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हत्यारोपी को आजीवन कारावास
झांसी / ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:23 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या पांच महेंद्र सिंह की अदालत ने हत्या के एक मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
एरच निवासी गोविंद दास ने 17 फरवरी 2011 को थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उसके 33 वर्षीय पुत्र रामसजीवन की लाश कुएं में पड़ी है। रामसजीवन को कुछ दिन पूर्व गांव का ही छत्रपाल घर से बुलाकर ले गया था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं आया। इस मामले में पुलिस ने छत्रपाल तथा विनोद के खिलाफ धारा 302 व 201 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के उपरांत अदालत ने अभियुक्त छत्रपाल को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 201 में पांच साल के कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि में अस्सी प्रतिशत मृतक की पत्नी व पिता को आधी - आधी दी जाएगी। जबकि, अभियुक्त विनोद को संदेह का लाभ प्रदान करते हुए दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामकुमार पांडे ने की।
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एरच निवासी गोविंद दास ने 17 फरवरी 2011 को थाना पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उसके 33 वर्षीय पुत्र रामसजीवन की लाश कुएं में पड़ी है। रामसजीवन को कुछ दिन पूर्व गांव का ही छत्रपाल घर से बुलाकर ले गया था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं आया। इस मामले में पुलिस ने छत्रपाल तथा विनोद के खिलाफ धारा 302 व 201 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के उपरांत अदालत ने अभियुक्त छत्रपाल को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास व पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा 201 में पांच साल के कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि में अस्सी प्रतिशत मृतक की पत्नी व पिता को आधी - आधी दी जाएगी। जबकि, अभियुक्त विनोद को संदेह का लाभ प्रदान करते हुए दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामकुमार पांडे ने की।