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घर में महिलाओं के साथ हो रही है हिंसा

Fri, 18 Mar 2016 12:11 AM IST
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jhansi Updated Fri, 18 Mar 2016 12:11 AM IST
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Violence against women in the home
घर में महिलाओं के साथ हो रही है हिंसा - फोटो : demo
झांसी। महिलाएं अपनों के बीच भी सुरक्षित नहीं हैं। घर की चारदीवारी के भीतर भी वह हिंसा का शिकार हैं। कड़े प्रावधानों के बाद भी घरेलू हिंसा बढ़ रही है। इसकी तस्दीक जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में आने वाले मामलों से की जा सकती है। यहां बीते वर्ष के मुकाबले घरेलू हिंसा के एक सैकड़ा से अधिक मामले आए हैं।
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पिता का घर हो या ससुराल, महिलाओं के लिए सुरक्षित कोई भी जगह नहीं है। घर में पिता, भाई या कई मामलों में पुत्र- पुत्रवधू की बात न मानना उन पर भारी पड़ जाता है, तो ससुराल में पति, सास, ससुर व अन्य ससुरालियों की हिंसक गतिविधियों का उन्हें सामना करना पड़ता है। हालांकि, इसकी रोकथाम के लिए महिलाओं को ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005’ का हथियार दिया गया है, लेकिन यह थोथा साबित हो रहा है। घरेलू हिंसा के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जहां साल 2013 - 2014 में घरेलू हिंसा के एक सैकड़ा मामले आए थे, वहीं 2014 - 2015 में इनकी संख्या 235 रही। जबकि, चालू वित्तीय वर्ष 2015-16 के फरवरी माह तक यहां घरेलू हिंसा के 367 मामले आए हैं। इनमें ज्यादातर मामलों में महिलाएं ससुराल में हिंसा की शिकार हुई हैं। कभी दहेज उनके लिए अभिशाप बना है, तो कभी रिश्तों को ताक पर रखकर उनका यौन शोषण किया गया है।
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यह है घरेलू हिंसा
झांसी। ऐसा कोई भी व्यवहार जो महिला के शरीर या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होकर दर्द पहुंचाए। ऐसा कोई भी आपत्तिजनक या अनचाहा यौनिक व्यवहार जो महिला को शारीरिक कष्ट दे, अपमानित करे या उसके मान सम्मान पर चोट पहुंचाए। ऐसे समस्त घरेलू संसाधन व सुविधाएं, जिसकी महिला व उसके बच्चों को जरूरत हो एवं जिस पर उनका अधिकार बनता हो, से वंचित रखना घरेलू हिंसा के दायरे में आता है।

यहां करें शिकायत
झांसी। घरेलू हिंसा की शिकार कोई भी महिला अदालत में जज के समक्ष स्वयं या वकील के माध्यम से शिकायत कर सकती है। इसके अलावा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी /जिला संरक्षण अधिकारी कार्यालय में भी शिकायत की जा सकती है। इस कानून के तहत जिला संरक्षण अधिकारी की यह भी जिम्मेदारी तय की गई है कि  वह महिला का आवेदन लिखने में मदद करे व कोर्ट तक पहुंचाए।

केस - 1
जेठ ने डाली बुरी नजर
झांसी। थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत एक महिला की शादी साल 2012 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उसका जेठ बुरी नजर रखने लगा तथा अश्लील हरकतें करने लगा। इसकी शिकायत ससुरालियों से करने पर सभी महिला के विरोध में आ गए। यहां तक कि पति ने भी महिला का साथ नहीं दिया तथा उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।

केस - 2
मारपीट कर घर से निकाला
झांसी। थाना प्रेमनगर क्षेत्र की एक महिला की शादी चार साल पूर्व हुई थी, जिसमें उसके पिता ने हैसियत के अनुसार दहेज दिया था। शादी के कुछ समय बाद उसके देवर की शादी हुई, जिसमें काफी दहेज मिला। इसके बाद पीड़ित महिला को भी दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। ससुरालियों की मांग पूरी न करने पर उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया।

केस - 3
तीन पुत्र नहीं रख पाए एक मां को
झांसी। मऊरानीपुर थाना क्षेत्र की एक महिला के तीन पुत्र हैं। शादी के बाद तीन पुत्रों में आपस में विवाद होने लगा। इस पर महिला ने दस बीघा कृषि भूमि तीनों पुत्रों को बराबर-बराबर बांट दी। इसके बाद एकदम से परिवार का रुख बदल गया। बहुएं आए दिन महिला को अपमानित करने लगीं। स्थिति यह है कि महिला गांव के मंदिर पर रहकर गुजर बसर कर रही है।


‘घरेलू हिंसा की शिकार कोई भी महिला कलेक्ट्रेट स्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय पर आकर शिकायत कर सकती है। इस तरह के मामलों को पूरी गंभीरता से लिया जाता है।’
- राजीव शर्मा
जिला प्रोबेशन अधिकारी
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