वारा हड़ताल करने के कारण लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। जल निगम के अधिकारी एक-दूसरे के पाले में गेंद फेंककर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इस कारण चिरगांव देहात की आठ हजार की आबादी पानी को तरस रही है।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के अंतर्गत चिरगांव देहात ग्राम पेयजल योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2018 में जल निगम द्वारा 14 करोड़ 13 लाख 86 हजार की लागत से आठ टयूवबेल लगाए गए थे। जिनके द्वारा एक 25 केएल तथा दूसरी 650 केएल की टंकी भरी जाती थी। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के 27 मोहल्लों में पाइपलाइन के द्वारा पेयजल की सप्लाई की जा रही थी। इन क्षेत्रों में 1200 उपभोक्ताओं ने कनेक्शन ले रखे थे। जिनसे 50 रुपये प्रतिमाह बिल लिया जाता था। इन टयूवबेलों को चलाने के लिए पहले आठ कर्मचारी रखे गए थे, बाद में कम वेतन मिलने के कारण पांच छोड़कर चले गए अब सिर्फ तीन कर्मचारी ही टयूवबेल चलाते थे। जिन्हें आठ माह से वेतन नहीं दिया गया है। इस कारण इन्होंने पंप चलाना बंद कर दिया है। पंप न चलने से ग्राम पंचायत की पेयजल सप्लाई बंद हो गई है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत चिरगांव देहात के प्रधान प्रतिनिधि रिंकू कुशवाहा ने बताया कि जल निगम के अधिकारी ग्राम पंचायत के अधीन इस स्कीम को करना चाहते हैं। लेकिन उन्होंने यह कहकर इंकार कर दिया कि जबतक टंकी एवं पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो जाती है, तब तक वह नहीं ले सकेंगेे। इस आशय का पत्र उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को भेज दिया है। वहीं, जल निगम के मैकेनिकल अवर अभियंता आशुतोष पांडेय ने कहा कि टंकी में कुछ खराबी की शिकायत आई थी। जिसे ठीक कराने एवं वेतन के लिए सिविल डिवीजन को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
जल निगम के सिविल विभाग के अवर अभियंता बिजेंद्र जोशी का कहना था कि टंकी में स्पॉट हैं, लीकेज नहीं है। अभी टंकी को भर दिया गया है। अगर फिर भी पानी निकलता है तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी। उनका कहना था कि जब कई दिनों तक टंकी खाली रहती है तो स्पाॅट आ जाते हैं। हम एक सप्ताह तक इंतजार कर रहे हैं।
वेतन मिले तो घर चले
पंप आपरेटर हरी सिंह, राकेश राजपूत, अजुद्दी राजपूत ने बताया कि आठ माह का वेतन बकाया है। इसके साथ ही तीन माह का पिछला बकाया चल रहा है। उनका कहना था कि दो कर्मचारियों को पांच-पांच हजार तथा दो कर्मचारियों को ढाई-ढाई हजार वेतन दिया जाता है। इतने कम वेतन पर काम करते हैं। इसके बाद भी अधिकारी सुन नहीं रहे हैं।
मोहल्ले में अधिकांश घरों में कनेक्शन हैं। जिसका भुगतान छह सौ रुपये प्रतिवर्ष करते आ रहे हैं। इसके बाद भी वह पानी के लिए परेशान हैं। कभी इस घर से भर लेते हैं, तो कभी दूसरे के दरवाजे पर पानी भरने पहुंच जाते हैं। - सूरज बाबा, मोहल्ला अंजनी पुरा
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
पानी की समस्या के कारण वह मजदूरी करने नहीं जा पा रही हैं। अगर किसी के दरवाजे पर सुबह से खाली बर्तन लेकर पहुंच जाओ तो नानुकर करता है। इसलिए सुबह आठ बजे के बाद ही पानी भरने जा पाते हैं। - मीरा कुशवाहा, रामनगर रोड
विज्ञापन
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के अंतर्गत चिरगांव देहात ग्राम पेयजल योजना शुरू की गई थी। वर्ष 2018 में जल निगम द्वारा 14 करोड़ 13 लाख 86 हजार की लागत से आठ टयूवबेल लगाए गए थे। जिनके द्वारा एक 25 केएल तथा दूसरी 650 केएल की टंकी भरी जाती थी। इसके साथ ही ग्राम पंचायत के 27 मोहल्लों में पाइपलाइन के द्वारा पेयजल की सप्लाई की जा रही थी। इन क्षेत्रों में 1200 उपभोक्ताओं ने कनेक्शन ले रखे थे। जिनसे 50 रुपये प्रतिमाह बिल लिया जाता था। इन टयूवबेलों को चलाने के लिए पहले आठ कर्मचारी रखे गए थे, बाद में कम वेतन मिलने के कारण पांच छोड़कर चले गए अब सिर्फ तीन कर्मचारी ही टयूवबेल चलाते थे। जिन्हें आठ माह से वेतन नहीं दिया गया है। इस कारण इन्होंने पंप चलाना बंद कर दिया है। पंप न चलने से ग्राम पंचायत की पेयजल सप्लाई बंद हो गई है।
विज्ञापन
इस संबंध में ग्राम पंचायत चिरगांव देहात के प्रधान प्रतिनिधि रिंकू कुशवाहा ने बताया कि जल निगम के अधिकारी ग्राम पंचायत के अधीन इस स्कीम को करना चाहते हैं। लेकिन उन्होंने यह कहकर इंकार कर दिया कि जबतक टंकी एवं पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो जाती है, तब तक वह नहीं ले सकेंगेे। इस आशय का पत्र उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को भेज दिया है। वहीं, जल निगम के मैकेनिकल अवर अभियंता आशुतोष पांडेय ने कहा कि टंकी में कुछ खराबी की शिकायत आई थी। जिसे ठीक कराने एवं वेतन के लिए सिविल डिवीजन को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
जल निगम के सिविल विभाग के अवर अभियंता बिजेंद्र जोशी का कहना था कि टंकी में स्पॉट हैं, लीकेज नहीं है। अभी टंकी को भर दिया गया है। अगर फिर भी पानी निकलता है तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी। उनका कहना था कि जब कई दिनों तक टंकी खाली रहती है तो स्पाॅट आ जाते हैं। हम एक सप्ताह तक इंतजार कर रहे हैं।
वेतन मिले तो घर चले
पंप आपरेटर हरी सिंह, राकेश राजपूत, अजुद्दी राजपूत ने बताया कि आठ माह का वेतन बकाया है। इसके साथ ही तीन माह का पिछला बकाया चल रहा है। उनका कहना था कि दो कर्मचारियों को पांच-पांच हजार तथा दो कर्मचारियों को ढाई-ढाई हजार वेतन दिया जाता है। इतने कम वेतन पर काम करते हैं। इसके बाद भी अधिकारी सुन नहीं रहे हैं।
मोहल्ले में अधिकांश घरों में कनेक्शन हैं। जिसका भुगतान छह सौ रुपये प्रतिवर्ष करते आ रहे हैं। इसके बाद भी वह पानी के लिए परेशान हैं। कभी इस घर से भर लेते हैं, तो कभी दूसरे के दरवाजे पर पानी भरने पहुंच जाते हैं। - सूरज बाबा, मोहल्ला अंजनी पुरा
पानी की समस्या के कारण वह मजदूरी करने नहीं जा पा रही हैं। अगर किसी के दरवाजे पर सुबह से खाली बर्तन लेकर पहुंच जाओ तो नानुकर करता है। इसलिए सुबह आठ बजे के बाद ही पानी भरने जा पाते हैं। - मीरा कुशवाहा, रामनगर रोड