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बिना काम के चहेते ठेकेदारों को कर दिया भुगतान, अफसरों से वसूले जाएंगे 43.69 लाख

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 11:00 PM IST
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contractors paid without work, recovery from officers to be done
बिना काम के चहेते ठेकेदारों को कर दिया भुगतान, अफसरों से वसूले जाएंगे 43.69 लाख पं.दीनदयाल के नाम से शुरू हुई चैकडैम बनाने की योजना का मामला, डीडी भूमि संरक्षण की रिपोर्ट से खुली पोल मैदानी ईकाई के भूमि संरक्षण अधिकारी समेत अन्य अफसरों पर लटकी तलवार पं.दीनदयाल वर्षा जल योजना में भी गड़बड़झाला अमर उजाला ब्यूरो झांसी। भाजपाराज में पं.दीनदयाल उपाध्याय के नाम से शुरू होने वाली योजनाएं भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं रह गईं। पं.दीनदयाल के नाम से शुरू हुई चैकडैम बनाने की योजना में बिना काम कराए ही अफसरों ने चहेते ठेकेदारों के बीच लाखों रुपये बांट दिए हालांकि उपनिदेशक भूमि संरक्षण ने गड़बड़ी पकड़ ली। उन्होंने बीएसए समेत अन्य के खिलाफ 43.69 लाख रुपये की वसूली करने की संस्तुति शासन से की है। बुंदेलखंड में पानी की समस्या को देखते हुए भूमि संरक्षण के कई कार्य कराए जाते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2019 जून में पं.दीनदयाल वर्षा जल संचय डब्ल्यूएचपी चैकडैम योजना के तहत बामौर ब्लॉक के ग्राम बछेह, खरका, परसुआ प्रथम, परसुआ द्वितीय, झबरा एवं कैरोखर में चैकडैम बनाने के लिए 90 लाख रुपये जारी हुए। प्रत्येक चैकडैम पर 15 लाख खर्च होने थे। मार्च माह से पहले यह काम पूरा होना था लेकिन, उस समय तक काम नहीं हुआ। उसके बाद लॉकडॉउन होने से पूरा प्रोजेक्ट ही अटक गया। कायदे से धनराशि खर्च न हो सकने से पूरी रकम वापस कर दी जानी चाहिए लेकिन, भूमि सरंक्षण मैदानी के अफसरों ने कागजों में खेल शुरू कर दिया। चहेते ठेकेदारों की मदद से मनमाने तरीके से आधे-अधूरे काम कराकर पूरी रकम उनके बीच ही बांट दी गई। मामला तब खुला जब मौके पर उप निदेशक भूमि संरक्षण अजीत सचान पहुंचे। उन्होंने जांच-पड़ताल की तब मालूम चलाकि कच्चा काम भी पूरा नहीं हुआ जबकि पक्के काम का भी भुगतान कर दिया गया। प्रोजेक्ट रिपोर्ट में भी आंकड़े भरने में गड़बड़ी पकड़ी गई। गड़बड़ी पकड़ में आने पर उप निदेशक ने भूमि संरक्षण अधिकारी (बीएसए) समेत निष्पादनकर्ता, मापनकर्ता, सत्यापनकर्ता एवं भुगतानकर्ता से कुल 43.69 लाख रुपये वसूली के निर्देश दिए। इसमें परसुआ प्रथम में 9.43 लाख, परसुआ द्वितीय 10.97, खरका 10.69 लाख, एवं बछेह में 12.59 लाख रुपये की वसूली की संस्तुति की गई है। उपनिदेशक के मुताबिक उन्होंने संस्तुति शासन को कर दी है। इनसेट पहले भी विवादों में रह चुकी ईकाई भूमि संरक्षण ईकाई, मैदानी पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी है। पुरैनिया गांव में लाभार्थी चयन को लेकर भी जमकर विवाद हुआ था। इसकी गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने भी शिकायत की थी। जिसमें बीएसए सुधीर कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। अब चैकडैम मामले की भी शिकायत विधायक जवाहर लाल ने की है। वहीं, कई शिकायतें मिलने पर जेडीसी ने भी जांच शुरू की है।
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