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मां के प्रेमी का गला रेत शव फेंक दिया था झाड़ियों में

Sun, 19 Jun 2022 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2022 12:54 AM IST
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crime aleart gala reta gaya
झांसी। शनिवार की सुबह थाना कोतवाली इलाके में दिनदहाड़े एक वकील के मुंशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना को बड़े ही बेखौफ अंदाज में दो बाइक सवारों ने अंजाम दिया। इस मामले में एक महिला और अधिवक्ता समेत चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से दो को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। वारदात से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जबकि, शहर की घनी आबादी के बीच हुई घटना से इलाके में सनसनी है।
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दतिया गेट बाहर एवन कॉलोनी निवासी फजल अहमद (38) एडवोकेट अहसान के मुंशी थे। सुबह नौ बजे वे घर से कचहरी जा रहे थे। इसी बीच डा. राजेंद्र प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज के पास मोड़ पर पीछे से आ रहे दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। तमंचे से सटाकर मारी गई गोली पेट के आर-पार निकल गई। घटना से इलाके में सनसनी मच गई। सूचना पाकर फजल अहमद के भाई जफर अहमद व नजर अहमद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायलावस्था में पड़े फजल को उठाया और आनन-फानन स्कूटी पर बैठाकर मेडिकल कॉलेज लेकर भागे। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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डीआईजी जोगेंद्र कुमार, एसएसपी शिवहरी मीना, एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, सीओ सिटी राजेश राय समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से सुबूत इकट्ठा किए। 315 बोर का एक कारतूस भी मिला। माना जा रहा है कि हमलावरों ने तमंचे से दो फायर किए। एक फायर मिस हो गया, जबकि दूसरी गोली अपने निशाने पर बैठ गई। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्र किए।
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मृतक के भाई नजर अहमद कुरैशी की तहरीर पर पुलिस ने आरामशीन बीएचईएल निवासी संगीता अहिरवार, कलीचरण उर्फ कल्ला, अधिवक्ता व एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से दो आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पिता की बरसी के अगले दिन उठा पुत्र का जनाजा
झांसी। फजल के पिता सिंचाई विभाग में कार्यरत जलील अहमद की ग्यारह साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। शुक्रवार को उनकी बरसी थी। लेकिन, किसी को यह नहीं पता था कि पिता की बरसी के अगले दिन पुत्र का जनाजा उठेगा। भाई नजर अहमद ने बताया कि फजल की दस साल पहले शादी छतरपुर की शबाना से हुई थी। उसका छह साल का एक बेटा अजवान है। भाभी शबाना गर्भवती हैं।
छह साल रहा साथ, फिर शुरू हुआ जमीनी विवाद
झांसी। मृतक फजल अहमद और आरोपी महिला संगीता के बीच नजदीकी ताल्लुकात थे। जानकारी के मुताबिक महिला अपने दो बच्चों के साथ तकरीबन छह सालों तक फजल के साथ रही। फजल और महिला ने बीएचईएल, आरामशीन इलाके में चार प्लॉट व एक मकान भी खरीदा था। वे जमीन की खरीद-फरोख्त का काम भी करने लगे थे। इसी बीच महिला की दूसरे आरोपी कालीचरण उर्फ कल्ला से नजदीकियां बढ़ गईं थीं। यहीं से विवाद शुरू हो गया। महिला ने फजल पर दुष्कर्म व धर्म परिवर्तन कराने तक का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें फजल को सात महीने जेल में रहना पड़ा था। जमानत मिलने पर वो नवंबर 2021 में बाहर आया था। वहीं, मृतक फजल अहमद पर पिछले माह हंसारी रेलवे क्रॉसिंग पर दो फायर किए गए थे। घटना में वह बच गया था। रिपोर्ट लिखाने के लिए फजल सदर बाजार व प्रेमनगर थाने के बीच चक्कर काटता रहा, परंतु एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराने के लिए न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी।
पुजारी के गमछे से बांधा पेट
झांसी। घटना के वक्त घटनास्थल के पास स्थित हनुमान मंदिर पर पुजारी पं. कुलदीप नगाइच मंदिर में मौजूद थे। घायलावस्था में पड़े फजल को उठाने जब उसके भाई पहुंचे तो उसके पेट के घाव से खून बह रहा था। इस पर पुजारी ने तत्काल अपना सीताराम लिखा हुआ गमछा उन्हें दे दिया, जिसे पेट पर बांधकर भाई फजल को मेडिकल लेकर आए।

मृतक के परिजनों की ओर से तीन नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। इसके अलावा घटना स्थल से फोरेंसिक टीम ने भी सुबूत इकट्ठा किए हैं। आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं। पड़ताल जारी है।
- शिवहरी मीना, एसएसपी
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