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एक लाख में ठेका लेने वाला गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:55 AM IST
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police
- फोटो : amar ujala
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झांसी। कनाडा में नौकरी कर रहे काबुल (अफगानिस्तान) के नागरिक का एक लाख रुपये में पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र (पीसीसी) बनवाने का ठेका लेने वाले बिहार के युवक को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। उसने इसके लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की एक मार्कशीट दिखाई, जो कि जांच में फर्जी पाई गई। तमाम आशंकाओं के चलते पुलिस व खुफिया विभाग ने जांच शुरू कर दी है। कनाडा दूतावास को अवगत कराया जा रहा है, ताकि काबुल के नागरिक के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
एसपी सिटी गरिमा सिंह ने बताया कि आठ अप्रैल को नवीन कुमार सिंह पुत्र कमलेश सिंह निवासी गांव गंसाबीजापुर सासाराम बिहार हाल निवासी गुरु तेगबहादुर नगर (रोहिणी) दिल्ली ने इरशाद पुत्र अहमद शाह निवासी काबुल अफगानिस्तान का पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। उसने इरशाद के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातक के अभिलेख भी प्रस्तुत किए। नवीन ने चरित्र प्रमाण पत्र पाने के लिए आतुरता दिखाई तो एसएसपी को गड़बड़ी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस टीम व खुफिया विभाग से जांच करवाई। जांच में खुलासा हुआ कि इरशाद की वर्ष 1999-2001 की अंकतालिका व उपाधि अनुक्रमांक 5034436 फर्जी हैं।
पुलिस ने शिकंजा कसते हुए उससे पूछताछ की। नवीन ने बताया कि वर्ष 2008 में उसने जामिया हमदर्द डीम्ड विश्वविद्यालय दिल्ली से बीबीए किया है, जहां उसकी मुलाकात इस्लाम निवासी काबुल अफगानिस्तान से हुई। इस्लाम से उसकी दोस्ती काफी गहरी हो गई। उसने बताया कि वह अपने तथा अफगान नागरिकों के लिए अवैध दस्तावेज बनवाकर कनाडा में शरण एवं नौकरी पाने की योजना बना रहा है। वह वर्तमान में साउथ एक्सटेंशन नई दिल्ली की एक कोचिंग में पढ़ा रहा है और वहीं किराये पर रह रहा है। नवीन ने बताया कि विगत दिनों अफगान मित्र रातिब ने कहा कि उसका भाई इरशाद कनाडा में नौकरी कर रहा है। उसने वर्ष 1999-2001 में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से स्नातक किया है। नौकरी के लिए इमीग्रेशन कार्यालय ओटावा व कनाडा में भारत से उक्त प्रवास के दौरान का पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। इसके लिए इरशाद ने अपनी अंक तालिका व उपाधि की स्कैन कॉपी मय प्रार्थना पत्र ईमेल से भेजी। उसने पुलिस से प्रमाण पत्र बनवाने का 1500 यूएस डालर (करीब एक लाख रुपये) में ठेका लिया। इस वजह से वह आया और इरशाद का प्रतिनिधि बनकर पीसीसी के लिए आवेदन किया। इस मामले में नवाबाद थाना पुलिस ने धारा 419, 420, 467, 468, 471 में मामला दर्ज कर लिया है।
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एसपी सिटी गरिमा सिंह ने बताया कि आठ अप्रैल को नवीन कुमार सिंह पुत्र कमलेश सिंह निवासी गांव गंसाबीजापुर सासाराम बिहार हाल निवासी गुरु तेगबहादुर नगर (रोहिणी) दिल्ली ने इरशाद पुत्र अहमद शाह निवासी काबुल अफगानिस्तान का पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। उसने इरशाद के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से स्नातक के अभिलेख भी प्रस्तुत किए। नवीन ने चरित्र प्रमाण पत्र पाने के लिए आतुरता दिखाई तो एसएसपी को गड़बड़ी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस टीम व खुफिया विभाग से जांच करवाई। जांच में खुलासा हुआ कि इरशाद की वर्ष 1999-2001 की अंकतालिका व उपाधि अनुक्रमांक 5034436 फर्जी हैं।
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पुलिस ने शिकंजा कसते हुए उससे पूछताछ की। नवीन ने बताया कि वर्ष 2008 में उसने जामिया हमदर्द डीम्ड विश्वविद्यालय दिल्ली से बीबीए किया है, जहां उसकी मुलाकात इस्लाम निवासी काबुल अफगानिस्तान से हुई। इस्लाम से उसकी दोस्ती काफी गहरी हो गई। उसने बताया कि वह अपने तथा अफगान नागरिकों के लिए अवैध दस्तावेज बनवाकर कनाडा में शरण एवं नौकरी पाने की योजना बना रहा है। वह वर्तमान में साउथ एक्सटेंशन नई दिल्ली की एक कोचिंग में पढ़ा रहा है और वहीं किराये पर रह रहा है। नवीन ने बताया कि विगत दिनों अफगान मित्र रातिब ने कहा कि उसका भाई इरशाद कनाडा में नौकरी कर रहा है। उसने वर्ष 1999-2001 में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से स्नातक किया है। नौकरी के लिए इमीग्रेशन कार्यालय ओटावा व कनाडा में भारत से उक्त प्रवास के दौरान का पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। इसके लिए इरशाद ने अपनी अंक तालिका व उपाधि की स्कैन कॉपी मय प्रार्थना पत्र ईमेल से भेजी। उसने पुलिस से प्रमाण पत्र बनवाने का 1500 यूएस डालर (करीब एक लाख रुपये) में ठेका लिया। इस वजह से वह आया और इरशाद का प्रतिनिधि बनकर पीसीसी के लिए आवेदन किया। इस मामले में नवाबाद थाना पुलिस ने धारा 419, 420, 467, 468, 471 में मामला दर्ज कर लिया है।
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