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10 वीं फेल कर रहे थे लाखों की ठगी
ब्यूरो
Updated Fri, 08 Jan 2016 01:17 AM IST
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नोएडा/झांसी। साइबर सेल ने फोन पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड की डिटेल लेकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। फर्जी कंपनी खोलकर कॉल सेंटर के जरिये लोगों से ठगी करने वाले इस गिरोह के पांच युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दो आरोपी 10वीं पास हैं तो तीन 10वीं फेल हैं। कंपनी का निदेशक झांसी में ठगी के मामले में जेल भी जा चुका है।
एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि सेक्टर-30 निवासी इंडियन शिपिंग कारपोरेशन के मैनेजर गोपीचंद शर्मा को 22 सितंबर को एक शख्स ने कॉल करके खुद को भारतीय स्टेट बैंक का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि आपके कार्ड से अनाधिकृत लेनदेन हो रहा है। इसे रोकने के लिए कार्ड ब्लॉक कर दिया गया है और नया कार्ड भेजा जा रहा है।
इसके बाद पुराने कार्ड की पूरी डिटेल ले ली गई। आरोपी ने उनसे कहा कि कुछ नंबर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएंगे, उन्हें वेरिफिकेशन के लिए बता दें। इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 34,337 और 57,255 रुपये निकाल लिए गए। गोपीचंद की शिकायत पर सेक्टर-20 थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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मामले की जांच के दौरान साइबर सेल को पता चला कि सेक्टर-63 के ए ब्लॉक में फर्जी कंपनी खोलकर कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। इसके बाद कॉल सेंटर से चार आरोपियों को पकड़ लिया गया। इनकी पहचान मोहित भाटी उर्फ सहदेव शर्मा, योगेश कुमार उर्फ अजय यादव, सुधांशु उर्फ राहुल और हरीश उर्फ सचिन के रूप में हुई। इनसे पूछताछ के आधार पर विपिन को भी गिरफ्तार किया गया।
विपिन ने फर्जी आईडी पर वॉकी टॉकी उपलब्ध करवा रखे थे। योगेश कंपनी का निदेशक है। पिछले साल वह झांसी में इस तरह के फर्जीवाड़े में जेल जा चुका है। कॉल सेंटर से पुलिस ने एक लैपटॉप, 15 वॉकी टॉकी, सात सिम कार्ड, दो चेक बुक बरामद की हैं। योगेश और मोहित 10वीं पास हैं। गिरोह के मुखिया जितेंद्र की तलाश की जा रही है। इनके तीन बैंक अकाउंट सीज कर दिए गए हैं जिनसे करीब 50 लाख का लेनदेन हुआ है।
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एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि सेक्टर-30 निवासी इंडियन शिपिंग कारपोरेशन के मैनेजर गोपीचंद शर्मा को 22 सितंबर को एक शख्स ने कॉल करके खुद को भारतीय स्टेट बैंक का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि आपके कार्ड से अनाधिकृत लेनदेन हो रहा है। इसे रोकने के लिए कार्ड ब्लॉक कर दिया गया है और नया कार्ड भेजा जा रहा है।
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इसके बाद पुराने कार्ड की पूरी डिटेल ले ली गई। आरोपी ने उनसे कहा कि कुछ नंबर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएंगे, उन्हें वेरिफिकेशन के लिए बता दें। इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 34,337 और 57,255 रुपये निकाल लिए गए। गोपीचंद की शिकायत पर सेक्टर-20 थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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मामले की जांच के दौरान साइबर सेल को पता चला कि सेक्टर-63 के ए ब्लॉक में फर्जी कंपनी खोलकर कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। इसके बाद कॉल सेंटर से चार आरोपियों को पकड़ लिया गया। इनकी पहचान मोहित भाटी उर्फ सहदेव शर्मा, योगेश कुमार उर्फ अजय यादव, सुधांशु उर्फ राहुल और हरीश उर्फ सचिन के रूप में हुई। इनसे पूछताछ के आधार पर विपिन को भी गिरफ्तार किया गया।
विपिन ने फर्जी आईडी पर वॉकी टॉकी उपलब्ध करवा रखे थे। योगेश कंपनी का निदेशक है। पिछले साल वह झांसी में इस तरह के फर्जीवाड़े में जेल जा चुका है। कॉल सेंटर से पुलिस ने एक लैपटॉप, 15 वॉकी टॉकी, सात सिम कार्ड, दो चेक बुक बरामद की हैं। योगेश और मोहित 10वीं पास हैं। गिरोह के मुखिया जितेंद्र की तलाश की जा रही है। इनके तीन बैंक अकाउंट सीज कर दिए गए हैं जिनसे करीब 50 लाख का लेनदेन हुआ है।