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संकट: पारीछा पावर प्लांट के पास बचा सिर्फ डेढ़ दिन का कोयला

Sat, 26 Mar 2022 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 12:51 AM IST
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Crisis: Only one and a half day coal left with Parichha Power Plant
झांसी। जिले में एक बार फिर बिजली संकट गहरा सकता है। झांसी के पारीछा थर्मल पावर प्लांट में सिर्फ डेढ़ दिन का कोयला बचा है। बिजली उत्पादन के लिए प्रतिदिन 16 हजार टन कोयले की जरूरत होती है, लेकिन कोयले की कमी के कारण 7200 टन ही मिल रहा है। इससे बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है। अगर समय से कोयला नहीं मिला तो यूनिट बंद भी हो सकती है।
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वर्तमान में पारीछा पावर प्लांट की चार इकाइयां हैं। जिनमें दो इकाइयां 200-200 मेगावाट की हैं और दो 250 मेगावाट की हैं। इन इकाइयों से प्रतिदिन 520 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। वहीं, रात में कोयले की उपलब्धता के आधार पर 850 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। कोयले की कमी के कारण पिछले 15 दिनों से उत्पादन में गिरावट आई है।
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गर्मियों में बढ़ गई कोयले की खपत
पहले जहां सर्दियों में बिजली खपत कम होती थी और दो से तीन इकाइयां ही चलती थी। लेकिन गर्मी बढ़ते ही बिजली खपत बढ़ गई। जिससे कारण प्लांट की चारो इकाइयां चलाई जा रही हैं। जिसके कारण कोल कंपनियां कोयले की पूर्ति नहीं कर पा रही हैं। इससे प्लांट के सामने बिजली उत्पादन के लिए संकट बना हुआ है।
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आज से चालू होगा ललितपुर पावर प्लांट
एक साल का कोटा पूर्ण होने के बाद ललितपुर स्थित बजाज थर्मल पावर प्लांट 660 मेगावाट की एक इकाई आज से चालू हो जाएगी।
तापमान बढ़ने के साथ ही बढ़ गई बिजली की खपत
इस साल मार्च का महीना औसतन से काफी ज्यादा गर्म रहा है। मार्च के अंत तक झांसी में तापमान 38 डिग्री पार कर चुका है। भीषण गर्मी शुरू होने के बाद लोगों ने घरों और ऑफिसों के पंखों, कूलर और ए सी चालू कर दिए हैं। इससे जिले में जहां पहले 225 मेगावाट बिजली की खपत होती थी। वहीं, अब 250 मेगावाट बिजली की खपत होने लगी है। जिससे गर्मी बढ़ते ही 25 से 30 मेगावाट बिजली की खपत बढ़ गई है।

पावर प्लांट में डेढ़ दिन का कोयला बचा हुआ है। दिन में 520 मेगावाट और कोयले की उपलब्धता होने पर रात में 850 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। प्रतिदिन 16 हजार टन कोयले की जरूरत होती है, लेकिन 7200 टन ही मिल रहा है। - एम के सचान, मुख्य महाप्रबंधक (पारीछा थर्मल पावर प्लांट)
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