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कॉपी में पास, रिजल्ट में फेल
ब्यूरो
Updated Sun, 20 Dec 2015 01:50 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अजब सिस्टम की गजब कहानी का एक और नमूना सामने आ गया। बीटेक विभाग का छात्र अच्छे नंबरों से पास होने के बावजूद फेल कर दिया गया। अब वह अपने नंबर सही कराने के लिए चक्कर लगा रहा है, लेकिन लगातार उसकी उपेक्षा की जा रही है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीटेक बायोमेडिकल का छात्र अजय कुमार ने प्रथम सेमेस्टर के पेपर दिए थे। जब रिजल्ट आया तो छात्र खुद को फेल देखकर भौचक्का रह गया। परीक्षा परिणाम में छात्र को इस विषय में महज नौ नंबर दर्शाए गए थे।
चूंकि, इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीटेक की कॉपियों को मूल्यांकन के पश्चात ऑनलाइन कर दिया है, इसकी मदद से छात्र ने जब ऑनलाइन कॉपी देखी तो उसमें 54 नंबर दर्शा रहे थे। कॉपी चेकिंग के दौरान शिक्षक ने सभी उत्तरों के एवज में छात्र को नंबर तो दिए लेकिन नंबरों की एंट्री के दौरान घोर लापरवाही बरती गई।
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मेहनत से पढ़ाई करने के बावजूद छात्र को फल खट्टा मिला। अब छात्र विश्वविद्यालय में अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाकर अपने नंबर सुधरवाने की गुहार पिछले डेढ़ माह से लगा रहा है। उसे अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार टरकाया जा रहा है। इससे छात्र का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से आजिज आकर अंत में छात्र ने कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय को प्रार्थना पत्र देकर मार्कशीट में अंक चढ़वाने की गुहार लगाई है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीटेक बायोमेडिकल का छात्र अजय कुमार ने प्रथम सेमेस्टर के पेपर दिए थे। जब रिजल्ट आया तो छात्र खुद को फेल देखकर भौचक्का रह गया। परीक्षा परिणाम में छात्र को इस विषय में महज नौ नंबर दर्शाए गए थे।
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चूंकि, इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीटेक की कॉपियों को मूल्यांकन के पश्चात ऑनलाइन कर दिया है, इसकी मदद से छात्र ने जब ऑनलाइन कॉपी देखी तो उसमें 54 नंबर दर्शा रहे थे। कॉपी चेकिंग के दौरान शिक्षक ने सभी उत्तरों के एवज में छात्र को नंबर तो दिए लेकिन नंबरों की एंट्री के दौरान घोर लापरवाही बरती गई।
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मेहनत से पढ़ाई करने के बावजूद छात्र को फल खट्टा मिला। अब छात्र विश्वविद्यालय में अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाकर अपने नंबर सुधरवाने की गुहार पिछले डेढ़ माह से लगा रहा है। उसे अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार टरकाया जा रहा है। इससे छात्र का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से आजिज आकर अंत में छात्र ने कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय को प्रार्थना पत्र देकर मार्कशीट में अंक चढ़वाने की गुहार लगाई है।