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जेल से पांच मोबाइल, गुटका, सिगरेट व चाकू बरामद
Updated Sun, 15 Oct 2017 03:42 AM IST
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जेल से पांच मोबाइल, गुटका, सिगरेट व चाकू बरामद
ललितपुर। शनिवार को जिला कारागार में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह व पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल ने अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल से पांच मोबाइल समेत अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। दो घंटे तक चली छापेमारी के दौरान हड़कंप की स्थिति रही। लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिल रहीं थीं, इसी के चलते यह कार्रवाई की गई। जेल में सीसीटीवी कैमरा और जैमर न होने से सुरक्षा रामभरोसे है। इसी का लाभ उठाकर कैदियों को वीआईपी सुविधाएं दी जा रहीं हैं।
शनिवार को डीएम और एसपी ने सुबह साढ़े छह बजे जेल में अचानक पहुंचकर एक-एक कर सभी बैरकों की तलाशी ली। इस दौरान टीम को कुख्यात बंदी हरदोई निवासी राजेंद्र सिंह की बैरक से मोबाइल फोन मिला। निरीक्षण के दौरान जेल से कुल पांच मोबाइल पुलिस ने जब्त किए। इसमें एक मोबाइल बैरक के पास झाड़ियों से, एक मोबाइल बैरक से और तीन मोबाइल जेल के अस्पताल से बरामद हुए हैं। इसके अलावा जेल की कैंटीन में मांग से अधिक भंडारण करके रखे गए बासमती चावल, ताजी सब्जियां बरामद की गईं। इसके अतिरिक्त जेल की कैंटीन से एक बोरे में गुटखा, सिगरेट, लाइटर, दो चाकू भी बरामद हुए हैं। विशेष सुरक्षा में रह रहे कुख्यात कैदियों की अलग से बनाई गई बैरक से टीम को एलसीडी टीवी, कूलर, छोटा सिलेंडर, चूल्हा समेत कई आपत्तिजनक सामान मिला है। अधिकारियों ने जेल से मिले सामान को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बैरक से कंडोम भी बरामद हुए हैं।
खूंखार कैदियों को विशेष सुविधाएं
जिला कारागार के औचक निरीक्षण के दौरान जेल में खूंखार कैदियों को दी जा रही विशेष सुविधाओं का भी भंडाफोड़ हुआ है। गौरतलब है कि नोएडा जेल से आए कैदी ऋषिपाल सिंह भाटी, हरदोई के राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, गोरखपुर से मनोज ओझा को अस्पताल के पास बने विशेष बैरक में रखा गया है। इनको विशेष सुविधाएं देने के लिए इनकी बैरक में एलसीडी टीवी, कूलर, मोबाइल फोन के इंतजाम किए गए थे। वहीं, मनमुताबिक खाना बनाने के लिए इनकी बैरक में रखवाया गया गैस सिलेंडर और चूल्हा भी छापे के दौरान जब्त किया गया।
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जेलर ने कहा, पुलिस षड्यंत्र कर फंसा रही
जेलर रीवन सिंह ने बताया कि पुलिस ने षड्यंत्र के तहत जेल प्रशासन को बदनाम करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की है। उनका कहना है कि कुछ प्रकरणों से पुलिस विभाग जेल प्रशासन से खुन्नस खाए हुए है। जेलर का कहना है कि उनके सामने इस तरह का कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। मोबाइल भी पुलिस के द्वारा ही रखवाए गए हैं।
जेलर की पहले भी हो चुकी है शिकायत
कुछ दिन पहले बंदी रक्षक प्रेमबाबू तिवारी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया था कि छुट्टी मांगने पर जेलर की ओर से रुपयों की मांग की गई और विरोध करने पर उसपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। वहीं, खूंखार कैदियों को समय-समय पर वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की शिकायतें मिलती रहती थीं।
निरीक्षण की भनक लगने पर न मिलता सामान
जिला कारागार का हर महीने निरीक्षण किया जाता है, लेकिन अभी तक कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। लोगों का कहना है कि निरीक्षण की भनक लग जाती तो पहले ही जेल में सब कुछ दुरुस्त कर दिया जाता। शनिवार को पड़े छापे की जानकारी न मिलने के कारण यह सब सामान बरामद हो गया।
जेलर के आरोप सर्विस नियमावली के खिलाफ: डीएम
रुटीन प्रक्रिया के तहत जेल का औचक निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां मिली हैं उनके आधार पर शासन को पत्र भेजकर अवगत करवाया जाएगा। जेलर द्वारा लगाए जा रहे आरोप सर्विस नियमावली के खिलाफ हैं, इस संबंध में भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
डीएम के सामने ही बरामद हुआ सारा सामान: एसपी
रुटीन प्रक्रिया के तहत छापेमारी की गई थी। शिकायतें भी मिली थीं कि जेल में कैदी मोबाइल प्रयोग कर रहे हैं। जिलाधिकारी के सामने ही सभी आपत्तिजनक सामान की बरामदगी हुई है। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी आगे शासन कार्रवाई निर्धारित करेगा। जहां तक जेलर के आरोप की बात है तो सभी लोगों को अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
सलमान ताज पाटिल, पुलिस अधीक्षक
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ललितपुर। शनिवार को जिला कारागार में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह व पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल ने अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल से पांच मोबाइल समेत अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया गया। दो घंटे तक चली छापेमारी के दौरान हड़कंप की स्थिति रही। लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिल रहीं थीं, इसी के चलते यह कार्रवाई की गई। जेल में सीसीटीवी कैमरा और जैमर न होने से सुरक्षा रामभरोसे है। इसी का लाभ उठाकर कैदियों को वीआईपी सुविधाएं दी जा रहीं हैं।
शनिवार को डीएम और एसपी ने सुबह साढ़े छह बजे जेल में अचानक पहुंचकर एक-एक कर सभी बैरकों की तलाशी ली। इस दौरान टीम को कुख्यात बंदी हरदोई निवासी राजेंद्र सिंह की बैरक से मोबाइल फोन मिला। निरीक्षण के दौरान जेल से कुल पांच मोबाइल पुलिस ने जब्त किए। इसमें एक मोबाइल बैरक के पास झाड़ियों से, एक मोबाइल बैरक से और तीन मोबाइल जेल के अस्पताल से बरामद हुए हैं। इसके अलावा जेल की कैंटीन में मांग से अधिक भंडारण करके रखे गए बासमती चावल, ताजी सब्जियां बरामद की गईं। इसके अतिरिक्त जेल की कैंटीन से एक बोरे में गुटखा, सिगरेट, लाइटर, दो चाकू भी बरामद हुए हैं। विशेष सुरक्षा में रह रहे कुख्यात कैदियों की अलग से बनाई गई बैरक से टीम को एलसीडी टीवी, कूलर, छोटा सिलेंडर, चूल्हा समेत कई आपत्तिजनक सामान मिला है। अधिकारियों ने जेल से मिले सामान को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बैरक से कंडोम भी बरामद हुए हैं।
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खूंखार कैदियों को विशेष सुविधाएं
जिला कारागार के औचक निरीक्षण के दौरान जेल में खूंखार कैदियों को दी जा रही विशेष सुविधाओं का भी भंडाफोड़ हुआ है। गौरतलब है कि नोएडा जेल से आए कैदी ऋषिपाल सिंह भाटी, हरदोई के राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, गोरखपुर से मनोज ओझा को अस्पताल के पास बने विशेष बैरक में रखा गया है। इनको विशेष सुविधाएं देने के लिए इनकी बैरक में एलसीडी टीवी, कूलर, मोबाइल फोन के इंतजाम किए गए थे। वहीं, मनमुताबिक खाना बनाने के लिए इनकी बैरक में रखवाया गया गैस सिलेंडर और चूल्हा भी छापे के दौरान जब्त किया गया।
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जेलर ने कहा, पुलिस षड्यंत्र कर फंसा रही
जेलर रीवन सिंह ने बताया कि पुलिस ने षड्यंत्र के तहत जेल प्रशासन को बदनाम करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की है। उनका कहना है कि कुछ प्रकरणों से पुलिस विभाग जेल प्रशासन से खुन्नस खाए हुए है। जेलर का कहना है कि उनके सामने इस तरह का कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। मोबाइल भी पुलिस के द्वारा ही रखवाए गए हैं।
जेलर की पहले भी हो चुकी है शिकायत
कुछ दिन पहले बंदी रक्षक प्रेमबाबू तिवारी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बताया था कि छुट्टी मांगने पर जेलर की ओर से रुपयों की मांग की गई और विरोध करने पर उसपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। वहीं, खूंखार कैदियों को समय-समय पर वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने की शिकायतें मिलती रहती थीं।
निरीक्षण की भनक लगने पर न मिलता सामान
जिला कारागार का हर महीने निरीक्षण किया जाता है, लेकिन अभी तक कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। लोगों का कहना है कि निरीक्षण की भनक लग जाती तो पहले ही जेल में सब कुछ दुरुस्त कर दिया जाता। शनिवार को पड़े छापे की जानकारी न मिलने के कारण यह सब सामान बरामद हो गया।
जेलर के आरोप सर्विस नियमावली के खिलाफ: डीएम
रुटीन प्रक्रिया के तहत जेल का औचक निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां मिली हैं उनके आधार पर शासन को पत्र भेजकर अवगत करवाया जाएगा। जेलर द्वारा लगाए जा रहे आरोप सर्विस नियमावली के खिलाफ हैं, इस संबंध में भी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
डीएम के सामने ही बरामद हुआ सारा सामान: एसपी
रुटीन प्रक्रिया के तहत छापेमारी की गई थी। शिकायतें भी मिली थीं कि जेल में कैदी मोबाइल प्रयोग कर रहे हैं। जिलाधिकारी के सामने ही सभी आपत्तिजनक सामान की बरामदगी हुई है। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी आगे शासन कार्रवाई निर्धारित करेगा। जहां तक जेलर के आरोप की बात है तो सभी लोगों को अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
सलमान ताज पाटिल, पुलिस अधीक्षक