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झांसी : बीमारी से परेशान क्रेशर कारोबारी ने की आत्महत्या, परिजनों में मचा कोहराम
Tue, 06 Apr 2021 03:56 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 06 Apr 2021 03:56 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : पिक्साबे
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के थाना नवाबाद इलाके में मंगलवार सुबह बीमारियों से उबकर क्रेशर कारोबारी निशाकांत गुप्ता ने ग्वालियर रेलवे क्रॉसिंग के पास मालगाड़ी के सामने छलांग लगाकर जान दे दी। उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला है।
नवाबाद थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस स्थित बाबूलाल कारखाना के पीछे रहने वाले भाजपा नेता निशाकांत गुप्ता (58) गोरामछिया में निशाकांत ग्रेनाइट नाम से क्रशर चलाते थे। वह क्रशर कारोबार के अलावा नगर निगम में ठेकेदारी भी करते थे। उनके दो पुत्र मोहित और कुशाग्र हैं।
मोहित का दिसंबर माह में ही विवाह हुआ था। वह सुबह के समय घर से निकलकर ग्वालियर रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचे। उसी समय एक मालगाड़ी मौके से गुजरी। उन्होंने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। यह देख मौके से निकल रहे लोगों की चीख निकल गई। मौके पर ही निशाकांत की मौत हो गई। लोगों द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस मौके पर गई। तलाशी में उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखे पते पर संपर्क कर परिजनों को जानकारी दी गई।
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घटना की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि निशाकांत को कारोबार और पारिवारिक समस्याएं नहीं थीं, लेकिन वह कई बीमारियों से बेहद परेशान थे। कई जगह उपचार के बाद भी उनको कोई फायदा नहीं हुआ था। इसको लेकर पिछले कई महीनों से वह अवसाद में थे। जानकारी होने पर बड़ी संख्या में व्यापारी एवं परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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नवाबाद थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस स्थित बाबूलाल कारखाना के पीछे रहने वाले भाजपा नेता निशाकांत गुप्ता (58) गोरामछिया में निशाकांत ग्रेनाइट नाम से क्रशर चलाते थे। वह क्रशर कारोबार के अलावा नगर निगम में ठेकेदारी भी करते थे। उनके दो पुत्र मोहित और कुशाग्र हैं।
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मोहित का दिसंबर माह में ही विवाह हुआ था। वह सुबह के समय घर से निकलकर ग्वालियर रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचे। उसी समय एक मालगाड़ी मौके से गुजरी। उन्होंने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। यह देख मौके से निकल रहे लोगों की चीख निकल गई। मौके पर ही निशाकांत की मौत हो गई। लोगों द्वारा दी गई सूचना पर पुलिस मौके पर गई। तलाशी में उनकी जेब से सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखे पते पर संपर्क कर परिजनों को जानकारी दी गई।
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घटना की जानकारी होने पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि निशाकांत को कारोबार और पारिवारिक समस्याएं नहीं थीं, लेकिन वह कई बीमारियों से बेहद परेशान थे। कई जगह उपचार के बाद भी उनको कोई फायदा नहीं हुआ था। इसको लेकर पिछले कई महीनों से वह अवसाद में थे। जानकारी होने पर बड़ी संख्या में व्यापारी एवं परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि परिजनों के बयान के मुताबिक निशाकांत बीमारियों से बेहद हताश थे। ठीक न होने की निराशा में उन्होंने यह कदम उठाया।
दो सप्ताह से जेब में रखे थे सुसाइड नोट
कारोबारी निशाकांत की जेब से मिले सुसाइड नोट में ज्यादा कुछ नहीं लिखा है। उसमें दो सप्ताह पहले की तिथि पड़ी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वह पिछले दो सप्ताह से जान देने की कोशिश कर रहे थे। दो लाइन के सुसाइड नोट में लिखा है कि बीमारी से काफी परेशान हो गया हूं। अगर मेरे साथ कोई अनहोनी होती है, तो इस नंबर पर सूचना दे दी जाए। पुलिस का कहना है परिजनों ने हैंडराइटिंग की भी पहचान कर ली है।
दो सप्ताह से जेब में रखे थे सुसाइड नोट
कारोबारी निशाकांत की जेब से मिले सुसाइड नोट में ज्यादा कुछ नहीं लिखा है। उसमें दो सप्ताह पहले की तिथि पड़ी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वह पिछले दो सप्ताह से जान देने की कोशिश कर रहे थे। दो लाइन के सुसाइड नोट में लिखा है कि बीमारी से काफी परेशान हो गया हूं। अगर मेरे साथ कोई अनहोनी होती है, तो इस नंबर पर सूचना दे दी जाए। पुलिस का कहना है परिजनों ने हैंडराइटिंग की भी पहचान कर ली है।