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खेतों का सर्वे कर किया जाएगा नुकसान का आकलन
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झांसी। खरीफ सीजन में हुई मूसलाधार बारिश से जिले में फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। इसके आकलन के लिए अब खेतों का सर्वे किया जाएगा। इस संबंध में प्रशासन की ओर से निर्देश जारी कर दिए हैं।
अगस्त माह की शुरुआत में जिले में लगातार दो दिनों तक मूसलाधार बारिश हुई थी। इसके बाद भी बारिश का क्रम लगातार बना रहा, जो अब भी जारी है। बारिश से जिले में खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खासतौर पर कई स्थानों पर तिल और उड़द की फसल बुरी तरह से चौपट हो गई है। नुकसान का सही आकलन करने के लिए अब प्लाट टू प्लाट सर्वे किया जाएगा। तहसीलों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। राजस्व विभाग की टीमें खेतों में जाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगी। 33 फीसदी से अधिक नुकसान सामने आने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
शुरूआती सर्वे में जिले में औसतन महज पंद्रह फीसदी नुकसान की रिपोर्ट आई थी। किसानों की ओर से इस पर असंतोष जताया गया था, जिसके चलते अब विस्तृत सर्वे किया जा रहा है।
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अगस्त माह की शुरुआत में जिले में लगातार दो दिनों तक मूसलाधार बारिश हुई थी। इसके बाद भी बारिश का क्रम लगातार बना रहा, जो अब भी जारी है। बारिश से जिले में खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खासतौर पर कई स्थानों पर तिल और उड़द की फसल बुरी तरह से चौपट हो गई है। नुकसान का सही आकलन करने के लिए अब प्लाट टू प्लाट सर्वे किया जाएगा। तहसीलों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। राजस्व विभाग की टीमें खेतों में जाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करेंगी। 33 फीसदी से अधिक नुकसान सामने आने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
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शुरूआती सर्वे में जिले में औसतन महज पंद्रह फीसदी नुकसान की रिपोर्ट आई थी। किसानों की ओर से इस पर असंतोष जताया गया था, जिसके चलते अब विस्तृत सर्वे किया जा रहा है।
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