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संचालक समेत आठ को लिया हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2016 01:21 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। ऑन लाइन गेम्स की आड़ में चल रही सट्टेबाजी की सूचना पर बृहस्पतिवार की दोपहर में नवाबाद थाना पुलिस ने जेल चौराहा क्षेत्र में छापा मारकर सेंटर के संचालक समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपी ने प्रशासन से मिले अनुमति पत्र व टैक्स के भुगतान की पर्चियां भी दिखाईं, पर पुलिस कई मोबाइल फोन लगातार प्रयोग होने की वजह से मामले की हकीकत की पड़ताल में जुट गई है।
पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि जेल चौराहा स्थित एक दुकान पर बड़े स्तर पर आईपीएल क्रिकेट का सट्टा खेला जा रहा है। जब पुलिस ने सर्विलांस से पड़ताल की तो पता चला कि कई मोबाइल फोनों को लगातार प्रयोग किया जा रहा है।
इसके चलते दोपहर में नवाबाद थाना पुलिस ने सेंटर पर छापा मारा, जहां से संचालक समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने उपयोग में लाए जा रहे लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर आदि बरामद कर लिए। इसके बाद संचालक ने पुलिस को एडीएम फाइनेंस से मिला स्वीकृति पत्र और टैक्स अदायगी की रसीदें दिखाईं।
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एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया की पुलिस की टीम को मामले की तह में जाने के लिए लगा दिया गया है। रिकार्ड से पता चला है कि प्रतिदिन 12-13 लोग गेम खेलने के लिए आ रहे हैं। जिनसे इतनी इनकम संभव नहीं कि कार्यालय का खर्चा और कर्मियों के मेहनताने आदि का भुगतान किया जा सके।
सर्विलांस से पता चला है कि केंद्र से कई मोबाइल फोन प्रयोग में लाए जा रहे हैं, जिसकी वजह से कुछ गड़बड़ी की आशंका है।
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पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि जेल चौराहा स्थित एक दुकान पर बड़े स्तर पर आईपीएल क्रिकेट का सट्टा खेला जा रहा है। जब पुलिस ने सर्विलांस से पड़ताल की तो पता चला कि कई मोबाइल फोनों को लगातार प्रयोग किया जा रहा है।
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इसके चलते दोपहर में नवाबाद थाना पुलिस ने सेंटर पर छापा मारा, जहां से संचालक समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने उपयोग में लाए जा रहे लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर आदि बरामद कर लिए। इसके बाद संचालक ने पुलिस को एडीएम फाइनेंस से मिला स्वीकृति पत्र और टैक्स अदायगी की रसीदें दिखाईं।
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एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया की पुलिस की टीम को मामले की तह में जाने के लिए लगा दिया गया है। रिकार्ड से पता चला है कि प्रतिदिन 12-13 लोग गेम खेलने के लिए आ रहे हैं। जिनसे इतनी इनकम संभव नहीं कि कार्यालय का खर्चा और कर्मियों के मेहनताने आदि का भुगतान किया जा सके।
सर्विलांस से पता चला है कि केंद्र से कई मोबाइल फोन प्रयोग में लाए जा रहे हैं, जिसकी वजह से कुछ गड़बड़ी की आशंका है।