{"_id":"6ae3aad9b944dfd0950c5e81","slug":"digital-payment-facility-now-available-at-ramraja-temple-jhansi-news-c-11-1-jhs1002-907218-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: रामराजा मंदिर में अब डिजिटल भुगतान सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: रामराजा मंदिर में अब डिजिटल भुगतान सुविधा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
निवाड़ी। ओरछा स्थित श्री रामराजा मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था का विस्तार किया गया है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड टेंपल मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के साथ एसबीआई पेमेंट्स की पीओएस मशीनों का एकीकरण हुआ है।
इन मशीनों से श्रद्धालु यूपीआई भुगतान कर सकेंगे। वे डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड तथा एनएफसी आधारित कॉन्टैक्टलेस भुगतान भी कर पाएंगे। आईटीएमएस 2.0 के अंतर्गत मंदिर प्रबंधन की विभिन्न व्यवस्थाओं को डिजिटल बनाया जा रहा है। इसी क्रम में रामराजा लोक के नवनिर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की किराया व्यवस्था भी डिजिटल हो रही है। इसके तहत दुकानों के किराये के बिल सॉफ्टवेयर से तैयार होंगे। किराये की राशि जमा करने की सुविधा भी विकसित की जा रही है।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अविनाश पाठक ने बताया कि रेंटल मॉड्यूल तैयार करने का कार्य प्रगति पर है। इसे शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बिलिंग और भुगतान व्यवस्थित होगा। यह मॉड्यूल कार्यों को अधिक पारदर्शी तरीके से प्रबंधित करने में मदद करेगा। साथ ही इससे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक विकल्प मिलेंगे और मंदिर प्रबंधन भी डिजिटल बनेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
निवाड़ी। ओरछा स्थित श्री रामराजा मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था का विस्तार किया गया है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड टेंपल मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के साथ एसबीआई पेमेंट्स की पीओएस मशीनों का एकीकरण हुआ है।
इन मशीनों से श्रद्धालु यूपीआई भुगतान कर सकेंगे। वे डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड तथा एनएफसी आधारित कॉन्टैक्टलेस भुगतान भी कर पाएंगे। आईटीएमएस 2.0 के अंतर्गत मंदिर प्रबंधन की विभिन्न व्यवस्थाओं को डिजिटल बनाया जा रहा है। इसी क्रम में रामराजा लोक के नवनिर्मित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की किराया व्यवस्था भी डिजिटल हो रही है। इसके तहत दुकानों के किराये के बिल सॉफ्टवेयर से तैयार होंगे। किराये की राशि जमा करने की सुविधा भी विकसित की जा रही है।
विज्ञापन
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अविनाश पाठक ने बताया कि रेंटल मॉड्यूल तैयार करने का कार्य प्रगति पर है। इसे शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बिलिंग और भुगतान व्यवस्थित होगा। यह मॉड्यूल कार्यों को अधिक पारदर्शी तरीके से प्रबंधित करने में मदद करेगा। साथ ही इससे श्रद्धालुओं को सुविधाजनक विकल्प मिलेंगे और मंदिर प्रबंधन भी डिजिटल बनेगा।
विज्ञापन