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इलेक्ट्रिक इंजनों की ओर बढ़ रहा रेलवे, डीजल लोको शेड में होगा बदलाव

Sun, 13 Jun 2021 12:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jun 2021 12:48 AM IST
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Diesel loco shed change increase railway electronic engine
झांसी। रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण के साथ-साथ इलेक्ट्रिक इंजनों के उपयोग के लिए रेलवे तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए झांसी मंडल में 46 साल पुराने डीजल लोको शेड को इलेक्ट्रिक लोको शेड में बदलने की तैयारी हो रही है। शनिवार को अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान महाप्रबंधक के सामने बदलाव की योजना प्रस्तुत की।
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भारतीय रेलवे को विश्व का सबसे बड़ा हरित रेलवे बनाने के लिए विद्युत इंजनों का उत्पादन बढ़ाया गया है। साथ ही डीजल इंजनों की उपयोगिता खत्म की जा रही है। 46 साल पुराने उत्तर मध्य रेलवे के डीजल लोकोशेड में फिलहाल मेल, एक्सप्रेस, यात्री, माल और शंटिंग इंजनों का रखरखाव किया जाता है। जिसमें 28 डब्ल्यूएजी, 7 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव, 74 एल्को लोको, 13 शंटिंग लोको और 32 एचएचपी लोको शामिल हैं। इसके साथ ही दुर्घटना राहत क्रेन, चिकित्सा वैन समेत तमाम अन्य लोको की भी मरम्मत और निगरानी होती है। इसके साथ ही स्टाफ के लिए चार कक्षाओं का प्रशिक्षण केंद्र और छात्रावास भी संचालित किया जाता है।
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मंडल में पिछले साल जुलाई से डीजल इंजनों को इलेक्ट्रिक इंजनों में बदलने का काम शुरू कर दिया गया था। जिसके तहत मौजूदा समय में 25 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव का काम चल रहा है। अब रेलवे ने 2024 तक डीजल इंजनों को हटाने के लिए योजना बनाई है। शनिवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य मोटिव पावर इंजीनियर अनिल द्विवेदी ने महाप्रबंधक वीके त्रिपाठी को योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 तक शेड में 100 इलेक्ट्रिक इंजनों की निगरानी और रखरखाव का काम किया जाएगा। कोई डीजल इंजन नहीं होगा। डीजल इंजन केवल शंटिंग और आपात स्थिति के लिए ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकोशेड के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं होगा। अधिकांश कर्मचारी वर्ग समान रहेंगे। विद्युत इंजनों के लिए पर्यवेक्षक, टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। महाप्रबंधक एनसीआर वीके त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे को अधिक कुशल, आर्थिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एकीकृत योजना बनाई जा रही है। बैठक में एनसीआर के उप महाप्रबंधक रंजन यादव, प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता सतीश कोठारी, मंडल रेल प्रबंधकए झांसी संदीप माथुर समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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