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वन विभाग में डिप्टी रेंजर व दरोगाओं के तबादले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:35 AM IST
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- फोटो : demo
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ललितपुर। वन विभाग ने लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे दरोगाओं की तबादला सूची जारी कर दी है। इससे विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। सूची में अधिकांश कर्मी ललितपुर से उरई भेजे गए हैं। कई दरोगाओं ने स्थानांतरण रुकवाने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिया हैं। ऐसी स्थिति में वन महोत्सव कार्यक्रम प्रभावित होने की संभावना दिखने लगी है।
शासन ने विभागीय कामकाज को गति दिलाने के उद्देश्य से स्थानांतरण नीति बनाई है। जिसके तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर डटे कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। वहीं, वन एक ऐसा विभाग है जहां दरोगाओं को एक ही स्थल पर तैनात हुए दस से बीस वर्ष बीत गए हैं। ऐसे कर्मचारियों के स्थानांतरण पर कभी ध्यान नहीं दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक जिन कर्मचारियों को जिले व एक ही रेंज में ज्यादा समय हो गया है, उनमें महरौनी के रेंजर सुनील भारद्वाज, जखौरा में रेंजर मदन मोहन, गौना के रेंजर जयनारायण, रायसाहब यादव, नरेश तिवारी, डिप्टी रेंजरों में श्रीराम निरंजन, प्रागीलाल, महेंद्र जैन, वन दरोगा में कमलापत त्रिपाठी, अजय वर्मा, मुबीनउद्दीन, वसीम, रामसुख, गजराज सिंह, राकेश दयाल शर्मा, रामनाथ, अनूप श्रीवास्तव, राजेंद्र शुक्ला शामिल हैं।
बीते माह शासन के निर्देश पर डीएफओ वीके जैन ने निर्धारित प्रारूप पर अधिकारी, कर्मचारियों के तैनाती का ब्यौरा वन संरक्षक बुंदेलखंड वृत्त सहित कई उच्चस्थ अफसरों को भेजा था। जिसके क्रम में गत दिवस कर्मचारियों के स्थानांतरण की पहली सूची कर दी गई। जिसमें श्रीराम निरंजन, नरेश विदुआ, प्रागीलाल, श्रीपत, कमलापत त्रिपाठी व वरिष्ठ सहायक कमलेश श्रीवास्तव को उरई एवं मुवीनउद्दीन को झांसी भेजा गया है। वहीं, उरई से डिप्टी रेंजर अंगद सिंह, बृजराज सिंह, फारेस्टर रामविलास यादव, माखन, वरिष्ठ सहायक नाजेश सेन को ललितपुर स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में लंबे समय से डटे कई कर्मचारियों के स्थानांतरण नहीं होने से स्थानांतरित कर्मियों में रोष देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि डीएफओ स्तर से भी कर्मियों के स्थानांतरण की सूची जल्द ही जारी होगी। उ
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बड़े अधिकारियों के ट्रांसफर का इंतजार
वन विभाग के डीएफओ, एसडीओ व रेंजर के तबादलों की सूची अभी जारी नहीं हुई है। वन कर्मियों को अब बड़े अधिकारियों के स्थानांतरण सूची का भी इंतजार है।
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शासन ने विभागीय कामकाज को गति दिलाने के उद्देश्य से स्थानांतरण नीति बनाई है। जिसके तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर डटे कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। वहीं, वन एक ऐसा विभाग है जहां दरोगाओं को एक ही स्थल पर तैनात हुए दस से बीस वर्ष बीत गए हैं। ऐसे कर्मचारियों के स्थानांतरण पर कभी ध्यान नहीं दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक जिन कर्मचारियों को जिले व एक ही रेंज में ज्यादा समय हो गया है, उनमें महरौनी के रेंजर सुनील भारद्वाज, जखौरा में रेंजर मदन मोहन, गौना के रेंजर जयनारायण, रायसाहब यादव, नरेश तिवारी, डिप्टी रेंजरों में श्रीराम निरंजन, प्रागीलाल, महेंद्र जैन, वन दरोगा में कमलापत त्रिपाठी, अजय वर्मा, मुबीनउद्दीन, वसीम, रामसुख, गजराज सिंह, राकेश दयाल शर्मा, रामनाथ, अनूप श्रीवास्तव, राजेंद्र शुक्ला शामिल हैं।
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बीते माह शासन के निर्देश पर डीएफओ वीके जैन ने निर्धारित प्रारूप पर अधिकारी, कर्मचारियों के तैनाती का ब्यौरा वन संरक्षक बुंदेलखंड वृत्त सहित कई उच्चस्थ अफसरों को भेजा था। जिसके क्रम में गत दिवस कर्मचारियों के स्थानांतरण की पहली सूची कर दी गई। जिसमें श्रीराम निरंजन, नरेश विदुआ, प्रागीलाल, श्रीपत, कमलापत त्रिपाठी व वरिष्ठ सहायक कमलेश श्रीवास्तव को उरई एवं मुवीनउद्दीन को झांसी भेजा गया है। वहीं, उरई से डिप्टी रेंजर अंगद सिंह, बृजराज सिंह, फारेस्टर रामविलास यादव, माखन, वरिष्ठ सहायक नाजेश सेन को ललितपुर स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में लंबे समय से डटे कई कर्मचारियों के स्थानांतरण नहीं होने से स्थानांतरित कर्मियों में रोष देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि डीएफओ स्तर से भी कर्मियों के स्थानांतरण की सूची जल्द ही जारी होगी। उ
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बड़े अधिकारियों के ट्रांसफर का इंतजार
वन विभाग के डीएफओ, एसडीओ व रेंजर के तबादलों की सूची अभी जारी नहीं हुई है। वन कर्मियों को अब बड़े अधिकारियों के स्थानांतरण सूची का भी इंतजार है।