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सावधान! भूखे कुत्ते हो गए खूंखार, दो दिन में 200 लोगों को काटा
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dog bitten 200 people
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झांसी। अगर आप खाने पीने का सामान लेकर सड़क पर निकल रहे हैं तो सावधान हो जाइए। महानगर के भूखे कुत्ते खूंखार हो गए हैं। लॉकडाउन में होटल, चिकिन, मटन, मछली समेत खाने-पीने की दुकानें बंद होने से कुत्तों को खाना नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे लोगों के हाथ में खाने का सामान देखकर हमला कर रहे हैं। कुत्तों ने दो दिन में 200 से अधिक लोगों को काटा है। इनमें से 142 लोग अपना इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे हैं।
लॉकडाउन के दौरान न कोई होटल खुल रहा है और न ही कहीं पर छोले, चाट या अन्य कोई खाद्य पदार्थ बिक रहा है जिससे आवारा कुत्तों को कहीं भी कुछ खाने को नहीं मिल पा रहा है। मुहल्लों के कुछ लोग जरूर उनको रोटी दे रहे हैं, लेकिन सड़कों पर आवारा घूमने वाले कुत्तों को भूखा रहना पड़ रहा है, जिससे वे उग्र हो रहे हैं। लोगों के हाथों में खाने का थैला या पैकेट देखकर कुत्ते तेजी से झपट रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को दौड़ाने के बाद अपना शिकार बना रहे हैं। दो दिन के भीतर केवल महानगर के मोहल्लों में कुत्ते 200 से ज्यादा लोगों को काट चुके हैं। इनमें से 142 ने जिला अस्पताल में अपना इलाज कराया और बाकी ने प्राइवेट चिकित्सकों की शरण ली।
15 हजार से अधिक आवारा कुत्ते बने खतरा
शहर में पंद्रह हजार से अधिक कुत्ते हैं। इनमें सबसे ज्यादा शहर क्षेत्र के साथ डडियापुरा रोड, नारायण बाग तिराहा, बड़ागांव गेट बाहर, नरिया बाजार, मिनर्वा चौराहा, मिशन कंपाउंड, उन्नाव गेट, चांद दरवाजा, दतिया गेट बाहर, खंडेराव गेट बाहर, सराय मोहल्ला, पठौरिया, आशिक चौराहा, जर्मनी अस्पताल, आईटीआई आदि क्षेत्रों में इनका आतंक तेजी से बढ़ा है। इन पर लंबे समय से नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह अब तक संभव नहीं हो पाया है।
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नहीं हो पा रहा खाने का इंतजाम
आवारा कुत्तों को खाने के इंतजाम के बारे में मुख्य सचिव ने भी निर्देश जारी किए हैं। लेकिन, इसके बाद भी कुत्तों के खाने का पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सका। अफसर जरूर घूम-घूम कर इनको खाना खिला रहे हैं, लेेकिन पुख्ता इंतजाम न होने के कारण कुत्ते भूखे घूम रहे हैं।
गांव क्षेत्र के लोग नहीं आ रहे इलाज कराने
दो दिन में 142 से अधिक लोगों को काटने का मामला शहर क्षेत्र का है। लॉकडाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग इलाज कराने नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे लोगों की मुसीबतें अधिक बढ़ गई हैं।
जिला अस्पताल में दो दिन के अंदर 142 लोगोें को इंजेक्शन लगाए गए हैं। भूख की वजह से कुत्ते उग्र हो रहे हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।
डॉ. एमसी वर्मा, सीएमएस
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लॉकडाउन के दौरान न कोई होटल खुल रहा है और न ही कहीं पर छोले, चाट या अन्य कोई खाद्य पदार्थ बिक रहा है जिससे आवारा कुत्तों को कहीं भी कुछ खाने को नहीं मिल पा रहा है। मुहल्लों के कुछ लोग जरूर उनको रोटी दे रहे हैं, लेकिन सड़कों पर आवारा घूमने वाले कुत्तों को भूखा रहना पड़ रहा है, जिससे वे उग्र हो रहे हैं। लोगों के हाथों में खाने का थैला या पैकेट देखकर कुत्ते तेजी से झपट रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को दौड़ाने के बाद अपना शिकार बना रहे हैं। दो दिन के भीतर केवल महानगर के मोहल्लों में कुत्ते 200 से ज्यादा लोगों को काट चुके हैं। इनमें से 142 ने जिला अस्पताल में अपना इलाज कराया और बाकी ने प्राइवेट चिकित्सकों की शरण ली।
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15 हजार से अधिक आवारा कुत्ते बने खतरा
शहर में पंद्रह हजार से अधिक कुत्ते हैं। इनमें सबसे ज्यादा शहर क्षेत्र के साथ डडियापुरा रोड, नारायण बाग तिराहा, बड़ागांव गेट बाहर, नरिया बाजार, मिनर्वा चौराहा, मिशन कंपाउंड, उन्नाव गेट, चांद दरवाजा, दतिया गेट बाहर, खंडेराव गेट बाहर, सराय मोहल्ला, पठौरिया, आशिक चौराहा, जर्मनी अस्पताल, आईटीआई आदि क्षेत्रों में इनका आतंक तेजी से बढ़ा है। इन पर लंबे समय से नियंत्रण पाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह अब तक संभव नहीं हो पाया है।
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नहीं हो पा रहा खाने का इंतजाम
आवारा कुत्तों को खाने के इंतजाम के बारे में मुख्य सचिव ने भी निर्देश जारी किए हैं। लेकिन, इसके बाद भी कुत्तों के खाने का पर्याप्त इंतजाम नहीं हो सका। अफसर जरूर घूम-घूम कर इनको खाना खिला रहे हैं, लेेकिन पुख्ता इंतजाम न होने के कारण कुत्ते भूखे घूम रहे हैं।
गांव क्षेत्र के लोग नहीं आ रहे इलाज कराने
दो दिन में 142 से अधिक लोगों को काटने का मामला शहर क्षेत्र का है। लॉकडाउन के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग इलाज कराने नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे लोगों की मुसीबतें अधिक बढ़ गई हैं।
जिला अस्पताल में दो दिन के अंदर 142 लोगोें को इंजेक्शन लगाए गए हैं। भूख की वजह से कुत्ते उग्र हो रहे हैं, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।
डॉ. एमसी वर्मा, सीएमएस