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कोरोना काल में बढ़ी कारों की मांग, 500 लोग कर रहे डिलीवरी का इंतजार
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झांसी। कोरोना काल में जहां एक ओर कारोबार और उद्योगों की रफ्तार मंद पड़ी हुई है, वहीं ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में उछाल है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि झांसी के ऑटोमोइल्स डीलरों के पास पांच सौ चौपहिया वाहनों की बुकिंग है, लेकिन कंपनियों से मांग के अनुरूप आपूर्ति कम होने की वजह से लोगों को अपनी गाड़ी पानी के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे की वजह से लोगों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से परहेज करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। आने जाने के लिए लोग स्वयं वाहन का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चौपहिया वाहनों की मांग में भारी उछाला आया है। मारुति, टाटा, टोयोटा, महिंद्रा समेत सभी कंपनियों की गाड़ियों की मांग बढ़ी है। लोग गाड़ी लेने के लिए शोरूमों पर जा रहे हैं और बुकिंग करके उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। बुकिंग के बाद भी गाड़ी हासिल करने के लिए उन्हें डेढ़ से दो महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। खासतौर पर कुछ चुनिंदा मॉडल की गाड़ियों की मांग ज्यादा बनी हुई है।
मांग में बढ़ोतरी के ये बताए जा रहे हैं कारण
- कोरोना काल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह निजी वाहनों से आवागमन को लोगों को ज्यादा सुरक्षित लगने लगा है।
- गाड़ियों के कई पार्ट्स की आपूर्ति चीन से होती थी। चीन से आपूर्ति बंद होने पर जापान व अन्य देशों से मंगाए जा रहे हैं। आपूर्ति कम होने से नई गाड़ियों का पर्याप्त संख्या में निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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- पिछले साल शादियों का सीजन लगभग शून्य रहा। लेकिन, इस बार अप्रैल से अच्छी सहालग है, जिसके चलते भी मांग बढ़ी हुई है।
- पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है तथा अगले साल विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक लोगों में बड़ी गाड़ियों की मांग बढ़ी है।
लोगों का आवागमन के लिए निजी वाहनों की ओर रुझान बढ़ा है। यही वजह है कि तेजी से कारों की मांग बढ़ी है। इसके अलावा मुंबई से ज्यादातर गाड़ियों की आपूर्ति होती है। वहां कोरोना बढ़ा हुआ है। कई जिलों में लॉकडाउन की स्थिति है। इससे आपूर्ति में कमी आई है।
- राकेश बघेल, जेएमके ऑटोमोबाइल्स
पिछले साल लॉकडाउन के दरम्यान ऑटोमोबाइल्स कारोबार एकदम रसातल में पहुंच गया था। उत्पादन के साथ बिक्री भी थम गई थी। इस साल परिस्थितियां सामान्य होने के बाद पुराने ग्राहक भी नई गाड़ी लेने पहुंचे हैं। इसके अलावा नए ग्राहकों की कतार भी लंबी है।
- पवित्र खन्ना, नटराज ऑटोमोबाइल्स
कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से बचने के लिए यातायात के सार्वजनिक साधनों की बजाय लोग निजी साधनों पर जोर देने लगे हैं। इससे छोटी-बड़ी सभी गाड़ियों की मांग में बढ़ोत्तरी हुई है। कई मॉडल की बुकिंग पचास से अधिक पहुंच चुकी है। डिलीवरी की व्यवस्था बनाई जा रही है।
- विकास राय, बसेरा वेलोसिटी कार
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कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे की वजह से लोगों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट से परहेज करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। आने जाने के लिए लोग स्वयं वाहन का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चौपहिया वाहनों की मांग में भारी उछाला आया है। मारुति, टाटा, टोयोटा, महिंद्रा समेत सभी कंपनियों की गाड़ियों की मांग बढ़ी है। लोग गाड़ी लेने के लिए शोरूमों पर जा रहे हैं और बुकिंग करके उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। बुकिंग के बाद भी गाड़ी हासिल करने के लिए उन्हें डेढ़ से दो महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। खासतौर पर कुछ चुनिंदा मॉडल की गाड़ियों की मांग ज्यादा बनी हुई है।
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मांग में बढ़ोतरी के ये बताए जा रहे हैं कारण
- कोरोना काल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह निजी वाहनों से आवागमन को लोगों को ज्यादा सुरक्षित लगने लगा है।
- गाड़ियों के कई पार्ट्स की आपूर्ति चीन से होती थी। चीन से आपूर्ति बंद होने पर जापान व अन्य देशों से मंगाए जा रहे हैं। आपूर्ति कम होने से नई गाड़ियों का पर्याप्त संख्या में निर्माण नहीं हो पा रहा है।
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- पिछले साल शादियों का सीजन लगभग शून्य रहा। लेकिन, इस बार अप्रैल से अच्छी सहालग है, जिसके चलते भी मांग बढ़ी हुई है।
- पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है तथा अगले साल विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक लोगों में बड़ी गाड़ियों की मांग बढ़ी है।
लोगों का आवागमन के लिए निजी वाहनों की ओर रुझान बढ़ा है। यही वजह है कि तेजी से कारों की मांग बढ़ी है। इसके अलावा मुंबई से ज्यादातर गाड़ियों की आपूर्ति होती है। वहां कोरोना बढ़ा हुआ है। कई जिलों में लॉकडाउन की स्थिति है। इससे आपूर्ति में कमी आई है।
- राकेश बघेल, जेएमके ऑटोमोबाइल्स
पिछले साल लॉकडाउन के दरम्यान ऑटोमोबाइल्स कारोबार एकदम रसातल में पहुंच गया था। उत्पादन के साथ बिक्री भी थम गई थी। इस साल परिस्थितियां सामान्य होने के बाद पुराने ग्राहक भी नई गाड़ी लेने पहुंचे हैं। इसके अलावा नए ग्राहकों की कतार भी लंबी है।
- पवित्र खन्ना, नटराज ऑटोमोबाइल्स
कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से बचने के लिए यातायात के सार्वजनिक साधनों की बजाय लोग निजी साधनों पर जोर देने लगे हैं। इससे छोटी-बड़ी सभी गाड़ियों की मांग में बढ़ोत्तरी हुई है। कई मॉडल की बुकिंग पचास से अधिक पहुंच चुकी है। डिलीवरी की व्यवस्था बनाई जा रही है।
- विकास राय, बसेरा वेलोसिटी कार