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मोटे और कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों को तीसरी लहर से खतरा

Thu, 03 Jun 2021 01:49 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 01:49 AM IST
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corona third wave children
झांसी। कोरोना काल में खेल-कूद सब बंद है। बच्चे घरों से बाहर निकल ही नहीं पाए। इन्हें घरों पर रोकने के लिए खाने की ख्वाहिशें भी पूरी की गईं। इससे वजन बढ़ गया है। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर मोटे और कमजोर इम्यूनिटि वाले बच्चों के लिए बड़ा खतरा हो सकती है। लिहाजा गार्जियन घर पर ही बच्चों को हल्की फुल्की एक्सरसाइज कराते रहें जिससे वह फिट रहें।
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कोरोना की पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में मरीजों की संख्या में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी हुई है। उसी अनुपात में बच्चों में हुए संक्रमण में भी इजाफा हुआ है। अब कोविड की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि मोटे बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है। वो ज्यादा भाग-दौड़ नहीं पाते। जल्दी थक भी जाते हैं। व्यायाम आदि भी नहीं करते हैं। इस कारण प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर आने में तीन से चार महीने का समय है। ऐसे में परिजन मोटे बच्चों पर ज्यादा ध्यान दें। बच्चों को फास्ट फूड न खिलाएं। फिटनेस पर भी ध्यान दें। इससे तीसरी लहर से लड़ने में काफी मदद मिलेगी। इसके अलावा जो बच्चे पहले से दिल, गुर्दा, लिवर या प्रतिरोधक क्षमता कम करने वाली बीमारी जैसे- कैंसर आदि से पीड़ित हैं, उन्हें भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ. ओमशंकर ने बताया कि कोविड से हुए बुखार व अन्य कारणों से हुए बुखार में फर्क कर पाना मुश्किल है। इसलिए हर बुखार, खांसी को कोविड की संभावना के रूप में देखना चाहिए। खासकर, तब जब घर का कोई सदस्य कोरोना संक्रमित हो। उन्होंने बताया कि यदि मां और बच्चा दोनों कोरोना पॉजिटिव हैं तो साथ रह सकते हैं। जहां तक मुमकिन हो, बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए। यदि मां ज्यादा बीमार या अस्पताल में भर्ती है तो न कराएं। वहीं, यदि मां पॉजिटिव और बच्चा निगेटिव है और बच्चे की देखरेख करने वाला कोई दूसरा है तो उससे दूरी बनाकर रखें।
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दो से तीन सप्ताह बाद लगवाएं टीका
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आराधना कनकने के मुताबिक टीकाकरण कार्ड के समय अनुसार जो टीके बच्चों में लगने चाहिए, उनको कोरोना के लक्षणों से 2 सप्ताह बाद लगवा सकते हैं। अगर बच्चों में अधिक मात्रा में स्टेरॉयड की जरूरत पड़ी है तो टीकाकरण आगामी तीन सप्ताह तक स्थगित कर दें। अभी तक की संशोधित कोरोना नियमावलियों के अनुसार गर्भवस्था और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को कोविड ॎटीकाकरण का प्रावधान नहीं है।
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बच्चों में कोरोना के लक्षण
- खांसी, जुकाम, बदन दर्द, पेट दर्द, उल्टी व दस्त।
डॉक्टर की सलाह पर ही कराएं सीटी
यदि घर में कोई सदस्य कोविड पॉजिटिव हो। बच्चे में कोरोना के लक्षण सामने आने लगें। इन हालातों में यदि तीन दिन से ज्यादा बच्चे को बुखार बना रहे तो उसकी कोरोना की जांच कराएं। छाती का सीटी स्कैन केवल डॉक्टरी सलाह पर ही कराएं।
ये भी ध्यान दें
- दो साल के ऊपर के सभी बच्चे मास्क पहनें।
- 60-70 फीसदी संक्रमित बच्चों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देता।
- इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जरूरत अनुसार विटामिन सी, जिंक दें।
बच्चे के गंभीर होने के लक्षण
- तेज बुखार होना, जो 4-5 दिनों तक चढ़ता-उतरता रहे।
- शिशु/बच्चे का आहार बिल्कुल न खाना व सुस्त होना।
- बच्चे की श्वांसों का तीव्र गति से चलना/पसलियों का उखड़ना।
- ऑक्सीजन का रक्त में संचरण (सेच्युरेशन ) 94 फीसदी से कम होना।
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