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पिता-पुत्री की गला रेतकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Aug 2016 01:30 AM IST
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murder
- फोटो : amar ujala
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झांसी। पॉश कालोनी वीरांगना नगर इलाके में शनिवार की रात सशस्त्र बदमाश सीमेंट कंपनी के अकाउंट आफीसर राजीव नारायण माथुर (59) के घर में घुस गए और जमकर लूटपाट की। विरोध करने पर उनकी और शिक्षक बेटी प्रिया माथुर (25) की चाकुओं से गला रेतकर हत्या कर दी। पिता-पुत्री दोनों घर में अकेले रहते थे जबकि पुत्र बंगलौर में इंजीनियर है। डीएम व एसएसपी सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। फोरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट, बाल, बिखरे खून सहित कई चीजों को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा है। पुलिस ने आसपास के लगे सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए हैं।
वीरांगना नगर का मकान नंबर 2/24 गेल इंडिया दिबियापुर में तैनात इंजीनियर विश्वनाथ गुप्ता का है, जिसमें करीब पांच वर्ष से कानपुर के शूटर गंज निवासी राजीव नारायण माथुर अपने बेटी प्रिया माथुर के साथ रहते थे और बेटा निक्की बंगलौर में इंजीनियर है। राजीव हर रविवार को घर में काम करने वाली नौकरानी गुमनावारा निवासी सीमा पत्नी राजू को देर से बुलाते थे। जिसके चलते सीमा सुबह करीब 10 बजे घर पहुंची। मैन दरवाजा खोलने के बाद उसे अंदर का दरवाजा खुला मिला, जहां से उसने प्रिया को आवाज लगाई। जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो वह गैलरी से होकर अंदर जाने लगी। तभी उसकी नजर बाहर के कमरे की तरफ गई। उसने देखा कि दरवाजा खुला हुआ है और अंदर जमीन पर खून बिखरा हुआ है, जहां राजीव का शव फड़ा है।
यह नजारा देख उसकी चीख निकल गई और वह घबराती हुई सीधे नजदीक में रहने वाली राजीव के चचेरे भाई शरद कुमार के घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी। जब वह दौड़कर मौके पर पहुंचे तो हालात देखकर पैरों से जमीन खिसक गई। वहीं से वह उल्टे पैर लौटे और सीधे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसएसपी अब्दुल हमीद पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जब अंदर का कमरा खोलकर देखा तो वहां जमीन पर खून से लथपथ प्रिया का भी शव पड़ा हुआ था। कमरे की अलमारियां खुली पड़ी थी, जिनका सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस ने तुरंत दोनों शवों को कब्जे में लेकर खोजी कुत्ते यूली और फोरेसिंक टीम को मौके पर बुलाया। खोजी कुत्ता खून से सनी फुट रेस्ट को सूंघने के बाद घर से बाहर निकला और मुख्य सड़क पर पहुंचकर रुक गया। इससे स्पष्ट हुआ कि बदमाश पैदल-पैदल मुख्य सड़क तक आए थे। इसके बाद फोरेसिंक टीम ने प्रिया के कमरे के अंदर काफी देर तक बदमाशों के कई सबूत जुटाए। उन्होंने अलमारियों से फिंगर प्रिंट और फुट रेस्ट से फुट प्रिंट लिए। इसके बाद प्रिया के नाखुनों से भी कई सबूत डीएनए जांच के लिए जुटाए।
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एसएसपी अब्दुल हमीद ने बताया कि बदमाशों ने पिता व पुत्री की गला रेतकर हत्या की है। पुत्री ने बदमाशों का विरोध किया तो उसके हाथ समेत कई जगह चाकू मारे। उसके बाल इतनी तेजी से नोंचे की वह उखड़ गए। इसके बाद बदमाशों ने घर के अंदर लूटपाट की है। कितना माल बदमाश लूटकर गए हैं, इसकी जानकारी जब तक उनका पुत्र नहीं लौट आएगा तब तक नहीं नहीं बताई जा सकती है।
झांसी। एक माह में शहर के अंदर कई सनसनीखेज वारदातें हो चुकी है मगर पुलिस एक में भी बदमाशों का सुराग नहीं लग सकी है। इतना जरूर है कि छुटभैया बदमाशों को पकड़कर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती रही और बदमाशों ने फिर वीरांगना नगर में बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया।
पॉश इलाके सिविल लाइन में 24-45 जुलाई की रात दवा कारोबारी अनिल दरगड़ के घर सशस्त्र डकैतों ने डाका डाला। परिजनों को मारपीट करके कमरों के अंदर बंधक बनाया और अलमारियों को खंगालकर करीब पांच लाख रुपये और आधा किलो सोने के जेवरात लूटकर ले गए। पुलिस ने बदमाशों के फुटेज मिलने की बात कहते हुए जल्द गिरफ्तारी होने का दावा किया था मगर परिणाम ढाक के तीन पात ही रहा है।
नंदनपुरा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में 11 अगस्त की दोपहर में सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोलकर हथगोलों से हमले किए। इसके बाद नकाबपोश बदमाश बैंक के कैश काउंटर से ढाई लाख रुपये बैग में भरकर भाग निकले। इस मामले में भी पुलिस ने जल्द खुलासा का दावा किया मगर अभी तक सुराग नहीं लग सका है। पुलिस की कार्यशैली से वाकिफ हो चुके बदमाशों ने शनिवार की रात वीरांगना नगर में फिर सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दी है।
ये वारदातों भी हैं बेसुराग
