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एक ही परिवार के चार सदस्यों को उम्र कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2016 01:09 AM IST
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश शकील अहमद खां की अदालत ने एक ही परिवार के चार लोगों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
थाना ककरबई के ग्राम सिया के मथुरा प्रसाद द्वारा 24 नवंबर 2012 को थाने में दी गई तहरीर में बताया था कि उसका बेटा राजबहादुर व राकेश गांव में न्यौता देने गए थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे वापस लौटते समय पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही जब्बार, उसके पुत्र सोनू व मोनू तथा भाई बबलू व इमाम ने राजबहादुर पर कुल्हाड़ी व फरसे से हमला कर दिया। राकेश किसी तरह जान बचाकर भागा। चीख पुकार सुनकर पिता व कई अन्य लोग मौके पर पहुंच गए।
ललकारने पर हमलावर भाग गए। घटना में राजबहादुर की मौके पर ही मौत हो गई। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद धारा 302 में जब्बार, उसके पुत्र सोनू तथा भाई बबलू व इमाम को आजीवन कारावास की सुजा सुनाई। 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। धारा 148 में एक-एक साल की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के पिता को दी जाएगी। जबकि, नाबालिग होने की वजह से एक अन्य आरोपी मोनू की सुनवाई अलग से की जा रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मीचंद्र जैन ने की।
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थाना ककरबई के ग्राम सिया के मथुरा प्रसाद द्वारा 24 नवंबर 2012 को थाने में दी गई तहरीर में बताया था कि उसका बेटा राजबहादुर व राकेश गांव में न्यौता देने गए थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे वापस लौटते समय पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही जब्बार, उसके पुत्र सोनू व मोनू तथा भाई बबलू व इमाम ने राजबहादुर पर कुल्हाड़ी व फरसे से हमला कर दिया। राकेश किसी तरह जान बचाकर भागा। चीख पुकार सुनकर पिता व कई अन्य लोग मौके पर पहुंच गए।
ललकारने पर हमलावर भाग गए। घटना में राजबहादुर की मौके पर ही मौत हो गई। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद धारा 302 में जब्बार, उसके पुत्र सोनू तथा भाई बबलू व इमाम को आजीवन कारावास की सुजा सुनाई। 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। धारा 148 में एक-एक साल की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के पिता को दी जाएगी। जबकि, नाबालिग होने की वजह से एक अन्य आरोपी मोनू की सुनवाई अलग से की जा रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मीचंद्र जैन ने की।
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