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एक दशक से नहीं बढ़ सकी जेएसवाई की प्रोत्साहन राशि
ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 01:16 AM IST
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झांसी। जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि केंद्र सरकार द्वारा दस साल से नहीं बढ़ाई गई है। मातृत्व एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से शुरू हई इस योजना में प्रोत्साहन राशि न बढ़ना सरकार के दोहरे मानदंड की ओर इशारा कर रहा है।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रायोजित जननी सुरक्षा योजना की शुरूआत अप्रैल 2005 में हुई थी। इसके अंतर्गत सरकारी एवं चिह्नित गैर सरकारी संस्थान में प्रसव कराने पर शहरी क्षेत्र की महिला को एक हजार और ग्रामीण इलाके की महिला को 1400 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
प्रसव अस्पताल में अथवा दाई द्वारा किया जाना चाहिए। योजना का उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संस्थागत सुविधा प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक लाभार्थी के पास एमसीएच कार्ड के साथ-साथ जननी सुरक्षा योजना कार्ड भी होना जरूरी है।
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आशा एवं कोई अन्य सुनिश्चित संपर्क कार्यकर्ता द्वारा एएनएम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में अनिवार्य रूप से प्रसव की व्यवस्था करना आवश्यक है। इससे गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच और प्रसव के बाद देखभाल, निगरानी करने में मदद मिलती है।
केंद्र की यह महत्वाकांक्षी योजना होने के बावजूद एक दशक से प्रोत्साहन राशि बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया है। दस साल पूर्व जो प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, उसमें आज तक कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
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भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रायोजित जननी सुरक्षा योजना की शुरूआत अप्रैल 2005 में हुई थी। इसके अंतर्गत सरकारी एवं चिह्नित गैर सरकारी संस्थान में प्रसव कराने पर शहरी क्षेत्र की महिला को एक हजार और ग्रामीण इलाके की महिला को 1400 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
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प्रसव अस्पताल में अथवा दाई द्वारा किया जाना चाहिए। योजना का उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संस्थागत सुविधा प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक लाभार्थी के पास एमसीएच कार्ड के साथ-साथ जननी सुरक्षा योजना कार्ड भी होना जरूरी है।
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आशा एवं कोई अन्य सुनिश्चित संपर्क कार्यकर्ता द्वारा एएनएम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में अनिवार्य रूप से प्रसव की व्यवस्था करना आवश्यक है। इससे गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच और प्रसव के बाद देखभाल, निगरानी करने में मदद मिलती है।
केंद्र की यह महत्वाकांक्षी योजना होने के बावजूद एक दशक से प्रोत्साहन राशि बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया गया है। दस साल पूर्व जो प्रोत्साहन राशि दी जाती थी, उसमें आज तक कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।