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किराए की गाड़ी में ज्यादा रहता है कोरोना संक्रमण का खतरा
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झांसी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कई लोग गाड़ी को पूरी तरह सैनिटाइज के बाद ही किराए पर ले जा रहे हैं। दरअसल, कार में सफर के दौरान एसी चालू रहने और चारों शीशे बंद रहने की स्थिति से ज्यादा बिगड़ सकती है। संक्रमण से बचने के लिए एसी चालू न रखें और शीशे खोलकर चलें।
किराए के चार पहिया वाहनों में प्रतिदिन अलग- अलग लोग सफर करते हैं। एक शोध के अनुसार यात्रियों द्वारा छोड़ी गई सांस से निकले एयरोसॉल के सूक्ष्म कण बिना धरातल पर आए लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं। इसलिए कण अगर कार से बाहर न निकले तो समय के साथ ये अलग- अलग यात्रियों के लिए जोखिम का कारण बन सकते हैं। गाड़ी में एसी का चालू रहना और चारों शीशे बंद रहना स्थिति को बिगाड़ सकते हैं। इससे अंदर हवा का प्रसार नहीं होता है। बारीक कण लंबे समय तक हवा में रहते हैं। यही कारण है कि कई लोग किराए की गाड़ी तय करने के बाद उसे सैनिटाइज करा रहे हैं। वहीं, चालक भी वापस लौटने के बाद गाड़ी को धुलवाने व सैनिटाइज कराने का काम कर रहे हैं। झांसी में पांच सौ से अधिक किराए की गाड़ियां चलतीं हैं।
कोरोना संक्रमण के डर से बेहद सावधानी बरत रहे हैं। मैं हर बार गाड़ी वापस लाने के बाद उसको सैनिटाइज करवाता हूं। - वेद, चालक।
मैं एसी बिलकुल नहीं चला रहा हूं। खिड़कियां खुलीं रखते हैं और सवारियों को हर समय मास्क लगाने की सलाह देते रहते हैं। - राहुल, चालक।
गाड़ी में सीटों की संख्या के हिसाब से ही सवारियां बिठा रहे हैं। ज्यादा सवारी होने पर जाने से इंकार कर देते हैं। जान जोखिम में नहीं डालना है। - सुरेंद्र यादव, चालक।
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कई सवारियां जाने से पहले गाड़ी को सैनिटाइजर करवाते हैं। इसमें उनका 700 से 800 रुपये खर्च हो जाते हैं। - हेमंत तिवारी, चालक।
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किराए के चार पहिया वाहनों में प्रतिदिन अलग- अलग लोग सफर करते हैं। एक शोध के अनुसार यात्रियों द्वारा छोड़ी गई सांस से निकले एयरोसॉल के सूक्ष्म कण बिना धरातल पर आए लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं। इसलिए कण अगर कार से बाहर न निकले तो समय के साथ ये अलग- अलग यात्रियों के लिए जोखिम का कारण बन सकते हैं। गाड़ी में एसी का चालू रहना और चारों शीशे बंद रहना स्थिति को बिगाड़ सकते हैं। इससे अंदर हवा का प्रसार नहीं होता है। बारीक कण लंबे समय तक हवा में रहते हैं। यही कारण है कि कई लोग किराए की गाड़ी तय करने के बाद उसे सैनिटाइज करा रहे हैं। वहीं, चालक भी वापस लौटने के बाद गाड़ी को धुलवाने व सैनिटाइज कराने का काम कर रहे हैं। झांसी में पांच सौ से अधिक किराए की गाड़ियां चलतीं हैं।
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कोरोना संक्रमण के डर से बेहद सावधानी बरत रहे हैं। मैं हर बार गाड़ी वापस लाने के बाद उसको सैनिटाइज करवाता हूं। - वेद, चालक।
मैं एसी बिलकुल नहीं चला रहा हूं। खिड़कियां खुलीं रखते हैं और सवारियों को हर समय मास्क लगाने की सलाह देते रहते हैं। - राहुल, चालक।
गाड़ी में सीटों की संख्या के हिसाब से ही सवारियां बिठा रहे हैं। ज्यादा सवारी होने पर जाने से इंकार कर देते हैं। जान जोखिम में नहीं डालना है। - सुरेंद्र यादव, चालक।
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कई सवारियां जाने से पहले गाड़ी को सैनिटाइजर करवाते हैं। इसमें उनका 700 से 800 रुपये खर्च हो जाते हैं। - हेमंत तिवारी, चालक।