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Jhansi News: बढ़ी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की दर, गरीब तबके पर नहीं पड़ेगा असर
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की दरों में ढाई गुना तक इजाफा कर दिया है। हालांकि, निर्धन वर्ग पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। मध्यम और उच्च तबके के लोगों को ही अब कूड़ा उठान का ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। इसके अलावा वाणिज्यिक कूड़ा उठान की दरों में भी बढ़ोतरी हुई है।
नगर निगम में बृहस्पतिवार को हुई सदन की बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की दरों में बढ़ोतरी पर मुहर लगी है। महानगर में करीब डेढ़ लाख घर हैं, जहां से नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जाता है। टेंडर के जरिए एक कंपनी को कूड़ा उठान का काम मिला है। अब तक नगर निगम मकानों से 40 रुपये कूड़ा उठान का लेता था। मगर अब मकानों को तीन श्रेणियों में बांटकर पैसा लिया जाएगा। राहत की बात ये है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, बीपीएल कार्ड, 500 वर्गफुट तक के मकानाें से कूड़ा उठान की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे मकानाें से 40 रुपये ही लिए जाएंगे। जबकि, 500 से 1500 वर्गफुट के मकानों से 70 रुपये और 1500 वर्गफुट के ऊपर के भवनों से 100 रुपये लिया जाएगा। वहीं, बिना खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अब कूड़ा उठान पर 200 रुपये प्रतिमाह भुगतान करना होगा। अब तक इनसे 100 रुपये लिए जाते थे। वहीं, खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से 900 रुपये हर महीने कूड़ा उठान के लिए जाएंगे। मौजूदा समय में ऐसे प्रतिष्ठान 500 रुपये प्रतिमाह भुगतान करते हैं।
नगर निगम के खजाने का बोझ होगा कम
झांसी। घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी को नगर निगम प्रत्येक घर का 125 रुपये भुगतान करता है। ऐसे में 40 रुपये भवन स्वामी से लेने पर निगम को 85 रुपये हर महीने का नुकसान झेलना पड़ रहा था। मकानों से ज्यादा बोझ वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठान का पड़ रहा था। बिना खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठाने पर निगम कंपनी को 200 और खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का 900 भुगतान कर रहा था। महानगर में करीब तीन हजार बिना खानपान और दो हजार खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठान हैं। दरों में इजाफा होने के बाद अब खानपान की दुकानों से कूड़ा उठान पर नगर निगम पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। इससे निगम के खजाने का बोझ कम होगा। बिना खानपान वाली हर दुकान का जरूर निगम द्वारा कंपनी को 40 रुपये भुगतान किया जाएगा।
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वर्जन..
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की संशोधित दरों का असर गरीब वर्ग पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। मध्यम और उच्च वर्ग के लोगों के घरों से ही कूड़ा उठान की दरों में सामान्य बढ़ोतरी की गई हैं। इसका प्रस्ताव नगर निगम सदन की बैठक में रखा गया था, जिसको सदन ने मंजूरी दे दी है। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।
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झांसी। नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की दरों में ढाई गुना तक इजाफा कर दिया है। हालांकि, निर्धन वर्ग पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। मध्यम और उच्च तबके के लोगों को ही अब कूड़ा उठान का ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। इसके अलावा वाणिज्यिक कूड़ा उठान की दरों में भी बढ़ोतरी हुई है।
नगर निगम में बृहस्पतिवार को हुई सदन की बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की दरों में बढ़ोतरी पर मुहर लगी है। महानगर में करीब डेढ़ लाख घर हैं, जहां से नगर निगम द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जाता है। टेंडर के जरिए एक कंपनी को कूड़ा उठान का काम मिला है। अब तक नगर निगम मकानों से 40 रुपये कूड़ा उठान का लेता था। मगर अब मकानों को तीन श्रेणियों में बांटकर पैसा लिया जाएगा। राहत की बात ये है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, बीपीएल कार्ड, 500 वर्गफुट तक के मकानाें से कूड़ा उठान की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे मकानाें से 40 रुपये ही लिए जाएंगे। जबकि, 500 से 1500 वर्गफुट के मकानों से 70 रुपये और 1500 वर्गफुट के ऊपर के भवनों से 100 रुपये लिया जाएगा। वहीं, बिना खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अब कूड़ा उठान पर 200 रुपये प्रतिमाह भुगतान करना होगा। अब तक इनसे 100 रुपये लिए जाते थे। वहीं, खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से 900 रुपये हर महीने कूड़ा उठान के लिए जाएंगे। मौजूदा समय में ऐसे प्रतिष्ठान 500 रुपये प्रतिमाह भुगतान करते हैं।
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नगर निगम के खजाने का बोझ होगा कम
झांसी। घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कंपनी को नगर निगम प्रत्येक घर का 125 रुपये भुगतान करता है। ऐसे में 40 रुपये भवन स्वामी से लेने पर निगम को 85 रुपये हर महीने का नुकसान झेलना पड़ रहा था। मकानों से ज्यादा बोझ वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठान का पड़ रहा था। बिना खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठाने पर निगम कंपनी को 200 और खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का 900 भुगतान कर रहा था। महानगर में करीब तीन हजार बिना खानपान और दो हजार खानपान वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठान हैं। दरों में इजाफा होने के बाद अब खानपान की दुकानों से कूड़ा उठान पर नगर निगम पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। इससे निगम के खजाने का बोझ कम होगा। बिना खानपान वाली हर दुकान का जरूर निगम द्वारा कंपनी को 40 रुपये भुगतान किया जाएगा।
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