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रिकवरी एजेंट के शव से आंखें गायब, हंगामा

Mon, 17 Oct 2016 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 17 Oct 2016 12:36 AM IST
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Recovery agent's body disappeared from the eyes, Hungama
crime news jhansi - फोटो : demo
मेडिकल कॉलेज की मोरचरी (पोस्टमार्टम हाउस) में रखे रिकवरी एजेंट के शव से दोनों आंखें गायब होने पर परिजनों ने रविवार सुबह हंगामा किया। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस के प्राइवेट कर्मी पर तस्करी के लिए आंखें निकालने का आरोप लगाया है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक आंखें नहीं निकाली गई हैं। अनुमान है कि नेवले या चूहे आंखें कुतर ले गए होंगे। हंगामे की सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों व सीएमएस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
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कचहरी चौराहा पर शनिवार देर रात ट्रक की टक्कर से नवाबाद थानांतर्गत कैलाश रेजीडेंसी निवासी बैंक रिकवरी एजेंट विवेक सहाय (42) की मौत हो गई थी। शनिवार रात को वह अपने दोस्त ग्वालियर रोड निवासी मोना तिवारी के साथ बुलेट से आ रहे थे। कचहरी चौराहा पर ट्रक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें मेडिकल कालेज पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई। इस बीच परिजन भी पहुंच गए। मेडिकल कालेज कर्मियों ने शव मोरचरी में रख दिया। रविवार सुबह परिजन और रिश्तेदार मोरचरी पहुंचे। आरोप है कि लोगों को देखकर श्याम सुंदर शर्मा शव को कमरे में रखने लगा। जब शव दिखाने की बात कही तो वह सकपका गया। उसकी हरकतों से कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई। तभी कुछ लोगों की नजर विवेक सहाय के शव पर पड़ी तो वह हक्के-बक्के रह गए। शव की दोनों आंखें गायब थीं। जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने तुरंत श्याम सुंदर शर्मा को पकड़ लिया। मोरचरी से शव की आंखें निकलने की सूचना पर विश्वविद्यालय चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों ने श्याम सुंदर शर्मा को पुलिस के हवाले कर आंखें निकालकर तस्करी करने का आरोप लगाया। इस बीच मेडिकल कालेज के सीएमएस डॉ. हरीश आर्या भी पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देख सीएमओ डॉ. विनोद यादव ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया।
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इस मामले की रिपोर्ट विक्रम सक्सेना निवासी नंदनपुरा आवास विकास कालोनी सीपरी बाजार ने दर्ज कराई है। बताया गया कि उसके मौसेरे भाई विवेक सहाय की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। शव मेडिकल कालेज से चिकित्सक, परिजनों और मित्रों के सामने मोरचरी में रखवाया गया। रविवार सुबह जब शव बाहर निकलवाया तो पता चला कि उसकी दोनों आंखें औजार से निकाली गई हैं। श्याम सुंदर शर्मा ने अंग तस्करी के लिए आंखें निकाली हैं।
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मुकदमा दर्ज कर इस मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।
- बीएल यादव, नवाबाद थानाध्यक्ष  

क्या कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकों का दल इस नतीजे पर पहुंचा है कि विवेक सहाय की आंखें नहीं निकाली गई हैं। नेवला अथवा चूहों ने दोनों आंखें कुतरकर खाई हैं। आंखों की भौं व होंठ के पास भी कुतरा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिखा है कि ऑप्टिव नर्व, स्पलेरा, कोराइड आंखों में मौजूद मिला है। दोनों ही आंखों के कार्निया का कुछ हिस्सा भी है। बिना पूरे कार्निया के आंख प्रत्यारोपित नहीं की जा सकती है।

72 घंटे के अंदर प्रत्यारोपित हो जानी चाहिए आंख
आंखों के सर्जन डॉ. एमके जैन का कहना है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के छह घंटे के अंदर आंख निकल जानी चाहिए। निकाली गई आंख 72 घंटे के अंदर प्रत्यारोपित नहीं होने पर खराब हो जाती है। प्रयास होता है कि आंख निकलते ही प्रत्यारोपित कर दी जाए, क्योंकि देरी होने पर आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। डॉ. जैन ने बताया कि झांसी मंडल में कोई आई बैंक नहीं है और न ही आंख प्रत्यारोपित करने का किसी के पास लाइसेंस है। झांसी मंडल के किसी भी नर्सिंगहोम में प्रत्यारोपण की सुविधा भी नहीं है।

अपनी जिम्मेदारी से झाड़ा पल्ला
मोरचरी की सुरक्षा भगवान भरोसे है। वहां न कोई सुरक्षा कर्मी रहता है और न शव सुरक्षित रखने की व्यवस्था है। इस बाबत सीएमओ डॉ. विनोद यादव से बात की गई तो उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस मेडिकल कालेज परिसर में है। उसकी देखरेख की जिम्मेदारी सीएमएस डॉ. हरीश आर्या की है। पोस्टमार्टम हाउस की चाबी भी उनके पास है।

सीएमओ ने सीएमएस से जताई नाराजगी
सीएमओ डा. विनोद यादव ने रविवार को मेडिकल कालेज के सीएमएस को पत्र लिखकर शवों के रखरखाव पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम हाउस में शवों को रखने में उचित सहयोग नहीं दिया जा रहा है। स्ट्रेचर से सीधा शवों को मोरचरी में रखा जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। शव साफ कपड़े में लपेटकर रखा जाना चाहिए ताकि चूहे, बिल्ली या अन्य जानवर क्षति नहीं पहुंचा सकें। इससे पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों को भी परेशानी होती है। देखा जा रहा है कि शवों को पुलिस कर्मी भी बिना सील किए रखवा देते हैं, जो नियमविरुद्ध है।


सदर विधायक की कमेटी से जांच की मांग
झांसी। सदर विधायक रवि शर्मा ने मेडिकल कालेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस में मृतक की आंखें गायब होने के मामले को घिनौना कृत्य बताया है। उन्होंने इस प्रकरण की जांच करने के लिए कमेटी गठित करने की मांग जिलाधिकारी से की है ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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