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जख्म देख फूट-फूट कर रोई मां
amarujala
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:46 AM IST
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raju jhansi news
- फोटो : demo
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बदमाशों के चंगुल से मुक्त हुए सराफा कारोबारी राजेंद्र कुमार अग्रवाल (राजू कमरया) और राहुल अग्रवाल (राहुल छोले) बुधवार देर रात 1.20 बजे अपने घर पहुंचे। उनके शरीर के जख्म देख मां और पत्नी फूट-फूटकर रोने लगी। बाद में सभी ने दिलासा देकर उन्हें चुप कराया। दोनों की सकुशल वापसी पर परिजनों ने मिठाई खिलाकर खुशियां मनाईं।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा में वापस लौटे सराफा कारोबारियों ने अपने-अपने घर जाकर सबसे पहले माता-पिता के पैर छुए और बच्चों को दुलार किया। थकान उतारने के लिए राजू कपड़े बदलने लगी तभी उनकी पत्नी की नजर शरीर के जख्मों पर पड़ी। जख्मों को देख वह रोने लगी। बहु के रोने की आवाज सुन मां कमरे में पहुंची तो बेटे की हालत देखकर उनकी आंखों से भी आंसुओं की धार बहने लगी। राजू ने मां और पत्नी को ढांढस बंधाया और परिजनों के साथ बैठकर आपबीती सुनाई। रात तीन बजे तक वह परिजनों से बात करते रहे।
सुबह आठ बजे जागने पर उनसे मिलने के लिए रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना शुरू हो गया। व्यापारी और दूसरे शहरों में रहने वाले शुभचिंतकों के भी फोन आने लगे। सुबह दस बजे विधायक रवि शर्मा मिलने पहुंचे। राजू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 12 दिन में उन्होंने नरक देख लिया। सभी की दुआओं की वजह से वे सुरक्षित घर वापस लौट आए। तेरह दिन बाद उनके चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। परिजन सभी को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते रहे। राहुल के घर पर भी मिलने वालों की भीड़ लगी रही।
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बदमाशों के चंगुल से मुक्त हुए सराफा कारोबारी राजेंद्र कुमार अग्रवाल (राजू कमरया) और राहुल अग्रवाल (राहुल छोले) बुधवार देर रात 1.20 बजे अपने घर पहुंचे। उनके शरीर के जख्म देख मां और पत्नी फूट-फूटकर रोने लगी। बाद में सभी ने दिलासा देकर उन्हें चुप कराया। दोनों की सकुशल वापसी पर परिजनों ने मिठाई खिलाकर खुशियां मनाईं।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा में वापस लौटे सराफा कारोबारियों ने अपने-अपने घर जाकर सबसे पहले माता-पिता के पैर छुए और बच्चों को दुलार किया। थकान उतारने के लिए राजू कपड़े बदलने लगी तभी उनकी पत्नी की नजर शरीर के जख्मों पर पड़ी। जख्मों को देख वह रोने लगी। बहु के रोने की आवाज सुन मां कमरे में पहुंची तो बेटे की हालत देखकर उनकी आंखों से भी आंसुओं की धार बहने लगी। राजू ने मां और पत्नी को ढांढस बंधाया और परिजनों के साथ बैठकर आपबीती सुनाई। रात तीन बजे तक वह परिजनों से बात करते रहे।
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सुबह आठ बजे जागने पर उनसे मिलने के लिए रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का आना शुरू हो गया। व्यापारी और दूसरे शहरों में रहने वाले शुभचिंतकों के भी फोन आने लगे। सुबह दस बजे विधायक रवि शर्मा मिलने पहुंचे। राजू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 12 दिन में उन्होंने नरक देख लिया। सभी की दुआओं की वजह से वे सुरक्षित घर वापस लौट आए। तेरह दिन बाद उनके चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। परिजन सभी को मिठाई खिलाकर खुशी मनाते रहे। राहुल के घर पर भी मिलने वालों की भीड़ लगी रही।
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