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Jhansi News: करोड़ों खर्च, ताले में कैद विकास

Thu, 11 Jun 2026 02:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:24 AM IST
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Crores spent, development under lock and key
झांसी। सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च कर स्मार्ट सिटी में आधुनिक इमारतें तो खड़ी कर दी गईं, लेकिन उनका उपयोग कैसे होगा, इसका जवाब अफसरों के पास नहीं है। नतीजा यह है कि उद्घाटन और निर्माण पूरा होने के महीनों व वर्षों बाद भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं ताले में कैद हैं। इनमें बुंदेलखंड का पहला कनवेंशन सेंटर, बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र, पर्यटन सूचना केंद्र और अरबन हाट जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शामिल हैं।
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सबसे ताजा उदाहरण पॉलिटेक्निक के पास 30 करोड़ रुपये की लागत से बने कनवेंशन सेंटर का है। 9 अक्तूबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका लोकार्पण किया था। बुंदेलखंड के पहले कनवेंशन सेंटर के रूप में इसे बड़े आयोजनों, सेमिनारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का केंद्र बनना था, लेकिन उद्घाटन के करीब आठ माह बाद भी यहां कोई गतिविधि शुरू नहीं हो सकी है। दिन में सन्नाटा और रात में अंधेरा इस भवन की पहचान बन गए हैं।
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क्राफ्ट मेला मैदान में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 5.38 करोड़ रुपये की लागत से बने बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र और 2.19 करोड़ रुपये की लागत से बने पर्यटन सूचना केंद्र का हाल भी इससे अलग नहीं है। 29 अगस्त 2023 को लोकार्पण के बाद इन भवनों में बुंदेलखंड की संस्कृति, कला और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएं बनाई गई थीं। यहां इंटरैक्टिव कियोस्क, कला दीर्घाएं और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गईं, लेकिन लगभग तीन वर्ष बाद भी भवन उपयोग का इंतजार कर रहे हैं।
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इसी परिसर के निकट झांसी विकास प्राधिकरण ने करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से अरबन हाट का निर्माण कराया था। इसका उद्देश्य स्थानीय शिल्पकारों और हस्तशिल्प उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना था। वर्ष 2020 में निर्माण पूरा होने के बावजूद आज तक आवंटन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। नतीजतन, भवन के आसपास झाड़ियां उग आई हैं और परिसर वीरान पड़ा है।
इन परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन आम जनता को अब तक इनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है। रखरखाव और उपयोग के अभाव में इमारतें समय से पहले जर्जर होने लगी हैं। सवाल यह है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तैयार कर दिए गए, तो उनके संचालन की ठोस योजना क्यों नहीं बनाई गई?


इन परियोजनाओं पर लटके हैं ताले
परियोजना
लागत
स्थिति
कनवेंशन सेंटर
30 करोड़ रुपये
उद्घाटन के 8 माह बाद भी संचालन शुरू नहीं
अरबन हाट
22 करोड़ रुपये
निर्माण के वर्षों बाद भी आवंटन नहीं
बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र
5.38 करोड़ रुपये
लोकार्पण के बाद से बंद
पर्यटन सूचना केंद्र
2.19 करोड़ रुपये
उपयोग शुरू नहीं

कनवेंशन सेंटर में जल्द ही गतिविधियां शुरू कराई जाएंगी। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अरबन हाट समेत अन्य परियोजनाओं के उपयोग के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। - हिमांशु गौतम, उपाध्यक्ष, झांसी विकास प्राधिकरण
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