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कोविड लैब में एक ही मशीन, हो पातीं रोज अधिकतम 200 जांचें
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की कोविड लैब में प्रतिदिन अधिकतर 200 जांचें हो पा रही हैं, ये आंकड़ा पूरे बुंदेलखंड का है। मेडिकल कॉलेज में बुंदेलखंड के पांच जिलों के सैंपल आते हैं। ऐसे में प्रतिदिन हर जिले की औसतन 50 जांचें हो पाती हैं। पिछले कुछ दिनों में झांसी में कोरोना मरीजों की तादाद जितनी तेजी से बढ़ी है, उसके मद्देनजर जांचों की संख्या बहुत कम है। मशीनों की संख्या बढ़ना बहुत जरूरी है। ताकि, अधिक से अधिक संदिग्धों की जांच हो सके।
मेडिकल कॉलेज में कोविड लैब शुरू हुए लगभग तीन सप्ताह हो गए। एक सप्ताह पहले तक झांसी में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं होने की वजह से जांचों को लेकर ज्यादा समस्या नहीं थी। कानपुर तक के सैंपल झांसी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए आने लगे थे। पिछले आठ-दस दिनों में ही कोरोना वायरस ने बुंदेलखंड में तेजी से पांव पसारे हैं। झांसी में ही एक दम से मरीजों की संख्या शून्य से नौ पहुंच गई है। ध्यान देने वाली बात ये है कि नौ में से आठ मरीजों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई ही नहीं दिए हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। ऐसे में हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट क्षेत्र में जांच का दायरा बढ़ाया जाना बहुत जरूरी है। रोजाना 100-125 सैंपल तो लिए जा रहे हैं लेकिन कभी 50, कभी 70 जांचें हो पा रही हैं, क्योंकि कोविड लैब में झांसी के अलावा ललितपुर, जालौन, बांदा और महोबा के भी सैंपल आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बीएसएल लैब भी शुरू होनी थी लेकिन यूपीएस नहीं आने के कारण अभी यहां जांच चालू नहीं हो पाई हैं। यदि ये लैब शुरू हो जाती है तो 300 से 350 जांचें प्रतिदिन होने लगेंगी। यह संख्या भी काफी कम है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को और जांच मशीनों की जरूरत है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक-दो दिन में बीएसएल लैब शुरू होने का दावा कर रहा है। वहीं, शासन से एक अन्य मशीन आने की बात कही है।
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मेडिकल कॉलेज में कोविड लैब शुरू हुए लगभग तीन सप्ताह हो गए। एक सप्ताह पहले तक झांसी में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं होने की वजह से जांचों को लेकर ज्यादा समस्या नहीं थी। कानपुर तक के सैंपल झांसी मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए आने लगे थे। पिछले आठ-दस दिनों में ही कोरोना वायरस ने बुंदेलखंड में तेजी से पांव पसारे हैं। झांसी में ही एक दम से मरीजों की संख्या शून्य से नौ पहुंच गई है। ध्यान देने वाली बात ये है कि नौ में से आठ मरीजों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई ही नहीं दिए हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। ऐसे में हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट क्षेत्र में जांच का दायरा बढ़ाया जाना बहुत जरूरी है। रोजाना 100-125 सैंपल तो लिए जा रहे हैं लेकिन कभी 50, कभी 70 जांचें हो पा रही हैं, क्योंकि कोविड लैब में झांसी के अलावा ललितपुर, जालौन, बांदा और महोबा के भी सैंपल आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बीएसएल लैब भी शुरू होनी थी लेकिन यूपीएस नहीं आने के कारण अभी यहां जांच चालू नहीं हो पाई हैं। यदि ये लैब शुरू हो जाती है तो 300 से 350 जांचें प्रतिदिन होने लगेंगी। यह संख्या भी काफी कम है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को और जांच मशीनों की जरूरत है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक-दो दिन में बीएसएल लैब शुरू होने का दावा कर रहा है। वहीं, शासन से एक अन्य मशीन आने की बात कही है।
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