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पैंतीस साल की प्रभा ने अपनाया वैराग्य मार्ग, अब इनका नया नाम संकल्प श्री
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झांसी। प्राचीन जैन तीर्थ करगुवांजी में बुधवार को ब्रह्मचारिणी बहन प्रभा जैन (गोलू दीदी) को आर्यिका विभाश्री माताजी ने जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की। बहन प्रभा जैन को दीक्षा संस्कार के दौरान आर्यिका संकल्पश्री माताजी नाम दिया गया। इस दौरान ब्रह्मचारिणी बहन के वैराग्य मार्ग पर बढ़ते देखकर हजारों श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। श्रावक-श्राविकाओं ने उनके रत्नत्रय (संयमित जीवन) की अनुमोदना की।
करगुवां जैन तीर्थ पर सुबह दीक्षा महोत्सव का शुभारंभ भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक और पूजन कर किया गया। इस मौके पर गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने कहा कि जैनेश्वरी दीक्षा संघ की कीर्ति को बढ़ाने वाली होती है। साधक का पहला कवच उसकी समता है। साधु-साध्वी आत्मान्वेषी होते हैं, ना कि दूसरों के दोषों को देखने वाले। उन्होंने कहा कि अखंड ब्रह्मचर्य और ज्ञान, ध्यान, तप में लीनता साधु जीवन की विशेषताएं हुआ करती हैं।
इस दौरान आर्यिका माताजी ने समारोह में मौजूद लोगों से दीक्षार्थी प्रभा जैन को दीक्षा देने की अनुमति मांगी तो पूरे सभागार में मौजूद लोगों ने खड़े होकर जयकारे लगाकर अनुमति प्रदान की। आर्यिका विभाश्री माताजी ने बहन प्रभा जैन को मंत्रोच्चारण पूर्वक दीक्षा संस्कार दिए। इसके बाद बहन प्रभा जैन ने सारे आभूषण और रंगीन वस्त्रों का त्याग किया। दीक्षा के उपरांत ब्रह्मचारिणी प्रभा जी का नया नाम आर्यिका संकल्पश्री माताजी रखा गया। समारोह में पूज्य माताजी के जयकारे गूंजते रहे। कार्यक्रम के दौरान आर्यिका संघ और परिजनों ने दीक्षा के बाद आर्यिका संकल्पश्री माताजी को संयम उपकरण पिच्छी, कमंडलु और शास्त्र भेंट किया। इसके साथ ही श्वेत साड़ी भेंट की।
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प्रारंभ में महिला जैन मिलन, विद्यापूर्ण एवं बहू मंडल विद्यापूर्ण की महिलाओं एवं बालिकाओं ने संगीत के बीच मंगलाचरण एवं भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए। इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष अजीत जैन, मुख्य संयोजक राजीव जैन सिर्स ने भी अपने जीवन में साधुता ग्रहण करने की भावना प्रकट की। माताजी का पाद प्रक्षालन प्रकाश चंद पाटनी कोटा और शास्त्र भेंट राजीव जैन अंजलि जैन ने किया। इस मौके पर धर्म प्रभावना की दृष्टि से एक लकी ड्रा भी निकाला गया। विधि-विधान पंडित कमल कुमार कमलांकुर भोपाल ने संपन्न कराया। संचालन सौरभ जैन सर्वज्ञ, आभार गौरव जैन नीम और तीर्थ मंत्री संजय सिंघई ने जताया।
परिजनों और समाज से मांगी क्षमा
झांसी। दीक्षा संस्कार के दौरान बहन प्रभा जैन ने परिजनों और समाज से गृहस्थावस्था के दौरान हुईं भूलों और गलतियों के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि अब वे वैराग्य पथ पर आगे बढ़ रही हैं। गृहस्थावस्था के दौरान हुईं भूलों के लिए वे सभी से क्षमा मांगती हैं। इस दृश्य को देख हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
केशलोंच देख भाव विभोर हुए श्रावक
दीक्षा महोत्सव के दौरान सुबह दीक्षार्थी बहन प्रभा जैन का केशलोंच किया गया। इस दौरान हाथों से सिर से बाल हटाने की क्रिया देख श्रावक-श्राविकाएं भाव विभोर हो गए। साथ ही हल्दी की रस्म हुईं।
ये रहे मौजूद
झांसी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सदर विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, प्रवीण जैन, हेमंत जैन बिहार, लोकेश जैन पाटनी उमरगा, सुरेंद्र जैन, डॉ. प्रमोद जैन देवेंद्र नगर, स्वतंत्र भैया टीकमगढ़, राकेश किशोर जैन बड़जात्या सूरत, संगीता पाटनी नागौर, प्रकाश जैन काजू कोटा समेत भोपाल, चिरगांव, गुरसराय, रानीपुर, बबीना, सोनागिर, ललितपुर समेत तमाम जगहों से श्रद्धालुओं ने दीक्षा की अनुमोदना की। इस मौके पर कार्य अध्यक्ष यूथप सराफ , वरुण जैन, महामंत्री कमल जैन, मनोज सिंघई, रविंद्र जैन रेलवे, मनोज जैन अछरौनी, विनोद जैन ठेकेदार, राकेश जैन, अशोक जैन लाला, विकास जैन, अमन जैन, दीपांक जैन, अरुण जैन, सौरभ जैन, अनूप जैन, रिया जैन, प्रियंका जैन, मीरा जैन, सोनम जैन, आयुषी जैन, अनीता जैन, मंजू जैन, ज्योति जैन मौजूद रहे।
