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शहर से ज्यादा गांवों में जन्म ले रहीं बेटियां
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झांसी। आधी आबादी को लेकर शासन की तरफ से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है। शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में महिलाओं का अनुपात बढ़ा है। हाल ये है कि पिछले छह महीने में चार बार प्रति हजार पुरुषों पर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की संख्या ज्यादा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से जून 2021 तक जिले में 5632 पुरुष और 5598 महिलाओं की संख्या दर्ज हुई। इसमें शहरी इलाकों में 1903 पुरुष और 2292 महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में 3729 पुरुष और 3306 महिलाएं जन्मीं। पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर गौर करने तो फरवरी, मार्च, मई और जून में प्रति हजार बेटियों के जन्म लेने की दर ग्रामीणों क्षेत्रों में ज्यादा रही। जबकि, जनवरी और अप्रैल में शहरी क्षेत्र में बेटियों का अनुपात ज्यादा रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का लिंगानुपात सुधर रहा है।
ये हैं आंकड़े
माह गांव शहर
जनवरी 924 952
फरवरी 876 827
मार्च 886 625
अप्रैल 807 915
मई 810 756
जून 963 625
(नोट: प्रति एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या)
शासन की तरफ से चलाई जा रही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाई योजना का व्यापक असर हो रहा है। अब शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं का अनुपात तेजी से सुधर रहा है। - डॉ. विनोद कुमार यादव, जेडी हेल्थ।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से जून 2021 तक जिले में 5632 पुरुष और 5598 महिलाओं की संख्या दर्ज हुई। इसमें शहरी इलाकों में 1903 पुरुष और 2292 महिलाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में 3729 पुरुष और 3306 महिलाएं जन्मीं। पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर गौर करने तो फरवरी, मार्च, मई और जून में प्रति हजार बेटियों के जन्म लेने की दर ग्रामीणों क्षेत्रों में ज्यादा रही। जबकि, जनवरी और अप्रैल में शहरी क्षेत्र में बेटियों का अनुपात ज्यादा रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का लिंगानुपात सुधर रहा है।
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ये हैं आंकड़े
माह गांव शहर
जनवरी 924 952
फरवरी 876 827
मार्च 886 625
अप्रैल 807 915
मई 810 756
जून 963 625
(नोट: प्रति एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या)
शासन की तरफ से चलाई जा रही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाई योजना का व्यापक असर हो रहा है। अब शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं का अनुपात तेजी से सुधर रहा है। - डॉ. विनोद कुमार यादव, जेडी हेल्थ।
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