{"_id":"63c4361d9015cf04393fd255","slug":"daroga-dead-heart-attack-jhansi-news-jhs237053174-2023-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: हृदयाघात से दरोगा की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: हृदयाघात से दरोगा की मौत
विज्ञापन
झांसी। बांदा कचहरी में तैनात दरोगा की हृदयाघात से मौत हो गई। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
ललितपुर के नाराहट के ग्राम बम्होरी निवासी उम्मेद लाल (56) पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। वे बांदा में न्यायालय की सुरक्षा में तैनात थे। शनिवार को उनकी तबीयत खराब हो गई थी। इस पर परिजन उन्हें इलाज के लिए झांसी लेकर आए थे। यहां उनकी एक निजी अस्पताल में जांच कराई गई थी। इसके बाद उन्हें शिवाजी नगर में रहने वाले एक रिश्तेदार के यहां ले जाया गया था। वहां उनकी फिर से तबीयत बिगड़ गई। इस पर परिजन उन्हें दुबारा अस्पताल लेकर भागे। यहां उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे दीपक ने बताया कि पिता की हृदयाघात से मौत हुई है। मृतक के परिवार में पत्नी सरोज के अलावा बेटा दीपक एवं बेटी मनीषा, ज्योति व आकांक्षा हैं। उम्मेद लाल 1986 में सिपाही के पद पर पुलिस में भर्ती हुए थे। पदोन्नति पाकर वे सब इंस्पेक्टर बन गए थे।
विज्ञापन
ललितपुर के नाराहट के ग्राम बम्होरी निवासी उम्मेद लाल (56) पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। वे बांदा में न्यायालय की सुरक्षा में तैनात थे। शनिवार को उनकी तबीयत खराब हो गई थी। इस पर परिजन उन्हें इलाज के लिए झांसी लेकर आए थे। यहां उनकी एक निजी अस्पताल में जांच कराई गई थी। इसके बाद उन्हें शिवाजी नगर में रहने वाले एक रिश्तेदार के यहां ले जाया गया था। वहां उनकी फिर से तबीयत बिगड़ गई। इस पर परिजन उन्हें दुबारा अस्पताल लेकर भागे। यहां उनकी मौत हो गई।
मृतक के बेटे दीपक ने बताया कि पिता की हृदयाघात से मौत हुई है। मृतक के परिवार में पत्नी सरोज के अलावा बेटा दीपक एवं बेटी मनीषा, ज्योति व आकांक्षा हैं। उम्मेद लाल 1986 में सिपाही के पद पर पुलिस में भर्ती हुए थे। पदोन्नति पाकर वे सब इंस्पेक्टर बन गए थे।
विज्ञापन