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केस एक
- छह माह पहले आईसीआईसीआई बैंक से बदमाश बैंक कर्मी बनकर 1.22 लाख रुपये लूटकर भागे थे।
- 12 फरवरी को चिरगांव निवासी प्रभा देवी से चित्रा चौराहा पर नोटों का थैला लूटा था बाइक सवारों ने।
- 16 फरवरी को एसएसपी आवास के सामने कार ड्राइवर से पांच लाख रुपये लूटकर भागे थे बदमाश।
- 10 मई को राम कुशवाहा की कार से 1.08 लाख से भरा बैग अशोक तिराहा पर उड़ाया दिया गया था।
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वीरांगना नगर का मकान नंबर 2/24 गेल इंडिया दिबियापुर में तैनात इंजीनियर विश्वनाथ गुप्ता का है, जिसमें करीब पांच वर्ष से कानपुर के शूटर गंज निवासी राजीव नारायण माथुर अपने बेटी प्रिया माथुर के साथ रहते थे और बेटा निक्की बंगलौर में इंजीनियर है। राजीव हर रविवार को घर में काम करने वाली नौकरानी गुमनावारा निवासी सीमा पत्नी राजू को देर से बुलाते थे। जिसके चलते सीमा सुबह करीब 10 बजे घर पहुंची। मैन दरवाजा खोलने के बाद उसे अंदर का दरवाजा खुला मिला, जहां से उसने प्रिया को आवाज लगाई। जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो वह गैलरी से होकर अंदर जाने लगी। तभी उसकी नजर बाहर के कमरे की तरफ गई। उसने देखा कि दरवाजा खुला हुआ है और अंदर जमीन पर खून बिखरा हुआ है, जहां राजीव का शव फड़ा है।
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यह नजारा देख उसकी चीख निकल गई और वह घबराती हुई सीधे नजदीक में रहने वाली राजीव के चचेरे भाई शरद कुमार के घर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी। जब वह दौड़कर मौके पर पहुंचे तो हालात देखकर पैरों से जमीन खिसक गई। वहीं से वह उल्टे पैर लौटे और सीधे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसएसपी अब्दुल हमीद पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जब अंदर का कमरा खोलकर देखा तो वहां जमीन पर खून से लथपथ प्रिया का भी शव पड़ा हुआ था। कमरे की अलमारियां खुली पड़ी थी, जिनका सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस ने तुरंत दोनों शवों को कब्जे में लेकर खोजी कुत्ते यूली और फोरेसिंक टीम को मौके पर बुलाया। खोजी कुत्ता खून से सनी फुट रेस्ट को सूंघने के बाद घर से बाहर निकला और मुख्य सड़क पर पहुंचकर रुक गया। इससे स्पष्ट हुआ कि बदमाश पैदल-पैदल मुख्य सड़क तक आए थे। इसके बाद फोरेसिंक टीम ने प्रिया के कमरे के अंदर काफी देर तक बदमाशों के कई सबूत जुटाए। उन्होंने अलमारियों से फिंगर प्रिंट और फुट रेस्ट से फुट प्रिंट लिए। इसके बाद प्रिया के नाखुनों से भी कई सबूत डीएनए जांच के लिए जुटाए।
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एसएसपी अब्दुल हमीद ने बताया कि बदमाशों ने पिता व पुत्री की गला रेतकर हत्या की है। पुत्री ने बदमाशों का विरोध किया तो उसके हाथ समेत कई जगह चाकू मारे। उसके बाल इतनी तेजी से नोंचे की वह उखड़ गए। इसके बाद बदमाशों ने घर के अंदर लूटपाट की है। कितना माल बदमाश लूटकर गए हैं, इसकी जानकारी जब तक उनका पुत्र नहीं लौट आएगा तब तक नहीं नहीं बताई जा सकती है।
झांसी। एक माह में शहर के अंदर कई सनसनीखेज वारदातें हो चुकी है मगर पुलिस एक में भी बदमाशों का सुराग नहीं लग सकी है। इतना जरूर है कि छुटभैया बदमाशों को पकड़कर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती रही और बदमाशों ने फिर वीरांगना नगर में बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया।
पॉश इलाके सिविल लाइन में 24-45 जुलाई की रात दवा कारोबारी अनिल दरगड़ के घर सशस्त्र डकैतों ने डाका डाला। परिजनों को मारपीट करके कमरों के अंदर बंधक बनाया और अलमारियों को खंगालकर करीब पांच लाख रुपये और आधा किलो सोने के जेवरात लूटकर ले गए। पुलिस ने बदमाशों के फुटेज मिलने की बात कहते हुए जल्द गिरफ्तारी होने का दावा किया था मगर परिणाम ढाक के तीन पात ही रहा है।
नंदनपुरा स्थित पंजाब नेशनल बैंक में 11 अगस्त की दोपहर में सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोलकर हथगोलों से हमले किए। इसके बाद नकाबपोश बदमाश बैंक के कैश काउंटर से ढाई लाख रुपये बैग में भरकर भाग निकले। इस मामले में भी पुलिस ने जल्द खुलासा का दावा किया मगर अभी तक सुराग नहीं लग सका है। पुलिस की कार्यशैली से वाकिफ हो चुके बदमाशों ने शनिवार की रात वीरांगना नगर में फिर सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दी है।
ये वारदातों भी हैं बेसुराग
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केस एक
- छह माह पहले आईसीआईसीआई बैंक से बदमाश बैंक कर्मी बनकर 1.22 लाख रुपये लूटकर भागे थे।
- 12 फरवरी को चिरगांव निवासी प्रभा देवी से चित्रा चौराहा पर नोटों का थैला लूटा था बाइक सवारों ने।
- 16 फरवरी को एसएसपी आवास के सामने कार ड्राइवर से पांच लाख रुपये लूटकर भागे थे बदमाश।
- 10 मई को राम कुशवाहा की कार से 1.08 लाख से भरा बैग अशोक तिराहा पर उड़ाया दिया गया था।