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मौसेरे भाई के साथ मिलकर की थी सगे भाई की हत्या

Wed, 24 Aug 2016 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 24 Aug 2016 01:33 AM IST
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 Together with cousin brother was murdered
murder case, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
ललितपुर/झांसी।  पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। चार अगस्त को एनएच 44 के निकट अमरपुर गल्ला मंडी के पीछे  शव बरामद हुआ था।  सिक्योरिटी गार्ड की हत्या उसके सगे भाई ने अपने मौसेरे भाई के साथ मिलकर की थी। हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित टीमों को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने हत्या करने वाले भाई व मौसेरे भाई को गिरफ्तार कर घटना का पटाक्षेप कर दिया। 
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एसपी कार्यालय में पुलिस अधीक्षक डी प्रदीप कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि मृतक धीरेंद्र नशे का आदी था। वह अपने परिजनों से रुपयों की मांग करता रहता था। जिसको लेकर उसके छोटे भाई ने कंपाउंडर का कार्य कर रहे मौसेरे भाई के साथ योजना बनाकर शराब के नशे की हालत में मोटर साइकिल से ललितपुर लाये और उसे होटल पर खाने में नशीली गोलियां मिलाकर खिला दी। अचेत होने तक वह लोग उसके हाथ बांधकर उसे सुनसान जगह पर बंधक बनाए रखे।
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जब हाईवे पर सन्नाटा हो गया तब बह उसे बाइक से अमरपुर रोड पर फेंक कर भाग गए। सुबह शव पड़ा देख ग्रामीणो ने पुलिस को सुचना दी। समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी होने पर मृतक के चाचा की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस अधीक्षक ने मामले के खुलासे के लिये कोतवाली प्रभारी व स्वाट टीम को निर्देश दिए।
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मंगलवार शाम टीम ने मृतक के छोटे भाई बृजेंद्र व मौसेरे भाई मुकेश को मन्नू पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों  ने हत्या करना कबूल किया। कप्तान ने टीम को पांच हजार रूपय का इनाम देने की घोषणा की है। आरोपियों के पास से घटना में शामिल मोटर साइकिल बरामद की गई है।

ये रहे टीम में शामिल
सिक्योरिटी गार्ड हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अजय पाल सिंह, एसएसआई निगवेंद्र प्रताप सिंह, स्वॉट प्रभारी देवी सिंह, मंडी चौकी इंचार्ज राजबाबू सिंह, एचपी बुधौलिया, रवींद्र कटियार, संजय सिंह, देवराज, शफीक, अवध, दीपक, कप्तान सिंह, रवींद्र प्रताप सिंह, बसंत पाठक, आलोक शामिल रहे।

तीन लाख रुपये की मांग बनी हत्या का कारण
सिक्योरिटी गार्ड धीरेंद्र सिंह अपनी पत्नी से तलाक लेने के बाद अलग रहने लगा था। वह लगातार अपने घरवालों से रुपयों की मांग करता था। कुछ दिन पहले उसने तीन लाख रुपये की मांग की थी। जिस कारण से उसके भाई बृजेंद्र सिंह ने अपने भाई को मौत के घाट उतारने का मन बना लिया और अपनी योजना में मौसेरे भाई को शामिल कर लिया।

घटना के खुलासे के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह धीरेंद्र को शराब के नशे में ललितपुर शाम साढ़े सात बजे लेकर आ गए थे। वहीं शव की शिनाख्त करने आए परिजनों में शामिल चचेरे भाई ने पुलिस को बताया था, कि उसने धीरेंद्र को सात बजे शाम को इलाइट चौराहे पर देखा था। अगर धीरेंद्र सात बजे शाम को झांसी में था, तो आधे घंटे में ललितपुर कैसे आ गया।

कहां गई चार पहिया गाड़ी
सिक्योरिटी गार्ड का शव जिस जगह पर मिला था, उस जगह पर चार पहिया गाड़ी के निशान मिले थे। उस समय अनुमान लगाया गया था, कि हत्या कर शव को चार पहिया गाड़ी से शव को फेंक कर गए होंगे। वहीं घटना में मोटर साइकिल का शामिल होना बताया जा रहा है। झांसी से ललितपुर तक आने में दो टोल टैक्स पड़ते हैं, इन टोल टैक्स के सीसीटीवी कैमरों से साफ हो सकता है, कि आरोपी धीरेंद्र के साथ ललितपुर तक कैसे आए।


वहीं सूत्रों का कहना है, कि मोटर साइकिल का घटना में इस्तेमाल होना, घटना में शामिल चार पहिया गाड़ी को मामले से दूर रखने के लिए बताया गया है। चार पहिया गाड़ी को लेकर तमाम चर्चाएं व्याप्त है।
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