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‘डॉन’ को मिलेगा बम तलाशने का प्रशिक्षण
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आरपीएफ डॉग स्क्वाएड का नया सदस्य स्वान डॉन।
- फोटो : REPORTERS
‘डॉन’ को मिलेगा बम तलाशने का प्रशिक्षण
झांसी। आरपीएफ डॉग स्क्वाएड का नया सदस्य ‘डॉन’ बन गया है। सिकंदराबाद से आया लैब्राडोर नस्ल का यह स्वान (कुत्ता) अभी तीन महीने का हो चुका है। इस स्वान को बम व अन्य विस्फोटक तलाशने का विशेषज्ञ बनाया जाएगा। दस साल के हो चुके स्वान मार्शल के सात मई को सेवानिवृत्त होने के बाद
उसकी जगह यह कुत्ता लाया गया है। वर्तमान में रेल मंडल के अंदर आरपीएफ झांसी के पास तीन व ग्वालियर के पास दो डॉग हैं।
रेल मंडल में डॉग स्क्वाएड के छह पद हैं। इनमें चार झांसी और दो ग्वालियर के लिए हैं। झांसी में अभी तीन खोजी कुत्ते हैं। अभी आरपीएफ झांसी के पास बम संबंधित मामलों के लिए नौ साल का लैब्राडोर नस्ल का स्वान सम्राट और चोरी, डकैती, हत्या जैसे मामलों के खुलासे में मदद करने वाला तीन साल का स्वान तूफान हैं। दस साल का होने पर लैब्राडोर नस्ल के स्वान मार्शल को सात मई 2019 को सेवानिवृत्त कर दिया गया था। उसे आगरा के पशु रक्षक केंद्र पर भेज दिया गया है। मार्शल की जगह को पूरा करने के लिए सिंकदराबाद से लैब्राडोर नस्ल का एक नया कुत्ता लाया गया है, जिसको वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त उमाकांत तिवारी ने डॉन नाम दिया है। साथ में दो और कुत्ते भी आए थे, जिनमें एक ग्वालियर व एक अलीगढ़ को दे दिया गया। तीनों कुत्तों को प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच के कूपे में लाया गया था।
डॉग स्क्वाएड प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक आरएन सिंह की देखरेख में डॉन का लालन पालन शुरू कर दिया गया है। साथ में पांच और कर्मचारी लगे हैं। जल्द ही उसे परिपक्व बनाने के लिए ट्रेनिंग को भेजा जाएगा।
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एक स्वान पर आता है दस हजार रुपये का खर्च
रेल प्रशासन एक स्वान के खाने पीने पर दस हजार रुपये प्रति माह खर्च करता है। पहले कुत्तों को मांस दिया जाता था, लेकिन वह देना बंद कर दिया गया है। अब डॉग फूड रॉयल केनल ही खिलाया जाता है।
तूफान ने बरामद कराया था माल
विगत 25 फरवरी 2019 को ललितपुर सेक्शन में बदमाशों ने एक मालगाड़ी से सामान गिरा लिया था। स्वान तूफान की मदद से सामान को बरामद कर लिया गया था। मौके की गंध से तूफान सामान तक पहुंच गया था। साथ रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन शताब्दी एक्सप्रेस व अन्य आकस्मिक चेकिंग डॉग स्क्वाएड के साथ ही की जाती है।
यहां होती है ट्रेनिंग
डॉग स्क्वाएड को नई दिल्ली स्थित बीसीटीसी दयाबस्ती 6 बटालियन, सेलम मंडल के पोतनूर जोनल ट्रेनिंग सेंटर आरपीएफ व आरपीएसएफ टेकनपुर ग्वालियर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।
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झांसी। आरपीएफ डॉग स्क्वाएड का नया सदस्य ‘डॉन’ बन गया है। सिकंदराबाद से आया लैब्राडोर नस्ल का यह स्वान (कुत्ता) अभी तीन महीने का हो चुका है। इस स्वान को बम व अन्य विस्फोटक तलाशने का विशेषज्ञ बनाया जाएगा। दस साल के हो चुके स्वान मार्शल के सात मई को सेवानिवृत्त होने के बाद
उसकी जगह यह कुत्ता लाया गया है। वर्तमान में रेल मंडल के अंदर आरपीएफ झांसी के पास तीन व ग्वालियर के पास दो डॉग हैं।
रेल मंडल में डॉग स्क्वाएड के छह पद हैं। इनमें चार झांसी और दो ग्वालियर के लिए हैं। झांसी में अभी तीन खोजी कुत्ते हैं। अभी आरपीएफ झांसी के पास बम संबंधित मामलों के लिए नौ साल का लैब्राडोर नस्ल का स्वान सम्राट और चोरी, डकैती, हत्या जैसे मामलों के खुलासे में मदद करने वाला तीन साल का स्वान तूफान हैं। दस साल का होने पर लैब्राडोर नस्ल के स्वान मार्शल को सात मई 2019 को सेवानिवृत्त कर दिया गया था। उसे आगरा के पशु रक्षक केंद्र पर भेज दिया गया है। मार्शल की जगह को पूरा करने के लिए सिंकदराबाद से लैब्राडोर नस्ल का एक नया कुत्ता लाया गया है, जिसको वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त उमाकांत तिवारी ने डॉन नाम दिया है। साथ में दो और कुत्ते भी आए थे, जिनमें एक ग्वालियर व एक अलीगढ़ को दे दिया गया। तीनों कुत्तों को प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच के कूपे में लाया गया था।
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डॉग स्क्वाएड प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक आरएन सिंह की देखरेख में डॉन का लालन पालन शुरू कर दिया गया है। साथ में पांच और कर्मचारी लगे हैं। जल्द ही उसे परिपक्व बनाने के लिए ट्रेनिंग को भेजा जाएगा।
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एक स्वान पर आता है दस हजार रुपये का खर्च
रेल प्रशासन एक स्वान के खाने पीने पर दस हजार रुपये प्रति माह खर्च करता है। पहले कुत्तों को मांस दिया जाता था, लेकिन वह देना बंद कर दिया गया है। अब डॉग फूड रॉयल केनल ही खिलाया जाता है।
तूफान ने बरामद कराया था माल
विगत 25 फरवरी 2019 को ललितपुर सेक्शन में बदमाशों ने एक मालगाड़ी से सामान गिरा लिया था। स्वान तूफान की मदद से सामान को बरामद कर लिया गया था। मौके की गंध से तूफान सामान तक पहुंच गया था। साथ रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन शताब्दी एक्सप्रेस व अन्य आकस्मिक चेकिंग डॉग स्क्वाएड के साथ ही की जाती है।
यहां होती है ट्रेनिंग
डॉग स्क्वाएड को नई दिल्ली स्थित बीसीटीसी दयाबस्ती 6 बटालियन, सेलम मंडल के पोतनूर जोनल ट्रेनिंग सेंटर आरपीएफ व आरपीएसएफ टेकनपुर ग्वालियर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है।