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पहूज को नालों ने कर दिया मैला, सवा लाख लोग गंदा पानी पीने को मजबूर

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2020 11:27 PM IST
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drains in pahuj river people bound to drink impure water
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : demo
पहूज नदी में गिरने वाले सीपरी बाजार और नंदनपुरा के नाले सालों से पानी को मैला कर रहे हैं। नदी का पानी महानगर की सवा लाख आबादी को पीना पड़ता है। यही नहीं, गंदगी से नदी का स्वरूप भी बदलता जा रहा है। गंदगी और दुर्गंध के चलते नदी के पास खड़ा होना मुश्किल है। पूर्व सांसद / केंद्रीय जल संसाधन एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने पहूज नदी को गोद लिया था। नदी को गंदगी से बचाने और पानी को स्वच्छ करने की अभी तक कोई कारगर योजना नहीं बनी है। पहूज नदी वर्षों से गंदी की जा रही है। रेलवे वर्कशाप, सीपरी बाजार, नंदनपुरा, प्रेमनगर, आवास विकास कॉलोनी समेत आसपास के नालों का गंदा पानी पहूज नदी में जा रहा है। खाती बाबा क्षेत्र से रेलवे वर्कशाप, रेलवे कॉलोनी, केके पुरी, संगम विहार से लहरगांव होते हुए नाला पहूज नदी में गिरता है। इसी तरह नंदनपुरा, ताज कंपाउंड, सीपरी बाजार का नाला भी पहूज नदी में गिरता है। इतना ही नहीं, सीपरी बाजार और नंदनपुरा क्षेत्र की छोटी- बड़ी नालियों का गंदा पानी भी नदी में गिरता है। इन नालों का गंदा पानी नदी के पानी में मिलकर फिल्टर प्लांट तक जाता है, जहां फिटकरी से उसे साफ किया जाता है। बाद में घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है। उम्मीद थी कि उनके कार्यकाल में नदी के दिन बहुर जाएंगे, लेकिन यह बात सपना बनकर ही रह गई। यह भी जानिए दतिया गेट पर पहूज बांध से आने वाले कच्चे पानी को शुद्ध करने के लिए दो प्लांट बने हैं। दोनों प्लांटों तक पानी लाने के लिए पहूज बांध से दतिया गेट फिल्टर प्लांट तक नौ किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डली हुई है। दतिया गेट वाटर फिल्टर प्लांट से पंचवटी और नरसिंह राव टौरिया पानी की टंकी को भरा जाता है। जुड़े हैं यह क्षेत्र पहूज से मोहल्ला थापक बाग, अंदर व बाहर दतिया गेट, पंचवटी, अंदर व बाहर अलीगोल खिड़की, चार खंभा, नईबस्ती, मुकरयाना, बिसातखाना, नरसिंह राव टौरिया, चांद दरवाजा, ऋषिकुंज, उनाव गेट, एकता कॉलोनी, राई का ताजिया, दरीगरान, झारखड़िया और आसपास के अन्य मुहल्लों में पानी की सप्लाई दी जाती है। नदी से जुड़ी आस्था पहूज नदी के साथ झांसी और दूरदराज के जिलों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। मान्यता है कि उनाव बालाजी में पहूज नदी में नहाने से चर्म रोग (सेहुआं) ठीक हो जाते हैं। आस्था की नदी होने के बाद भी इसमें नालों का पानी बहाया जा रहा है। - पहूज नदी में गंदगी न गिरे इसके लिए दो- तीन योजनाएं बनाईं गईं थीं। नदी में कोई गंदगी न फेंक सके, इसके लिए पुल के ऊपर जालियां लगा दी गई हैं। दूसरा नदी में गिरने वाले सभी नालों के ऊपर स्माल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना है। नालों का पानी साफ करके नदी में गिराया जाएगा, जिससे गंदगी नदी में नहीं जाएगी। यह काम स्मार्ट सिटी के अंतर्गत होना है। रामतीर्थ सिंघल, महापौर।
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