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करगुवां जैन तीर्थ पर सुबह दीक्षा महोत्सव का शुभारंभ भगवान पार्श्वनाथ के अभिषेक और पूजन कर किया गया। इस मौके पर गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने कहा कि जैनेश्वरी दीक्षा संघ की कीर्ति को बढ़ाने वाली होती है। साधक का पहला कवच उसकी समता है। साधु-साध्वी आत्मान्वेषी होते हैं, ना कि दूसरों के दोषों को देखने वाले। उन्होंने कहा कि अखंड ब्रह्मचर्य और ज्ञान, ध्यान, तप में लीनता साधु जीवन की विशेषताएं हुआ करती हैं।
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इस दौरान आर्यिका माताजी ने समारोह में मौजूद लोगों से दीक्षार्थी प्रभा जैन को दीक्षा देने की अनुमति मांगी तो पूरे सभागार में मौजूद लोगों ने खड़े होकर जयकारे लगाकर अनुमति प्रदान की। आर्यिका विभाश्री माताजी ने बहन प्रभा जैन को मंत्रोच्चारण पूर्वक दीक्षा संस्कार दिए। इसके बाद बहन प्रभा जैन ने सारे आभूषण और रंगीन वस्त्रों का त्याग किया। दीक्षा के उपरांत ब्रह्मचारिणी प्रभा जी का नया नाम आर्यिका संकल्पश्री माताजी रखा गया। समारोह में पूज्य माताजी के जयकारे गूंजते रहे। कार्यक्रम के दौरान आर्यिका संघ और परिजनों ने दीक्षा के बाद आर्यिका संकल्पश्री माताजी को संयम उपकरण पिच्छी, कमंडलु और शास्त्र भेंट किया। इसके साथ ही श्वेत साड़ी भेंट की।
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प्रारंभ में महिला जैन मिलन, विद्यापूर्ण एवं बहू मंडल विद्यापूर्ण की महिलाओं एवं बालिकाओं ने संगीत के बीच मंगलाचरण एवं भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए। इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष अजीत जैन, मुख्य संयोजक राजीव जैन सिर्स ने भी अपने जीवन में साधुता ग्रहण करने की भावना प्रकट की। माताजी का पाद प्रक्षालन प्रकाश चंद पाटनी कोटा और शास्त्र भेंट राजीव जैन अंजलि जैन ने किया। इस मौके पर धर्म प्रभावना की दृष्टि से एक लकी ड्रा भी निकाला गया। विधि-विधान पंडित कमल कुमार कमलांकुर भोपाल ने संपन्न कराया। संचालन सौरभ जैन सर्वज्ञ, आभार गौरव जैन नीम और तीर्थ मंत्री संजय सिंघई ने जताया।
परिजनों और समाज से मांगी क्षमा
झांसी। दीक्षा संस्कार के दौरान बहन प्रभा जैन ने परिजनों और समाज से गृहस्थावस्था के दौरान हुईं भूलों और गलतियों के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि अब वे वैराग्य पथ पर आगे बढ़ रही हैं। गृहस्थावस्था के दौरान हुईं भूलों के लिए वे सभी से क्षमा मांगती हैं। इस दृश्य को देख हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
केशलोंच देख भाव विभोर हुए श्रावक
दीक्षा महोत्सव के दौरान सुबह दीक्षार्थी बहन प्रभा जैन का केशलोंच किया गया। इस दौरान हाथों से सिर से बाल हटाने की क्रिया देख श्रावक-श्राविकाएं भाव विभोर हो गए। साथ ही हल्दी की रस्म हुईं।
ये रहे मौजूद
झांसी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सदर विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, प्रवीण जैन, हेमंत जैन बिहार, लोकेश जैन पाटनी उमरगा, सुरेंद्र जैन, डॉ. प्रमोद जैन देवेंद्र नगर, स्वतंत्र भैया टीकमगढ़, राकेश किशोर जैन बड़जात्या सूरत, संगीता पाटनी नागौर, प्रकाश जैन काजू कोटा समेत भोपाल, चिरगांव, गुरसराय, रानीपुर, बबीना, सोनागिर, ललितपुर समेत तमाम जगहों से श्रद्धालुओं ने दीक्षा की अनुमोदना की। इस मौके पर कार्य अध्यक्ष यूथप सराफ , वरुण जैन, महामंत्री कमल जैन, मनोज सिंघई, रविंद्र जैन रेलवे, मनोज जैन अछरौनी, विनोद जैन ठेकेदार, राकेश जैन, अशोक जैन लाला, विकास जैन, अमन जैन, दीपांक जैन, अरुण जैन, सौरभ जैन, अनूप जैन, रिया जैन, प्रियंका जैन, मीरा जैन, सोनम जैन, आयुषी जैन, अनीता जैन, मंजू जैन, ज्योति जैन मौजूद रहे।