{"_id":"5c3f8b7dbdec2273222f79a2","slug":"41547668349-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छेड़खानी का दोषी अभियुक्त को कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छेड़खानी का दोषी अभियुक्त को कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा
Thu, 17 Jan 2019 01:22 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 17 Jan 2019 01:22 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अभय श्रीवास्तव की अदालत में किशोरी के साथ बदनीयत से छेड़खानी का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को चार साल की सजा सुनाई गई।
19 मार्च 2014 को थाना ककरबई इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री खेत से बाड़े में जा रही थी। दोपहर करीब दो बजे जब वह तालाब के निकट पहुंची थी, तभी गांव के राजा भैया यादव ने बुरी नीयत से पकड़कर पटक लिया। किशोरी के चीखने-चिल्लाने पर धमकाता हुआ भाग गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर थाना ककरबई पुलिस ने अभियुक्त राजा भैया के विरुद्ध धारा 354 आईपीसी व 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था।
गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त राजा भैया को अपराध में दोषी मानते हुए चार साल की सजा व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। जुर्माना राशि में से पांच हजार रुपये पीड़िता को दिये जाने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं। पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
19 मार्च 2014 को थाना ककरबई इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री खेत से बाड़े में जा रही थी। दोपहर करीब दो बजे जब वह तालाब के निकट पहुंची थी, तभी गांव के राजा भैया यादव ने बुरी नीयत से पकड़कर पटक लिया। किशोरी के चीखने-चिल्लाने पर धमकाता हुआ भाग गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर थाना ककरबई पुलिस ने अभियुक्त राजा भैया के विरुद्ध धारा 354 आईपीसी व 7/8 पॉक्सो अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था।
विज्ञापन
गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त राजा भैया को अपराध में दोषी मानते हुए चार साल की सजा व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। जुर्माना राशि में से पांच हजार रुपये पीड़िता को दिये जाने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं। पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर ने की।
विज्ञापन