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ट्रेन में लूटपाट करने वाले पांच बदमाश गिरफ्तार
amarujala
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:20 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी।
आरपीएफ क्राइम ब्रांच और बीना जीआरपी की टीम ने 12 मई को गोंडवाना एक्सप्रेस में लूटपाट करने वाले पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से दस लाख रुपये से अधिक का माल बरामद किया गया। पूछताछ में पुलिस को पता लगा कि इन बदमाशों ने कई और वारदातें भी की हैं।
विगत 12 मई की रात बदमाशों ने बीना- ललितपुर रेल सेक्शन में स्थित आगासौद स्टेशन के निकट गोंडवाना एक्सप्रेस को रोककर एस 6 और एस 7 कोच में सवार महिला यात्रियों के साथ लूटपाट की थी। बदमाश ग्वालियर निवासी महिला यात्री दमयंती और दमोह निवासी संध्या मिश्रा की पांच हजार रुपये से अधिक नकदी, सोने- चांदी के जेवरात, मोबाइल व अन्य सामान चोरी कर ले गए थे। घटना के कारण ट्रेन दो घंटे तक मौके पर खड़ी रही थी। रेल मंत्रालय तक इस घटना की गूंज सुनाई दी थी। आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्रा लगातार इस घटना के खुलासे के लिए बीना जीआरपी से संपर्क बनाए थे।
शुक्रवार को आरपीएफ क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक पीएस परिहार और बीना जीआरपी इंचार्ज प्रकाश सेन के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने उक्त वारदात को अंजाम देने वाले पांच लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें सतना के थाना बरौंधा क्षेत्र के गांव नकैला निवासी संदीप सिंह, सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र के टिकुरिया टोला निवासी आशीष गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, विजय गुप्ता और सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सोहावल गांव निवासी मनोज जोगी हैं। आरपीएफ के अनुसार बदमाशों ने ट्रेनों में 12 से अधिक चोरी और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। उनके पास से दस लाख रुपये से अधिक का सामान बरामद किया किया गया। बदमाशों ने भोपाल, झांसी, बीना, ग्वालियर, मुरैना, आमला, इटारसी, सतना और कटनी क्षेत्र को वारदात के लिए चुन रखा था।
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ऐसे करते हैं वारदात
पूछताछ में पता लगा कि ये लुटेरे चेन पुलिंग या एंगल कॉक निकालकर ट्रेन रोक लेते थे। कई बार ट्रेन की धीमी गति होने पर यात्री का सामान उठाकर या छीनकर भाग जाते थे। ज्यादातर महिलाओं और सोते यात्रियों को निशाना बनाते हैं। कोच के गेट के पास बैठे यात्री रहते हैं निशाने पर। ये लुटेरे चलती ट्रेन से उतरने में माहिर हैं।
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आरपीएफ क्राइम ब्रांच और बीना जीआरपी की टीम ने 12 मई को गोंडवाना एक्सप्रेस में लूटपाट करने वाले पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से दस लाख रुपये से अधिक का माल बरामद किया गया। पूछताछ में पुलिस को पता लगा कि इन बदमाशों ने कई और वारदातें भी की हैं।
विगत 12 मई की रात बदमाशों ने बीना- ललितपुर रेल सेक्शन में स्थित आगासौद स्टेशन के निकट गोंडवाना एक्सप्रेस को रोककर एस 6 और एस 7 कोच में सवार महिला यात्रियों के साथ लूटपाट की थी। बदमाश ग्वालियर निवासी महिला यात्री दमयंती और दमोह निवासी संध्या मिश्रा की पांच हजार रुपये से अधिक नकदी, सोने- चांदी के जेवरात, मोबाइल व अन्य सामान चोरी कर ले गए थे। घटना के कारण ट्रेन दो घंटे तक मौके पर खड़ी रही थी। रेल मंत्रालय तक इस घटना की गूंज सुनाई दी थी। आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्रा लगातार इस घटना के खुलासे के लिए बीना जीआरपी से संपर्क बनाए थे।
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शुक्रवार को आरपीएफ क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक पीएस परिहार और बीना जीआरपी इंचार्ज प्रकाश सेन के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने उक्त वारदात को अंजाम देने वाले पांच लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें सतना के थाना बरौंधा क्षेत्र के गांव नकैला निवासी संदीप सिंह, सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र के टिकुरिया टोला निवासी आशीष गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, विजय गुप्ता और सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सोहावल गांव निवासी मनोज जोगी हैं। आरपीएफ के अनुसार बदमाशों ने ट्रेनों में 12 से अधिक चोरी और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। उनके पास से दस लाख रुपये से अधिक का सामान बरामद किया किया गया। बदमाशों ने भोपाल, झांसी, बीना, ग्वालियर, मुरैना, आमला, इटारसी, सतना और कटनी क्षेत्र को वारदात के लिए चुन रखा था।
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ऐसे करते हैं वारदात
पूछताछ में पता लगा कि ये लुटेरे चेन पुलिंग या एंगल कॉक निकालकर ट्रेन रोक लेते थे। कई बार ट्रेन की धीमी गति होने पर यात्री का सामान उठाकर या छीनकर भाग जाते थे। ज्यादातर महिलाओं और सोते यात्रियों को निशाना बनाते हैं। कोच के गेट के पास बैठे यात्री रहते हैं निशाने पर। ये लुटेरे चलती ट्रेन से उतरने में माहिर हैं।