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जानलेवा हमले में अभियुक्त को 10 साल की जेल
ब्यूरो
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:47 AM IST
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या दो शकील अहमद खां की अदालत ने जानलेवा हमले के मामले में अभियुक्त को दस साल की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बरल निवासी बलवीर सिंह ने थाने में दी तहरीर में बताया था कि 14 नवंबर 2012 की रात करीबन आठ बजे उसका भाई सुखवीर सिंह, गांव के वीरेंद्र सिंह व राजेंद्र के साथ ग्राम में स्थित दुकान पर बैठा हुआ था।
इसी समय गांव का मुकेश उर्फ गब्बर आया और उसने आते ही सुखवीर पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसका भाई लहूलुहान होकर मौके पर गिर गया। वहां मौजूद वीरेंद्र व राजेंद्र ने उसे पकड़ना चाहा, तो वह धमकी देते हुए भाग गया। बाद में सुखवीर को इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त मुकेश उर्फ गब्बर को धारा 307 में 10 साल की सजा सुनाई तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 506 में दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मीचंद्र जैन ने की।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार चिरगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बरल निवासी बलवीर सिंह ने थाने में दी तहरीर में बताया था कि 14 नवंबर 2012 की रात करीबन आठ बजे उसका भाई सुखवीर सिंह, गांव के वीरेंद्र सिंह व राजेंद्र के साथ ग्राम में स्थित दुकान पर बैठा हुआ था।
इसी समय गांव का मुकेश उर्फ गब्बर आया और उसने आते ही सुखवीर पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसका भाई लहूलुहान होकर मौके पर गिर गया। वहां मौजूद वीरेंद्र व राजेंद्र ने उसे पकड़ना चाहा, तो वह धमकी देते हुए भाग गया। बाद में सुखवीर को इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त मुकेश उर्फ गब्बर को धारा 307 में 10 साल की सजा सुनाई तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 506 में दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मीचंद्र जैन ने की।
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