{"_id":"65dcf0a47674e766580a8174","slug":"district-hospital-122-nursing-staff-required-work-going-on-for-44-jhansi-news-c-360-1-jh11006-103950-2024-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल : 122 नर्सिंग स्टाफ की दरकार, 44 से चल रहा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल : 122 नर्सिंग स्टाफ की दरकार, 44 से चल रहा काम
Tue, 27 Feb 2024 01:42 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:42 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिला अस्पताल में भले ही स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए लाखों रुपये की आधुनिक मशीनें लगाई गईं हों लेकिन, यहां नर्सिंग स्टाफ से लेकर लैब टेक्नीशियन तक का टोटा है। अस्पताल को 122 नर्सिंग स्टाफ की दरकार है, लेकिन काम सिर्फ 44 नर्स कर रही हैं। कर्मियों की कमी के चलते एक नर्स को दो-दो वार्ड संभालने पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल के पुरुष मेडिकल, महिला मेडिकल, पुरुष सर्जरी, महिला सर्जरी, चिल्ड्रेन, आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड में कुल 178 पलंग हैं। यहां रोज चार से पांच ऑपरेशन होते हैं। इन व्यवस्थाओं को संभालने के लिए अस्पताल में 122 नर्सिंग स्टाफ की जरूरत है। लेकिन, यहां सिर्फ 44 नर्सिंग स्टाफ है। इनमें 17 स्टाफ नर्स, 19 आउटसोर्स और 8 संविदा कर्मी हैं। इनमें से भी औसतन चार नर्स प्रतिदिन छुट्टी पर रहती हैं। ऐसे में 40 नर्स पर ही पूरा भार होता है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 17 पद खाली हैं।
--
ऑपरेशन थिएटर में भी स्टाफ की कमी
जिला अस्पताल के नेत्र और अन्य सर्जरी के लिए दो ऑपरेशन थिएटर हैं। इनमें कम से कम 6 एक्सपर्ट नर्स की दरकार है लेकिन, यहां सिर्फ दो नर्स ही हैं।
--
लैब का समय बढ़ा पर स्टाफ नहीं
अस्पताल की लैब में भी टेक्नीशियन की भारी कमी है। मरीजों की सुविधा के लिए ब्लड सैंपल लेने का समय दोपहर 12 बजे से बढ़ाकर शाम चार बजे तक कर दिया है। लेकिन, यहां छह लैब टेक्नीशियन के मुकाबले मात्र दो टेक्नीशियन ही काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
--
डॉक्टरों की संख्या है पर्याप्त
अस्पताल में सभी श्रेणी में मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। अच्छी बात यह है कि यहां चिकित्सकों की संख्या पर्याप्त है। इमरजेंसी, रात्रि, ओपीडी और ऑपरेशन के लिए 50 चिकित्सक तैनात हैं।
--
वर्जन
अस्पताल में स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी है। ऐसे में जो स्टाफ उपलब्ध है वही पूरा काम संभाले हुए है। शासन को इससे अवगत कराया गया है। आगे जो भी दिशा-निर्देश होंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा।
- डॉ. प्रमोद कुमार कटियार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
विज्ञापन
झांसी। जिला अस्पताल में भले ही स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने के लिए लाखों रुपये की आधुनिक मशीनें लगाई गईं हों लेकिन, यहां नर्सिंग स्टाफ से लेकर लैब टेक्नीशियन तक का टोटा है। अस्पताल को 122 नर्सिंग स्टाफ की दरकार है, लेकिन काम सिर्फ 44 नर्स कर रही हैं। कर्मियों की कमी के चलते एक नर्स को दो-दो वार्ड संभालने पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल के पुरुष मेडिकल, महिला मेडिकल, पुरुष सर्जरी, महिला सर्जरी, चिल्ड्रेन, आईसीयू और इमरजेंसी वार्ड में कुल 178 पलंग हैं। यहां रोज चार से पांच ऑपरेशन होते हैं। इन व्यवस्थाओं को संभालने के लिए अस्पताल में 122 नर्सिंग स्टाफ की जरूरत है। लेकिन, यहां सिर्फ 44 नर्सिंग स्टाफ है। इनमें 17 स्टाफ नर्स, 19 आउटसोर्स और 8 संविदा कर्मी हैं। इनमें से भी औसतन चार नर्स प्रतिदिन छुट्टी पर रहती हैं। ऐसे में 40 नर्स पर ही पूरा भार होता है। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 17 पद खाली हैं।
विज्ञापन
ऑपरेशन थिएटर में भी स्टाफ की कमी
जिला अस्पताल के नेत्र और अन्य सर्जरी के लिए दो ऑपरेशन थिएटर हैं। इनमें कम से कम 6 एक्सपर्ट नर्स की दरकार है लेकिन, यहां सिर्फ दो नर्स ही हैं।
लैब का समय बढ़ा पर स्टाफ नहीं
अस्पताल की लैब में भी टेक्नीशियन की भारी कमी है। मरीजों की सुविधा के लिए ब्लड सैंपल लेने का समय दोपहर 12 बजे से बढ़ाकर शाम चार बजे तक कर दिया है। लेकिन, यहां छह लैब टेक्नीशियन के मुकाबले मात्र दो टेक्नीशियन ही काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
डॉक्टरों की संख्या है पर्याप्त
अस्पताल में सभी श्रेणी में मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। अच्छी बात यह है कि यहां चिकित्सकों की संख्या पर्याप्त है। इमरजेंसी, रात्रि, ओपीडी और ऑपरेशन के लिए 50 चिकित्सक तैनात हैं।
वर्जन
अस्पताल में स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी है। ऐसे में जो स्टाफ उपलब्ध है वही पूरा काम संभाले हुए है। शासन को इससे अवगत कराया गया है। आगे जो भी दिशा-निर्देश होंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा।
- डॉ. प्रमोद कुमार कटियार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल