{"_id":"5a397bf54f1c1bee688c2caa","slug":"131513716725-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजू कमरया अपहरणकांड के आरोपी रिमांड पर, पुलिस करेगी पूछताछ 1-City","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
राजू कमरया अपहरणकांड के आरोपी रिमांड पर, पुलिस करेगी पूछताछ 1-City
Updated Wed, 20 Dec 2017 02:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विनोद जाट और लोकेंद्र को झांसी लाई पुलिस
झांसी। पांच महीने पहले हुए सराफा कारोबारी राजू कमरया और राहुल अग्रवाल के अपहरण के आरोपी कुख्यात बदमाश विनोद जाट और लोकेंद्र को थाना कोतवाली पुलिस झांसी लेकर आई है। दोनों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। बदमाशों से पूछताछ कर पुलिस अपहरण की घटना में शामिल लोकल नेटवर्क की जानकारी जुटाएगी।
थाना कोतवाली इलाके से सराफा कारोबारी राजू कमरया और राहुल अग्रवाल का 12 जुलाई को अपहरण हो गया था। 26 जुलाई की रात यूपी एसटीएफ ने आगरा में बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान दोनों व्यापारियों को सकुशल बरामद कर लिया था। लेकिन इस दौरान एक भी अपहरणकर्ता पुलिस के हाथ नहीं लग सके थे। बाद के दिनों में पुलिस ने अपहरण में शामिल हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के महामोनी गांव का रहने वाला विनोद जाट और उसके साथी लोकेंद्र को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। इसके बाद से विनोद जाट हाथरस एवं लोकेंद्र आगरा जेल में थे। घटना से जुड़े अन्य सुराग जुटाने के लिए आगरा और हाथरस पुलिस ने दोनों बदमाशों से पूछताछ की थी, लेकिन अपहरणकर्ताओं के स्थानीय नेटवर्क के बारे में पुलिस को ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई थी। मंगलवार को दोनों बदमाशों को पुलिस रिमांड पर झांसी लाया गया। यहां पुलिस अभिरक्षा में दोनों से पूछताछ की जाएगी। इस दौरान अपहरण की घटना में शामिल स्थानीय नेटवर्क के बारे में जानकारियां जुटाई जाएंगी। सूत्रों के अनुसार अपहरण की साजिश स्थानीय स्तर पर रची गई थी। इसमें कई स्थानीय लोग भी शािमल हैं। लेकिन, ठोस जानकारी न होने की वजह से पुलिस उन पर हाथ नहीं डाल पा रही थी। लेकिन, अब पुलिस की पूछताछ में घटना में शामिल स्थानीय बदमाशों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
जडेजा का भी पता लगाएगी पुलिस
विनोद जाट उर्फ विनोद चौधरी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वह अजय जडेजा गैंग का सक्रिय सदस्य है। जडेजा गैंग का यूपी से लेकर राजस्थान व मध्य प्रदेश में तगड़ा नेटवर्क है। इस अपहरणकांड में अजय जडेजा की भी सक्रिय भूमिका सामने आ चुकी है। लेकिन, उसकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पूछताछ में अजय जडेजा के ठिकाने का भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अजय जडेजा झांसी के सीपरी थाना इलाके का रहने वाला है। ऐसे में यह संभावनाएं ज्यादा हैं कि कारोबारियों के अपहरण में अजय जडेजा ने अपने लोकल नेटवर्क का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। पांच महीने पहले हुए सराफा कारोबारी राजू कमरया और राहुल अग्रवाल के अपहरण के आरोपी कुख्यात बदमाश विनोद जाट और लोकेंद्र को थाना कोतवाली पुलिस झांसी लेकर आई है। दोनों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। बदमाशों से पूछताछ कर पुलिस अपहरण की घटना में शामिल लोकल नेटवर्क की जानकारी जुटाएगी।
थाना कोतवाली इलाके से सराफा कारोबारी राजू कमरया और राहुल अग्रवाल का 12 जुलाई को अपहरण हो गया था। 26 जुलाई की रात यूपी एसटीएफ ने आगरा में बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान दोनों व्यापारियों को सकुशल बरामद कर लिया था। लेकिन इस दौरान एक भी अपहरणकर्ता पुलिस के हाथ नहीं लग सके थे। बाद के दिनों में पुलिस ने अपहरण में शामिल हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के महामोनी गांव का रहने वाला विनोद जाट और उसके साथी लोकेंद्र को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। इसके बाद से विनोद जाट हाथरस एवं लोकेंद्र आगरा जेल में थे। घटना से जुड़े अन्य सुराग जुटाने के लिए आगरा और हाथरस पुलिस ने दोनों बदमाशों से पूछताछ की थी, लेकिन अपहरणकर्ताओं के स्थानीय नेटवर्क के बारे में पुलिस को ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई थी। मंगलवार को दोनों बदमाशों को पुलिस रिमांड पर झांसी लाया गया। यहां पुलिस अभिरक्षा में दोनों से पूछताछ की जाएगी। इस दौरान अपहरण की घटना में शामिल स्थानीय नेटवर्क के बारे में जानकारियां जुटाई जाएंगी। सूत्रों के अनुसार अपहरण की साजिश स्थानीय स्तर पर रची गई थी। इसमें कई स्थानीय लोग भी शािमल हैं। लेकिन, ठोस जानकारी न होने की वजह से पुलिस उन पर हाथ नहीं डाल पा रही थी। लेकिन, अब पुलिस की पूछताछ में घटना में शामिल स्थानीय बदमाशों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
विज्ञापन
जडेजा का भी पता लगाएगी पुलिस
विनोद जाट उर्फ विनोद चौधरी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वह अजय जडेजा गैंग का सक्रिय सदस्य है। जडेजा गैंग का यूपी से लेकर राजस्थान व मध्य प्रदेश में तगड़ा नेटवर्क है। इस अपहरणकांड में अजय जडेजा की भी सक्रिय भूमिका सामने आ चुकी है। लेकिन, उसकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पूछताछ में अजय जडेजा के ठिकाने का भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अजय जडेजा झांसी के सीपरी थाना इलाके का रहने वाला है। ऐसे में यह संभावनाएं ज्यादा हैं कि कारोबारियों के अपहरण में अजय जडेजा ने अपने लोकल नेटवर्क का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन