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खतरा: कोविड से बच्चों की आंतों में हो गई गैंगरीन
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झांसी। कोविड की चपेट में आ चुके छोटे बच्चे भी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। तीन से आठ साल तक के बच्चों की आंतों में छेद, संक्रमण और गैंगरीन होने तक के मामले सामने आ रहे हैं। शुरूआती स्टेज में बीमारी होने पर दवाओं से ठीक कर दिया जाता है, मगर मर्ज बढ़ने पर ऑपरेशन कर प्रभावित आंत काटकर निकालनी पड़ती है।
कोरोना वायरस का शिकार हो चुके बड़ों से लेकर छोटे बच्चों में पोस्ट कोविड बीमारियां सामने आ रही हैं। बच्चों में एमआईएस-सी (मल्टी इन्फ्लामेट्री सिंड्रोम इन चिल्ड्रन) के मामले तो मिल ही रहे थे, अब आंतों की बीमारियों ने चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों के पास छोटे-छोटे बच्चों में आंतों में छेद, संक्रमण और गैंगरीन के मामले सामने आ रहे हैं। गैंगरीन होने पर आंत काली पड़ने लगती है। गैंगरीन पर काली पड़ चुके आंत के हिस्से को काटकर निकालना पड़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कोविड होने पर शरीर में खून का बहाव कम हो जाने से थक्का जम जाता है, इसीलिए खून पतला करने का इंजेक्शन दिया जाता है। इसी तरह आंतों की नसों में खून का बहाव कम होने से संक्रमण, छेद और गैंगरीन तक के मामले सामने आ रहे हैं।
पेट दर्द, उल्टी की शिकायत लेकर आते
डॉक्टरों के मुताबिक शुरूआत में बच्चे पेट दर्द, उल्टी की शिकायत लेकर आते हैं। जब जांच कराई जाती है तो फिर आंतों की दूसरी समस्याएं सामने आती हैं। कोविड के कई सप्ताह बाद ये बीमारियां देखने को मिल रही हैं। ऐसे में कोविड की जांच रिपोर्ट तो निगेटिव आती हैं, मगर जब एंटीबॉडी की जांच कराते हैं तब रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर पता चलता है कि कोविड होकर निकल गया है।
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ये हैं मामले
केस-1
सीपरी बाजार में रहने वाले एक व्यक्ति पांच साल के बच्चे को पेट दर्द की शिकायत लेकर आए थे। शुरूआत में डॉक्टरों ने गैस की समस्या समझकर दवाएं दे दीं। जब आराम नहीं मिला तो अल्ट्रासाउंड कराया। इसमें आंतों में सूजन दिखी। उल्टियां लगातार हो रही थीं। फिर डॉक्टर ने ऑपरेशन शुरू किया तो पता चला कि गैंगरीन है। प्रभावित आंत को काटकर निकाल दिया गया।
केस-2
शहर क्षेत्र के आठ साल के बच्चे की आंत में गैंगरीन हो गई। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को इसकी जानकारी हुई। हालांकि, गैंगरीन वाले हिस्से को काटकर निकाल दिया गया। बच्चे की कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मगर जब एंटीबॉडी टेस्ट कराया गया तो वह पॉजिटिव आ गया। गैंगरीन होने पर बच्चे को पेट संबंधी तमाम दिक्कतें होने लगती हैं। खाना नहीं पचता है।
कोरोना से ठीक हो चुके बच्चों में आंतों की बीमारियां देखने को मिल रही हैं। दो-तीन बच्चे आंतों में गैंगरीन के भी सामने आ चुके हैं। आंतों की नसों में बहाव कम होने से यह दिक्कत हो जाती है। इसके अलावा आंतों में छेद, संक्रमण के भी कई बच्चे इलाज कराने के लिए आए हैं। बीमारी शुरूआत में ही पकड़ में आ जाती है तो दवाओं, इंजेक्शन से ठीक कर दिया जाता है। देर होने पर ऑपरेशन किया जाता है। - डॉ. पंकज सोनकिया, सर्जन, मेडिकल कॉलेज।
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कोरोना वायरस का शिकार हो चुके बड़ों से लेकर छोटे बच्चों में पोस्ट कोविड बीमारियां सामने आ रही हैं। बच्चों में एमआईएस-सी (मल्टी इन्फ्लामेट्री सिंड्रोम इन चिल्ड्रन) के मामले तो मिल ही रहे थे, अब आंतों की बीमारियों ने चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टरों के पास छोटे-छोटे बच्चों में आंतों में छेद, संक्रमण और गैंगरीन के मामले सामने आ रहे हैं। गैंगरीन होने पर आंत काली पड़ने लगती है। गैंगरीन पर काली पड़ चुके आंत के हिस्से को काटकर निकालना पड़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कोविड होने पर शरीर में खून का बहाव कम हो जाने से थक्का जम जाता है, इसीलिए खून पतला करने का इंजेक्शन दिया जाता है। इसी तरह आंतों की नसों में खून का बहाव कम होने से संक्रमण, छेद और गैंगरीन तक के मामले सामने आ रहे हैं।
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पेट दर्द, उल्टी की शिकायत लेकर आते
डॉक्टरों के मुताबिक शुरूआत में बच्चे पेट दर्द, उल्टी की शिकायत लेकर आते हैं। जब जांच कराई जाती है तो फिर आंतों की दूसरी समस्याएं सामने आती हैं। कोविड के कई सप्ताह बाद ये बीमारियां देखने को मिल रही हैं। ऐसे में कोविड की जांच रिपोर्ट तो निगेटिव आती हैं, मगर जब एंटीबॉडी की जांच कराते हैं तब रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर पता चलता है कि कोविड होकर निकल गया है।
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ये हैं मामले
केस-1
सीपरी बाजार में रहने वाले एक व्यक्ति पांच साल के बच्चे को पेट दर्द की शिकायत लेकर आए थे। शुरूआत में डॉक्टरों ने गैस की समस्या समझकर दवाएं दे दीं। जब आराम नहीं मिला तो अल्ट्रासाउंड कराया। इसमें आंतों में सूजन दिखी। उल्टियां लगातार हो रही थीं। फिर डॉक्टर ने ऑपरेशन शुरू किया तो पता चला कि गैंगरीन है। प्रभावित आंत को काटकर निकाल दिया गया।
केस-2
शहर क्षेत्र के आठ साल के बच्चे की आंत में गैंगरीन हो गई। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को इसकी जानकारी हुई। हालांकि, गैंगरीन वाले हिस्से को काटकर निकाल दिया गया। बच्चे की कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मगर जब एंटीबॉडी टेस्ट कराया गया तो वह पॉजिटिव आ गया। गैंगरीन होने पर बच्चे को पेट संबंधी तमाम दिक्कतें होने लगती हैं। खाना नहीं पचता है।
कोरोना से ठीक हो चुके बच्चों में आंतों की बीमारियां देखने को मिल रही हैं। दो-तीन बच्चे आंतों में गैंगरीन के भी सामने आ चुके हैं। आंतों की नसों में बहाव कम होने से यह दिक्कत हो जाती है। इसके अलावा आंतों में छेद, संक्रमण के भी कई बच्चे इलाज कराने के लिए आए हैं। बीमारी शुरूआत में ही पकड़ में आ जाती है तो दवाओं, इंजेक्शन से ठीक कर दिया जाता है। देर होने पर ऑपरेशन किया जाता है। - डॉ. पंकज सोनकिया, सर्जन, मेडिकल कॉलेज।