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30 दिन में दूसरी बार महंगा हुआ डायबिटीज का इलाज
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झांसी। पिछले 30 दिनों में दूसरी बार डायबिटीज की दवाओं में करीब 10 फीसदी का इजाफा हो गया है। ऐसे में मधुमेह का इलाज कराना महंगा हो गया है। इसके अलावा एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड की दवाओं की कीमतें भी बढ़ गई हैं। कच्चे माल की कीमतों बढ़ना इसकी वजह बताई गई है।
दवाओं के कच्चे काल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। दवा विक्रेताओं ने बताया कि अब डायबिटीज, एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड की दवाओं के कच्चे माल की कीमतें 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं। ऐसे में डायबिटीज मरीजों के लिए मेटफॉरमिन और ग्लाइमीप्रिट के मिश्रण से बनने वाली दवा 155 रुपये से बढ़कर से 170 की हो गई है। इन सॉल्ट से 100 से 150 प्रकार की दवाएं बनती हैं। एंटीबायोटिक की दवाओं में 15 से लेकर 44 फीसदी तक का उछाल आया है। सिफेक्जिम का 90 रुपये का पत्ता अब 130 का हो गया है। सिफोडॉक्सिम का 190 रुपये का पत्ते के दाम 220 हो गए हैं। एजिथ्रोमाइसिन का पत्ता 71 से बढ़कर 95 रुपये का हो गया है। वहीं, स्टेरॉयड डेफलेजाकॉर्ट के दामों में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। 80-90 की जगह अब नई दर 130-140 रुपये हो गई है।
डब्बा और कार्टून की भी बढ़ी कीमतें
थोक दवा विक्रेेताओं ने बताया कि दवाओं के साथ-साथ डब्बा और कार्टून के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। कागज के दाम बढ़ने की वजह से सिरप का डब्बा 2.70 रुपये से बढ़कर 3.70 रुपये का हो गया है। 12-13 का कार्टून अब 28 रुपये का हो गया है। सिरप की बोतल की कीमत भी 2.35 रुपये की जगह 3.70 पहुंच गई है।
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दवाओं के दाम पांच प्रतिशत घटते हैं और 25 फीसदी बढ़ जाते हैं। 30 दिनों में डायबिटीज की दवाओं के दूसरी बार दाम बढ़े हैं। ये 10 फीसदी महंगी हुई हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक 15 से 44 प्रतिशत और स्टेरॉयड की दवा 60 फीसदी तक महंगी हुई हैं। डब्बा, कार्टून, सिरप तक के दाम बढ़े हैं। - नितिन मोदी, सचिव, जिला केमिस्ट एसोसिएशन।
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दवाओं के कच्चे काल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। दवा विक्रेताओं ने बताया कि अब डायबिटीज, एंटीबायोटिक और स्टेरॉयड की दवाओं के कच्चे माल की कीमतें 20 से 30 फीसदी तक बढ़ गई हैं। ऐसे में डायबिटीज मरीजों के लिए मेटफॉरमिन और ग्लाइमीप्रिट के मिश्रण से बनने वाली दवा 155 रुपये से बढ़कर से 170 की हो गई है। इन सॉल्ट से 100 से 150 प्रकार की दवाएं बनती हैं। एंटीबायोटिक की दवाओं में 15 से लेकर 44 फीसदी तक का उछाल आया है। सिफेक्जिम का 90 रुपये का पत्ता अब 130 का हो गया है। सिफोडॉक्सिम का 190 रुपये का पत्ते के दाम 220 हो गए हैं। एजिथ्रोमाइसिन का पत्ता 71 से बढ़कर 95 रुपये का हो गया है। वहीं, स्टेरॉयड डेफलेजाकॉर्ट के दामों में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। 80-90 की जगह अब नई दर 130-140 रुपये हो गई है।
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डब्बा और कार्टून की भी बढ़ी कीमतें
थोक दवा विक्रेेताओं ने बताया कि दवाओं के साथ-साथ डब्बा और कार्टून के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। कागज के दाम बढ़ने की वजह से सिरप का डब्बा 2.70 रुपये से बढ़कर 3.70 रुपये का हो गया है। 12-13 का कार्टून अब 28 रुपये का हो गया है। सिरप की बोतल की कीमत भी 2.35 रुपये की जगह 3.70 पहुंच गई है।
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दवाओं के दाम पांच प्रतिशत घटते हैं और 25 फीसदी बढ़ जाते हैं। 30 दिनों में डायबिटीज की दवाओं के दूसरी बार दाम बढ़े हैं। ये 10 फीसदी महंगी हुई हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक 15 से 44 प्रतिशत और स्टेरॉयड की दवा 60 फीसदी तक महंगी हुई हैं। डब्बा, कार्टून, सिरप तक के दाम बढ़े हैं। - नितिन मोदी, सचिव, जिला केमिस्ट एसोसिएशन।