गुजरात से आए एक प्रवासी मजदूर कोरोना पॉजिटिव, मुंबई से आए श्रमिक की मौत
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कोरोना वायरस का संक्रमण क्वारंटीन सेंटर तक जा पहुंचा है। जी हां, मड़ावरा के क्वारंटीन सेंटर में पिछले एक सप्ताह से रुके एक प्रवासी मजदूर में इस महामारी का संक्रमण पाया गया है, जिसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। लेकिन, नया मरीज सामने आने के साथ ही चुनौतियां बढ़ गईं हैं। क्वारंटीन सेंटर में संक्रमित मरीज के संपर्क में आए आधा सैकड़ा लोग प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। आनन-फानन में सभी के नमूने लेकर जांच के लिए कोविड लैब में भेजे गए हैं। वहीं, मुंबई से लौटे एक प्रवासी मजदूर की जिला अस्पताल में मौत हो गई है। मृतक मरीज का नमूना भी कोरोना जांच के भेजा गया है। फिलहाल, एक प्रवासी मजदूर में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने और दूसरे की मौत होने से जिले में हड़कंप की स्थिति है।
गुजरात के अहमदाबाद से 17 मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 18 प्रवासी मजदूर पहुंचे थे, जिन्हें मड़ावरा के सरस्वती मंदिर महाविद्यालय में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था। इनमें एक व्यक्ति मप्र के जिला टीकमगढ़ के ग्राम मनगुवां का भी था, जो अपने मामा के साथ यहां पहुंचा था। क्वारंटीन सेंटर में सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी। इनमें से 10 लोगों के नमूने जांच के लिए 22 मई को कोविड लैब भेजे गए थे। इनमें से उक्त प्रवासी मजदूर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि, इस प्रवासी मजदूर में कोरोना वायरस के संक्रमण की संदिग्धता शुरू से ही नजर आने लगी थी, जिसके चलते उसे क्वारंटीन सेंटर के अलग कक्ष में रखा गया था। प्रवासी मजदूर का नमूना पॉजिटिव आने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। मरीज के कक्ष को सील कर दिया गया है।
वहीं, जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई है। उसके शव को सुरक्षित रखकर कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया है। बिहार के जिला मधुबनी निवासी नसरुद्दीन (60) महाराष्ट्र के मुंबई में काम करता था। वह 10 - 11 साथियों के साथ घर जाने के लिए बस से आ रहा था। सोमवार की रात को बस मुख्यालय आ गई। मंगलवार को उसे सांस लेने में दिक्कत होने के साथ ही अचानक हालत बिगड़ते देख साथियों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन, उसकी मौत हो गई।
आधा सैकड़ा आए रडार पर
क्वारंटीन सेंटर में ठहरे प्रवासी मजदूर में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद आधा सैकड़ा लोग प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। इनमें क्वारंटीन सेंटर में ठहरे अन्य प्रवासी मजदूरों के साथ-साथ क्वारंटीन सेंटर सरस्वती मंदिर महाविद्यालय में तैनात शिक्षक, सुरक्षा में लगे होमगार्ड, सफाई कर्मचारी व रसोई में कार्यरत स्टाफ भी शामिल है। सभी के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए कोविड लैब भेजा गया है।
फिर खड़ी हो गई चुनौति
ललितपुर में कोरोना वायरस संक्रमण का अब तक एक मामला सामने आया था। एक चिकित्सा कर्मचारी में इसका संक्रमण पाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत भी हो गई थी। इसके बाद से लगातार जांचें जारी थीं, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आ रहीं थीं। लेकिन, प्रवासी मजदूर में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद से एक बार फिर जिले के लिए चुनौतियां बढ़ गईं हैं।
कोरोना पॉजीटिव के संपर्क में आने वाले सभी लोगों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

क्वारंटीन सेंटर में लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करते चिकित्सक- फोटो : LALITPUR