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मांगलिक कार्यों पर कोरोना का ग्रहण
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झांसी। चैत्र माह में सभी मांगलिक एवं संस्कार कार्य शुभ होते हैं। सगाई, विवाह, मुंडन, पुंसवन, नामकरण संस्कारों सहित गृह प्रवेश, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाप, यज्ञ, अनुष्ठान, पूजा पाठ होते हैं। लेकिन कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगे लॉकडाउन के कारण यह सभी कार्य संभव नहीं हो पा रहे हैं। इससे पुरोहितों की दिनचर्या तो प्रभावित हुई है, साथ ही में उनके समक्ष आर्थिक संकट भी छाने लगा है।
लॉकडाउन में चैत्र नवरात्र, राम नवमी सहित कई प्रमुख त्योहार पडे़ हैं। मांगलिक एवं वैवाहिक कार्यक्रमों की दृष्टि से यह महीना काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन लॉकडाउन लगा है। इससे मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है। सगाई, लगुन, वैवाहिक, जन्मदिन सहित अन्य सभी मांगलिक कार्य पूरी तरह से बंद हैं। जिससे पुरोहितों के दैनिक जीवन पर भी प्रभाव पड़ने लगा है। इनका कहना है, कि लॉकडाउन ठीक है। हालांकि पुरोहिताई का कार्य करने वाले कई लोग रोज कमाते और खाते हैं। ग्रामीण अंचलों से कई लोग जुडे़ हैं। शहर में किराये के मकान में रहे रहे हैं। ऐसे में उनके समक्ष आर्थिक परेशानी उत्पन्न होने लगी है। ऐसे में उन्हें सहयोग की विशेष जरूरत है।
मंदिरों व घरों में जो मासिक पाठ होते हैं। वह नहीं कर पा रहे हैं। क ई दुकानों पर भी पूजा करने जाते हैं। लेकिन बाजार बंद हैं। अब आर्थिक परेशानी आने लगी है।
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मदन मोहन शास्त्री, निवासी संगम बिहार
चैत्र माह लगभग पूरा निकल गया है। पूजा कार्य करने वाले लोग बेरोजगार हैं। लगुन, सगाई सहित कोई कार्य नहीं हो पा रहा है। कहीं से कोई खास सहयोग भी नहीं मिल रहा है।
हरीशंकर चतुर्वेदी निवासी, नई बस्ती
पुरोहित कार्य कर रहे लोगों को सहायता दी जाने चाहिए। कई पुजारी रोज कमाते हैं और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। किसी भी प्रकार के सहयोग से उनका भरण पोषण हो सकेगा।
कैलाश प्रकाश मिश्रा, निवासी नई बस्ती
लॉकडाउन में हम सभी लोग घरों में बैठे है। घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल पड़ रहा है। कहीं से भी कोई सहयोग नहीं है। गांव से जो गेंहू, दाल आया था। उसी से काम चला रहे हैं।
रमेश भार्गव, निवासी आईटीआई के समीप
अनुष्ठान, कथा भी नहीं कर पा रहे हैं। किराये के मकान में रह रहे हैं। आय के लगभग सभी साधन बंद हैं। कई प्रकार की परेशानी आ रही हैं। जरूरत है, कि हमें भी सहयोग मिले।
राजेश व्यास, निवासी दतिया गेट बाहर
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लॉकडाउन में चैत्र नवरात्र, राम नवमी सहित कई प्रमुख त्योहार पडे़ हैं। मांगलिक एवं वैवाहिक कार्यक्रमों की दृष्टि से यह महीना काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन लॉकडाउन लगा है। इससे मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है। सगाई, लगुन, वैवाहिक, जन्मदिन सहित अन्य सभी मांगलिक कार्य पूरी तरह से बंद हैं। जिससे पुरोहितों के दैनिक जीवन पर भी प्रभाव पड़ने लगा है। इनका कहना है, कि लॉकडाउन ठीक है। हालांकि पुरोहिताई का कार्य करने वाले कई लोग रोज कमाते और खाते हैं। ग्रामीण अंचलों से कई लोग जुडे़ हैं। शहर में किराये के मकान में रहे रहे हैं। ऐसे में उनके समक्ष आर्थिक परेशानी उत्पन्न होने लगी है। ऐसे में उन्हें सहयोग की विशेष जरूरत है।
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मंदिरों व घरों में जो मासिक पाठ होते हैं। वह नहीं कर पा रहे हैं। क ई दुकानों पर भी पूजा करने जाते हैं। लेकिन बाजार बंद हैं। अब आर्थिक परेशानी आने लगी है।
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मदन मोहन शास्त्री, निवासी संगम बिहार
चैत्र माह लगभग पूरा निकल गया है। पूजा कार्य करने वाले लोग बेरोजगार हैं। लगुन, सगाई सहित कोई कार्य नहीं हो पा रहा है। कहीं से कोई खास सहयोग भी नहीं मिल रहा है।
हरीशंकर चतुर्वेदी निवासी, नई बस्ती
पुरोहित कार्य कर रहे लोगों को सहायता दी जाने चाहिए। कई पुजारी रोज कमाते हैं और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। किसी भी प्रकार के सहयोग से उनका भरण पोषण हो सकेगा।
कैलाश प्रकाश मिश्रा, निवासी नई बस्ती
लॉकडाउन में हम सभी लोग घरों में बैठे है। घर का खर्चा चलाना भी मुश्किल पड़ रहा है। कहीं से भी कोई सहयोग नहीं है। गांव से जो गेंहू, दाल आया था। उसी से काम चला रहे हैं।
रमेश भार्गव, निवासी आईटीआई के समीप
अनुष्ठान, कथा भी नहीं कर पा रहे हैं। किराये के मकान में रह रहे हैं। आय के लगभग सभी साधन बंद हैं। कई प्रकार की परेशानी आ रही हैं। जरूरत है, कि हमें भी सहयोग मिले।
राजेश व्यास, निवासी दतिया गेट बाहर