कोरोना वायरस: बंदियों की भीड़ से हांफ रही झांसी जेल, रिहा होंगे 530 कैदी
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए झांसी कारागार से 530 बंदियों को रिहा करने का फैसला लिया गया है। यह सभी वो बंदी हैं जो छोटे-मोटे मामलों में कैद हैं। यह बंदी उन मामलों के आरोपी हैं जिनमें पांच साल से भी कम की सजा होती है।
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी मौजूद हैं। जेलों तक अगर कोरोना वायरस पहुंचा तो उससे कैसे निपटा जाएगा इसके लिए कारागार महकमा भी लगातार रणनीति बनाने में जुटा हुआ है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 88 कोरेंटीन बैरक बनाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश की जेलों में आने वाले हर कैदी को शुरुआती दस दिनों के लिए कोरेंटीन किया जा रहा है। डीजी जेल आनंद कुमार ने कुछ दिनों पहले ही बताया था कि फिलहाल जिन जेलों में क्षमता से कम कैदी हैं वहां दूसरी जेलों से सजायाफ्ता कैदियों को शिफ्ट किया जाएगा। यह निर्णय जेल प्रशासन की ओर से लिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कोरेंटाइन बैरक में एक साथ 15 से 20 कैदी को रखा जा सकता है। प्रदेश में 88 कोरेंटाइन बैरक हैं, ऐसे में एक साथ लगभग 1500 कैदियों को कोरेंटाइन बैरकों में रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में प्रदेश की 72 जेलों में 1,00,044 कैदी हैं, जबकि इन सभी जेलों की मिलाकर वास्तविक क्षमता 60,580 ही है।
क्षमता से अधिक कैदी वाले टॉप पांच जेल
| जेल | क्षमता | मौजूदा संख्या |
| जौनपुर | 320 | 1221 |
| ललितपुर | 122 | 433 |
| सहारनपुर | 533 | 1650 |
| शाहजहांपुर | 511 | 1407 |
| बदायूं | 529 | 1411 |
क्षमता से कम कैदी वाली टॉप पांच जेल
| जेल | क्षमता | मौजूदा संख्या |
| गौतमबुद्धनगर | 3750 | 2795 |
| कासगंज | 1050 | 760 |
| अंबेडकरनगर | 971 | 264 |
| चित्रकूट | 862 | 593 |
| आदर्श कारागार लखनऊ | 600 | 463 |