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Jhansi News: पुरातत्व विभाग के हाथ से फिसली दिगारा की गढ़ी

Sat, 07 Jun 2025 01:56 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Jun 2025 01:56 AM IST
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Digara ki bastion slipped from the hands of Archaeological department

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। राज-रजवाड़ों एवं सरकारी महकमे के बीच छिड़े विवाद के चलते पुरातत्व विभाग के हाथ से दिगारा की गढ़ी निकल गई। इस विवाद के चलते पुरातत्व विभाग को दिगारा की गढ़ी को डी-नोटिफाई करते हुए पुरातत्व महत्व की इमारतों की सूची से इसे बाहर करना पड़ा। राज्य सरकार ने बुधवार को इस संबंध में डी-नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया।

बुंदेला, चंदेल वंशीय शासकों के चलते बुंदेलखंड का खासा राजनीतिक प्रभाव रहा है। उस काल में बुंदेलखंड में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कई किले एवं गढ़ियां बनीं। इनकी मजबूती एवं खूबसूरती आज भी आश्चर्यचकित करती है। ऐसे ही 17वीं शताब्दी में बुंदेला शासकों ने दिगारा में एक सुंदर गढ़ी बनवाई थी। पहाड़ी की चोटी पर होने से यह अपनी खूबसूरती से आज भी लोगों को आकर्षित करती है। इस गढ़ी की ऐतिहासिकता को देखते हुए वर्ष 2023 में पुरातत्व विभाग ने बेहद जटिल एवं लंबी प्रक्रिया पूरी करके इसे संरक्षित स्थल घोषित कर दिया। बाहर पुरातत्व विभाग की ओर से बोर्ड भी लगा दिया गया था।
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पुरातत्व विभाग के संरक्षित घोषित करते ही हिमाचल प्रदेश में रहने वाले नलिन तोमर, महिजीत सिंह ने गढ़ी पर अपना दावा ठोंक दिया। इधर, यूपी सरकार का महिला कल्याण विभाग भी अपना हक जताने लगा। इनके बीच का विवाद कोर्ट जा पहुंचा। इसको देखते हुए सरकार को दिगारा गढ़ी को संरक्षित इमारतों की सूची से बाहर करने का फैसला लेना पड़ा। प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा. मनोज कुमार यादव का कहना है कि इस संबंध में डी-नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है।
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इनसेट



असमंजस में समथर का किला

समथर के राजा रणजीत सिंह जूदेव के निधन के बाद समथर का किला भी वीरान हो गया है। इसकी देखरेख करने वाला यहां कोई नहीं है। किले के बाहर बने प्राचीन शिव मंदिर को संवारने की पुरातत्व विभाग ने कवायद तो शुरू कर दी, लेकिन किले के स्वामित्व पर असमंजस को देखते हुए किले को लेकर हिचक रहे हैं। पुरातत्व विभाग की जुटाई गई जानकारी में मालूम चला कि राजा समथर की बेटी का विवाह धौलपुर रियासत की महारानी एवं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के परिवार में हुआ। ऐसे में किले के स्वामित्व को लेकर असमंजस होने से पुरातत्व विभाग यहां काम कराने को राजी नहीं है।

इनसेट

झांसी में पुरातात्विक महत्व के किले एवं गढ़ियां



बौना चोर का किला, बौंडा

टहरौली का किला



ठकुरपुरा की गढ़ी

अम्मरगढ़ का किला



डिमरौनी की गढ़ी

गुसाइयों का किला



बुनकरों की गढ़ी

लोहागढ़ किला



गुरसराय का किला
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