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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Resone of death is tight financial constraints and harassment

आर्थिक तंगी व उत्पीड़न से तंग आकर लगाया मौत को गले

Mon, 22 Jun 2015 12:37 AM IST
झांसी / ब्यूरो
झांसी / ब्यूरो Updated Mon, 22 Jun 2015 12:37 AM IST
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हंसारी रेलवे क्रासिंग के पास ट्रेन के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाली मां-बेटी और बचे दोनों बच्चों की रविवार की दोपहर शिनाख्त हो गई। महिला खैलार बीएचईएल की थी। पिता के अनुसार आर्थिक तंगी व ससुरालियों के उत्पीड़न से दुखी होकर उसने बच्चों के साथ ट्रेन के सामने छलांग लगाई।
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रविवार को दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर  सीपरी बाजार थानांतर्गत मसीहा गंज निवासी डमरू लाल कुशवाहा ने मृत महिला व बेटी की शिनाख्त कर ली। उन्होंने बताया कि हंसारी रेलवे क्रासिंग के पास मिली लाश उसकी 28 वर्षीय बेटी क्रांति और चार वर्षीय नातिनी चंचल की है। शिशु विहार खाती बाबा  भेजा गया दो वर्षीय लड़का सुभाष उनका नाती है। उन्होंने बताया कि क्रांति का विवाह 11 अगस्त 2010 को समाज के सामूहिक विवाह समारोह में बबीना थानांतर्गत खैलार बीएचईएल निवासी गोकुल कुशवाहा पुत्र स्व. रामसेवक के साथ हुआ था।
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आरोप लगाया कि बेटी को परेशान किया जाता था। इस दौरान क्रांति के बच्चे पैदा हो गए। पति गोकुल के नहीं कमाने की वजह से परिवार में आर्थिक तंगी पैदा हो गई। गोकुल आए दिन क्रांति को प्रताड़ित करने लगा। एक माह पूर्व पति व सास ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। इसके बाद वह मायके आकर रहने लगी थी। शुक्रवार की सुबह सास ने फोन करके क्रांति को घर बुलाया था। इसके बाद वह तीनों बच्चों को लेकर ससुराल चली गई थी। पुलिस के अनुसार ससुराल में विवाद होने के बाद वह घर छोड़ कर चली आई थी। परेशानी के चलते ही उसने बच्चों को लेकर आत्म हत्या की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मां-बेटी के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। तहरीर आने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।
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मंदिर में नहीं चढ़ा सकी नारियल
मृतका के पिता डमरू लाल ने बताया कि जब सास का ससुराल आने के लिए क्रांति के पास फोन आया तो वह खुशी-खुशी बच्चों को लेकर घर के लिए रवाना हुई। मां ने क्रांति को एक नारियल लाल कपड़े में बांधकर यह कहकर दिया कि वह मंदिर में चढ़ाकर परिवार में खुशी की मन्नत मांग ले। उन्होंने बताया कि किन्हीं कारणों के चलते वह मंदिर में नारियल भी नहीं चढ़ा सकी।
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