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Jhansi News: सैन्य कर्मी बने साइबर जालसाज खाली कर रहे खाते
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सैन्यकर्मी बनकर साइबर जालसाज ठगी करने में जुटे हैं। पिछले तीन माह के दौरान एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पीड़ितों ने बताया कि फर्जी सैन्यकर्मी बने जालसाज तबादले की बात कहते हुए सस्ते दाम में घरेलू समान बेचने का लालच देकर ठगी करते हैं। शिकायत आने पर साइबर पुलिस इनका सुराग लगाने में जुटी है।
भुक्तभोगियों ने बताया कि जालसाज खुद को सैन्यकर्मी बताते हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम अथवा व्हाट्सएप के जरिये संपर्क करते हैं। अपना तबादला दूसरी यूनिट में होने की बात कहते हुए स्पोर्ट बाइक, फ्रिज, टीवी, सोफा समेत अन्य घरेलू उपकरण बेहद सस्ते दाम में बेचने की पेशकश करते हैं। फोटो एवं बातचीत का लहजा सैन्यकर्मियों की तरह होने से आसानी से विश्वास हो जाता है। इसी दौरान चालाकी से लिंक भेजकर खाते से रकम उड़ा देते हैं। ये मामले पुलिस तक भी पहुंच रहे हैं। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से ठगी करते हैं। सावधानी एवं सतर्कता आवश्यक है।
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केस एक
राजगढ़ निवासी धीरेंद्र कुशवाहा को मोटर साइकिल की आवश्यकता थी। उन्होंने एक एप में मोटर साइकिल की बिक्री का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उसने खुद को सैन्यकर्मी बताते हुए बाइक सस्ते दाम में देने की बात कही। व्हाट्सएप पर फोटो देखने के लिए जो लिंक दिया था, उस पर क्लिक करने के बाद खाते से 97 हजार रुपये निकल गए।
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केस दो
बबीना निवासी श्यामेंद्र द्विवेदी को स्मार्ट टीवी का विज्ञापन दिखा। कॉल करने पर जालसाज ने बताया कि उसका ट्रांसफर राजस्थान हो गया है। अब वह अपना सामान बेचकर यहां से जाना चाहता है। बातों में जालसाज ने उलझाकर उसके मोबाइल में लिंक के जरिये एपीके फाइल डाउनलोड करा दी। उसके बाद खाते से पैसा निकाल लिया।
साइबर जालसाजी से ऐसे बचें
साइबर विशेषज्ञ डा. राजीव त्रिपाठी का कहना है कि ऐसे तमाम मामले सामने आते हैं, जिसमें जालसाज लालच देकर ठगी करते हैं। ऑनलाइन माध्यमों में लालच पैदा करने वाले विज्ञापनों से बचना होगा। साथ ही निम्न सावधानी भी रखनी चाहिए।
- सोशल साइट पर किसी अनजान व्यक्ति पर विश्वास करने से बचें
- अनजान लोगों के साथ ऑनलाइन माध्यम से लेनदेन से बचें
- खरीद-फरोख्त से पहले जब तक वह व्यक्ति सामने न आए, तब तक पैसों का लेनदेन नहीं करना चाहिए
- व्हाट्सएप पर ऑटो डाउनलोड फीचर का इस्तेमाल न करें।
- किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले पूरी जानकारी कर लें।
- ऑनलाइन शॉपिंग करते समय साइट की विश्वसनीयता परख लें।
इनसेट
साइबर अपराध का शिकार होने पर ये करें
- तत्काल अपना डेबिट कार्ड व बैंक खाता लॉक कराएं।
- नजदीकी थाने या पुलिस लाइन स्थित साइबर थाने में सूचना दें।
- साइबर थाने के नंबर 7839876648 अथवा साइबर अपराध के लिए हेल्पलाइन नंबर- 1930 पर तत्काल सूचना दें।
इनसेट
मेवात से हो रही साइबर ठगी
ठगी के मामलों की छानबीन में जुटी साइबर पुलिस के हाथ जो सुराग लगे हैं, उनके तार मेवात से जुड़े हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि अधिकांश साइबर जालसाज मेवात, नूंह के आसपास सक्रिय हैं। साइबर अपराधियों का यह गैंग वहीं से पूरे देश में ठगी करता है। उन्हें मोबाइल नंबर स्थानीय एजेंट के जरिये भी हासिल होता है। इनके जरिये इन बदमाशों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।