अपना हुआ पराया, जिसने मौत के घाट उतारा

अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 20 Oct 2016 12:13 AM IST
His was a stranger who killed
crime news jhansi - फोटो : demo pic
 हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए हत्यारों ने शव को फंदे पर लटकाने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुए।
पुलिस ने घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान देखा कि कमरे के अंदर बिछे तख्त के ऊपर कुर्सी रखी थी। कमरे का अन्य सामान जस का तस रखा था। कोई भी सामान न गिरा था और न बिखरा था। स्पष्ट हो रहा था कि हत्यारों से रामप्रकाश कोष्ठा किसी भी तरह का विरोध नहीं कर सके। उन्हें धोखे से दबोचकर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस का मानना है कि हत्यारों की संख्या करीब तीन-चार होगी, क्योंकि रामप्रकाश मजबूत कद काठी के थे और उन्हें एक या दो व्यक्ति नियंत्रित नहीं कर सकते थे। पुलिस का अनुमान है कि उन्हें धोखे से दबोच कर फिर रस्सी या हाथ से गला घोंटकर हत्या की गई होगी। शव को जमीन पर पटकने के बाद आत्महत्या दर्शाने के लिए तख्त पर कुर्सी रखी। रस्सी से फांसी का फंदा बनाकर लटकाने का प्रयास किया मगर वे कामयाब नहीं हो सके। हालांकि, पुलिस को घटना स्थल से रस्सी नहीं मिली है। पुलिस का अनुमान है कि जिस समय भतीजी निशा ने रामप्रकाश का शव जमीन पर पड़ा देखा और शोर मचाते हुए इधर-उधर भागी तब हत्यारे कमरे के ही अंदर थे।
मकान के अंदर जाने के दो रास्ते थे। एक रास्ते से रामप्रकाश कोष्ठा आते-जाते थे और दूसरे से बड़े भाई किशनलाल व उनके परिजन। जिस समय हत्या की गई, उस समय रामप्रकाश का दरवाजा बंद था। इससे जाहिर होता है कि हत्यारे बड़े भाई के रास्ते से होकर ही घर के अंदर घुसे और वहीं से भागे।
पुलिस का मानना है कि घटनास्थल के मिले साक्ष्य इस ओर इशारा कर रहे है कि रामप्रकाश की हत्या किसी परिचित ने ही की है। यह भी संभावना है कि कुछ लोग कमरे में बात करने के बहाने आए हों और बातचीत के दौरान धोखे से दबोचाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया हो। पुलिस रामप्रकाश के मोबाइल को भी खंगाल रही है।

इंसेट
सिगरेट फेंककर पल्सर से भागे तीन लोग
मृतक की भतीजी निशा ने बताया कि उसने शोर मचाने के बाद देखा कि घर के नजदीक कूड़ा घर पर तीन लोग खड़े थे। दो पीठ किए थे जबकि एक उसके सामने था। सामने से दिख रहा युवक खड़े होकर सिगरेट पी रहा था। जब दोनों की नजरें मिल गई तो वह सिगरेट फेंककर अपने साथियों के साथ लाल रंग की पल्सर बाइक से भाग निकला। हालांकि, पुलिस को उसकी कहनी गले नहीं उतर रही है। निशा ने पुलिस को बताया कि सवा दस बजे रामप्रकाश ने बाहर से दरवाजे पर ताला लगवाया था। इसके बाद कुछ लोगों ने दरवाजा खटखटाया तो रामप्रकाश ने दरवाजा खोला। कमरे के अंदर आए लोग जोर-जोर से बातचीत कर रहे थे। कुछ देर बाद उसने देखा कि रामप्रकाश जमीन पर पड़ा हुआ है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद ही मिला था।

बाइक खड़ी करने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस ने बताया कि रामप्रकाश की अपने बड़े भाई किशनलाल से करीब एक साल पहले घर के अंदर बाइक खड़ी करने को लेकर विवाद हुआ था। भतीजे रोहित और मोहित ने विरोध करते हुए मारपीट की थी। तभी से दोनों भाइयों के बीच बोलचाल बंद हो गई थी।

टेलरिंग का भी शौक था रामप्रकाश को
रामप्रकाश को टेलरिंग का भी शौक था, जिसकी वजह से वह क्षेत्रीय लोगों के कपड़े भी गाहे बगाहे सिलते थे। पूछताछ करने पर क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस को बताया कि वह वकालत करने के अलावा कपड़े भी सिलते थे।

पहले राहगीर को, फिर मीडिया कर्मी को पीटा, रिपोर्ट दर्ज
झांसी। कचहरी चौराहा पर जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने राहगीरों को भी अपने गुस्सा का शिकार बनाया। जब मीडिया कर्मी फोटोग्राफी करने लगे तो उनके साथ मारपीट करते हुए कैमरे तोड़ डाले। इस मामले की रिपोर्ट नवाबाद थाने में दर्ज कराई गई है।
कचहरी चौराहा पर अधिवक्ता जाम लगाकर नारेबाजी कर रहे थे, तभी एक बाइक सवार साइड से होकर निकलने लगा। इस पर अधिवक्ताओं ने उसे पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान वहां कड़े मीडिया कर्मियों ने जब फोटोग्राफी शुरू कर दी है, तो अधिवक्ताओं ने उनसे भी मारपीट कर दी। तौसीफ कुरैशी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि अजय गोयल, लक्ष्मीकांत, गुड्डू शर्मा और आठ-दस अधिवक्ताओं ने मारपीट करते हुए उनके कैमरामैन इरशाद से कैमरा छीनकर लात घूंसों से पिटाई की, इसमें उनका कैमरा और मोबाइल फोन टूट गया।

इन बिंदुओं पर पुलिस कर रही पड़ताल
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1- रामप्रकाश के मोबाइल फोन की डिटेल खंगाली जा रही है। आखिरी बार फोन पर किससे बात हुई, इसका पता लगाया जा रहा है।
2- मुकदमा दर्ज कराने वाले भाई ने भतीजे रोहित और मोहित से विवाद का जिक्र क्यों किया? क्या रंजिश चल रही थी।
3- भतीजी निशा को ही पूरा घटनाक्रम क्यों पता है? कमरे से शोरशराबा सुनने के बाद उसने परिजनों को क्यों नहीं बताया था?
4- वारदात के बाद हत्यारे रुकेंगे नहीं, भागेंगे। निशा के अनुसार कूड़ाघर के पास तीनों लोग सिगरेट पी रहे थे, जो उसे देखकर पल्सर से भागे।
5- पुलिस को यकीन है कि पूछताछ के दौरान निशा ही हत्यारों के बारे में कोई क्लू देगी] क्योंकि उसकी कहानी में कई झोल हैं।
6- रामप्रकाश के क्षेत्र में रहने वाले दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि परिवार की स्थिति के बारे में पता चल सके।
7- आखिर ऐसा क्या विवाद था कि एक घर में रह रहे रामप्रकाश की अपने भाई किशनलाल कोष्ठा से एक वर्ष से बातचीत नहीं हुई।

शीघ्र गिरफ्तार हों हत्यारे
अधिवक्ता रामनरेश कोष्ठा की हत्या पर कांग्रेस ने रोष प्रकट किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने एसएसपी से दूरभाष पर वार्ता कर अपराधियों को चिह्नित कर शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। इस मौके पर अरविंद वशिष्ठ, राजेंद्र शर्मा, एच पी पटेल, देवी सिंह कुशवाहा, प्रेम वाल्मीकि, अफजाल हुसैन, दिलीप शाक्या, बद्री कोरी उपस्थित रहे।

हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग उठी
रामप्रकाश कोष्ठा एडवोकेट की हत्या पर बुधवार को अधिवक्ताओं ने रोष जाहिर किया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा एवं महामंत्री प्रणय श्रीवास्तव के संयुक्त नेतृत्व में युवा अधिवक्ता की हत्या के विरोध में डीएम को ज्ञापन सौंपा गया। हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में बलवान यादव, राजीव निगम, छोटेलाल वर्मा, धर्मेंद्र अग्रवाल, अशोक पटैरिया, अनुज चंद्र श्रीवास्तव, सुबोध लिखधारी मौजूद थे। झांसी टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर राय की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में जिला अधिवक्ता संघ ने हड़ताल का समर्थन किया। इस दौरान हुकुमचंद्र महाजन, लालता प्रसाद, अंकुर निगम, अनूप खरे, हर्षवर्धन गुप्ता मौजूद थे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भानु सहाय, राजेंद्र शर्मा, मुकेश अग्रवाल, ने डीएम से हत्यारों की गिरफ्तारी व 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। झांसी तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केशवकांत शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिवनारायन श्रीवास्तव, लक्ष्मण प्रसाद शर्मा, रामेश्वर प्रसाद राजपूत, अरविंद कुमार रावत, हरीश कुमार शुक्ला ने रोष जताया।
राजीव नायक एडवोकेट ने बताया कि अध्यक्ष बार कौंसिल ऑफ उप्र ने 23 अक्तूबर को बैठक बुलाई है, जिसमें प्रदेश में एक दिन की हड़ताल और 50 लाख मुआवजे की मांग की जाएगी। डिवीजनल बार एसोसिएशन की शोकसभा अध्यक्ष रामप्रकाश मिश्र की अध्यक्षता में हुई। इसमें रामप्रकाश अग्रवाल, बृजकिशोर माहेश्वरी, नूरउद्दीन सिद्दीकी, विनोद कुमार मौजूद थे। अधिवक्ता सभा सपा के जिला महासचिव शमीम खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिवक्ता की हत्या पर रोष जाहिर किया गया। इस दौरान संदीप सिंह यादव, आशाराम, सुभाष राय, अतीक अहमद, सूर्यप्रकाश राय, रामजी शांडिल्य मौजूद थे।

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